राजस्थान
एक घंटा पहले
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नागौर जिले के खींवसर क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक माहौल लगातार तनावपूर्ण बना हुआ है। पहले खींवसर विधायक रेवंतराम डांगा पर कथित जानलेवा हमले की कोशिश का मामला सामने आया और अब चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बेटे धनंजय सिंह खींवसर को फोन पर मिली धमकी ने पूरे प्रकरण को और गंभीर बना दिया है। एक के बाद एक सामने आ रही इन घटनाओं ने इलाके में राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है।
मंत्री के बेटे को आया धमकी भरा कॉल
मिली जानकारी के मुताबिक धनंजय सिंह खींवसर के पास एक प्राइवेट नंबर से धमकी भरा फोन कॉल आया। कॉल मिलने के तुरंत बाद इसकी सूचना पुलिस को दी गई। इसके बाद खींवसर थाने में इस संबंध में मामला दर्ज कराया गया। शिकायत मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और कॉल करने वाले व्यक्ति की पहचान का प्रयास किया जा रहा है।
प्राइवेट नंबर से की गई थी कॉल
पुलिस सूत्रों के अनुसार धमकी देने वाली कॉल किसी प्राइवेट नंबर से की गई थी, यही कारण है कि शुरुआती चरण में कॉल करने वाले की पहचान करना आसान नहीं माना जा रहा। हालांकि तकनीकी टीमों की मदद से कॉल की लोकेशन और अन्य जानकारियां जुटाई जा रही हैं।
धमकी की जानकारी सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं। इस मामले को महज एक सामान्य कॉल मानकर नहीं चला जा रहा, बल्कि हर पहलू से इसकी पड़ताल की जा रही है। पुलिस का कहना है कि कॉल करने वाले तक पहुंचने के लिए तकनीकी और स्थानीय, दोनों स्तरों पर जांच जारी है।
विधायक पर हमले के बाद बढ़ी चिंता
यह घटनाक्रम ऐसे वक्त सामने आया है जब कुछ दिन पहले ही खींवसर विधायक रेवंतराम डांगा पर कथित हमले का मामला सुर्खियों में था। बताया गया कि गुरुवार देर रात गोविंद टोल नाके के पास एक कैंपर वाहन ने विधायक की फॉर्च्यूनर कार को टक्कर मार दी थी। विधायक पक्ष ने इस घटना को एक सुनियोजित साजिश करार दिया था और आरोप लगाया था कि यह महज सड़क हादसा नहीं, बल्कि हमले की कोशिश थी। घटना के बाद संदिग्ध वाहन मौके से भागने लगे थे।
25 किलोमीटर तक किया पीछा
घटना के बाद विधायक रेवंतराम डांगा और उनके समर्थकों ने संदिग्ध वाहनों का पीछा किया। बताया गया कि करीब 25 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद एक स्कॉर्पियो वाहन को रोक लिया गया था। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में खासी चर्चा बटोरी थी और राजनीतिक माहौल पहले से ही गरमाया हुआ था। अब उसी घटनाक्रम के बाद मंत्री के बेटे को धमकी मिलने की सूचना ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि अब तक पुलिस ने दोनों मामलों के बीच किसी सीधे संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
जांच पर टिकी सबकी निगाहें
फिलहाल खींवसर पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। कॉल करने वाले की पहचान और उसके मकसद को लेकर पड़ताल जारी है, वहीं सुरक्षा एजेंसियां भी हालात पर नजर बनाए हुए हैं। लगातार सामने आ रही घटनाओं के चलते खींवसर एक बार फिर राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में आ गया है। अब सबकी निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं कि धमकी देने वाला आखिर कौन था और इसके पीछे क्या वजह रही। पुलिस का कहना है कि मामले की हर दिशा में जांच की जा रही है और जल्द ही तथ्य सामने लाने का प्रयास किया जाएगा।
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