मध्य प्रदेश
59 मिनट पहले
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तपती गर्मी से राहत पाने का सपना देख रहे लोगों के लिए मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में एक ऐसा प्राकृतिक ठिकाना मौजूद है, जहां कदम रखते ही गर्मी का अहसास मानो गायब हो जाता है। खंडवा से करीब 95 किलोमीटर की दूरी पर विंध्याचल की पहाड़ियों और घने जंगलों के बीच छिपी यह जगह जयति माता झरने के नाम से जानी जाती है। ऊंचे पहाड़ों से गिरता झरना, चारों तरफ फैली हरियाली और शांत माहौल इसे परिवार तथा दोस्तों के साथ कुछ सुकून भरे पल बिताने के लिए आदर्श बनाते हैं।
प्रकृति, आस्था और रोमांच का संगम
जयति माता झरना उन गिने-चुने स्थानों में शामिल है, जहां प्रकृति, श्रद्धा और रोमांच एक साथ देखने को मिलते हैं। घने जंगलों और पहाड़ियों से घिरा होने के कारण इसकी सुंदरता और भी निखर जाती है। यहां तक पहुंचने के लिए कच्चे रास्तों पर हल्की ट्रेकिंग करनी पड़ती है, और यही वजह है कि यह जगह भीड़भाड़ से दूर एवं खास बनी रहती है। जब साफ पानी चट्टानों से होकर नीचे गिरता है, तो वह दृश्य हर किसी के दिल को छू लेता है।
खास बात यह है कि भीषण गर्मी में भी यहां का पानी ठंडा और ताजगी से भरपूर रहता है। यही कारण है कि लोग यहां नहाने के साथ-साथ फोटो और वीडियो बनाने का भरपूर आनंद उठाते हैं।
झरने के पास जयति माता का मंदिर
झरने के बिल्कुल पास ही जयति माता का मंदिर स्थित है, जहां श्रद्धालु दर्शन के साथ प्राकृतिक सौंदर्य का लुत्फ भी उठाते हैं। झरने के निचले हिस्से में भैरव बाबा का मंदिर है, जहां तक पहुंचने के लिए पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। मंदिर के पीछे एक गुफा भी मौजूद है, जिसमें बैठकर ठंडक और शांति का अनुभव लिया जा सकता है।
नर्मदा क्षेत्र से जुड़ा है यह इलाका
यह स्थान नर्मदा नदी के आसपास के क्षेत्र में आता है, जिसकी वजह से यहां की हरियाली और वातावरण बेहद खास तथा ठंडा बना रहता है। यही प्राकृतिक खूबी इस जगह को बाकी पर्यटन स्थलों से अलग पहचान देती है।
एडवेंचर और ट्रेकिंग का अलग मजा
यहां तक पहुंचने का सफर आसान नहीं है। खंडवा से पुनासा होते हुए इंदिरा सागर बांध को पार करना पड़ता है, और इसके बाद घने जंगलों के बीच से 15–17 किलोमीटर का रास्ता तय करना होता है। यही चुनौतीपूर्ण सफर इस जगह को एडवेंचर पसंद करने वालों के लिए बेहद रोमांचक बना देता है।
क्यों खींची चली आती है भीड़?
गर्मी से राहत और ठंडे झरने का आनंद लेने के लिए यहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। परिवार और दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने के लिहाज से यह जगह बेहद उपयुक्त मानी जाती है। इसके अलावा धार्मिक आस्था और प्रकृति का यह अनोखा मेल भी पर्यटकों को अपनी ओर खींचता है।
यहां घूमकर लौट चुके भावेश पटेल बताते हैं कि झरने के नीचे से भैरव मंदिर तक जाना पड़ता है और वहां पहुंचते-पहुंचते हर कोई झरने के पानी से भीग जाता है। उनके मुताबिक, यहां का शांत माहौल और प्राकृतिक सुकून शहर की भागदौड़ से दूर एक बिल्कुल अलग अनुभव कराता है।
कुल मिलाकर जयति माता झरना खंडवा का एक ऐसा अनछुआ और मनमोहक ठिकाना है, जहां एक बार जाने के बाद हर व्यक्ति दोबारा लौटने का मन जरूर बना लेता है।
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