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एक घंटा पहले
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हेल्दी मालपुआ बनाने का अनोखा तरीका
बरसात का मौसम हो या त्योहार, मालपुआ एक ऐसा पारंपरिक पकवान है जिसे हर कोई शौक से खाना चाहता है। हालांकि, अत्यधिक मीठा और चाशनी वाला होने के कारण कई लोग इसे खाने से बचते हैं। यदि आप भी मिठास के डर से खुद को रोक रहे हैं, तो अब चिंता करने की जरूरत नहीं है। हम आपको एक ऐसी खास रेसिपी बता रहे हैं, जिसमें न तो चीनी इस्तेमाल होगी, न गुड़ और न ही चाशनी। आप अपनी पसंद के अनुसार इसकी मिठास को नियंत्रित कर सकते हैं और इसका बेजोड़ स्वाद ले सकते हैं।
बिना चाशनी के मालपुआ बनाने की विधि
इस रेसिपी को तैयार करने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स का पालन करें:
- पहला स्टेप: सबसे पहले 1 कप गेहूं का आटा लें और उसमें 1 बड़ा चम्मच सूजी मिला दें। स्वाद और खुशबू के लिए इसमें पिसी हुई सौंफ और हरी इलायची डालें। अब इसमें 2 बड़े चम्मच ताजा और कम खट्टा दही मिलाएं। थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर इसका एक चिकना घोल तैयार कर लें।
- दूसरा स्टेप: घोल की कंसिस्टेंसी का विशेष ध्यान रखें। न तो इसे बहुत पतला करना है और न ही बहुत गाढ़ा। सही घोल के लिए इसे मध्यम रखें ताकि पुए न तो बिखरें और न ही बहुत मोटे बनें। अब एक कड़ाही में देसी घी गर्म करें और छोटे व पतले मालपुए डालकर उन्हें क्रिस्पी होने तक तलें।
- तीसरा स्टेप: जब मालपुए हल्के गर्म हों, तभी इन्हें बूरा के ऊपर रखें। आप प्लेट में मालपुए फैलाकर उन पर ऊपर से बूरा छिड़क सकते हैं। मालपुओं को पलटकर दूसरी तरफ भी अच्छी तरह से बूरा लगा लें।
- चौथा स्टेप: इन मालपुओं का असली स्वाद इन्हें गर्मागरम खाने में ही है। ताजे बने मालपुए बाहर से कुरकुरे और अंदर से बेहद नरम होते हैं, जो किसी भी मेहमान के लिए एक बेहतरीन और झटपट मिठाई बन सकते हैं।
क्यों है यह रेसिपी खास
यह विधि पारंपरिक मालपुए का एक सेहतमंद विकल्प है। चूंकि इसमें चाशनी का उपयोग नहीं होता, इसलिए इसे बनाना काफी आसान और कम समय लेने वाला है। बारिश के इस मौसम में चाय या नाश्ते के साथ इन गर्मागरम मालपुओं का आनंद लिया जा सकता है। आप अपने हिसाब से इसमें मिठास कम या ज्यादा भी कर सकते हैं, जिससे यह हर उम्र के व्यक्ति के लिए उपयुक्त हो जाता है।
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