उत्तर प्रदेश
2 घंटे पहले
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पौधे लगाते हुए तो आपको कई लोग मिल जाएंगे, जो पर्यावरण को बचाना चाहते हैं, लेकिन अधिकतर लोग पौधा लगाने के बाद उसकी देखभाल नहीं कर पाते। इसके उलट पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक अलग ही मिसाल देखने को मिल रही है। यहां की रहने वाली ईहा दीक्षित महज साढ़े चार साल की उम्र से लगातार पौधारोपण कर रही हैं। उनके लगाए गए पौधे अब विशाल पेड़ों में तब्दील हो चुके हैं और पर्यावरण संरक्षण में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
'मन की बात' से मिली प्रेरणा
ईहा दीक्षित ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम के दौरान देशवासियों से पौधारोपण करने की अपील की थी। इसी अपील से प्रेरित होकर उन्होंने अपने अभिभावकों से पौधे लगाने की जिद की और परिवार ने भी उन्हें पूरा सहयोग दिया। तभी से वह निरंतर पौधे लगा रही हैं।
इस काम के लिए उन्होंने रविवार का दिन चुना है और हर सप्ताह पौधारोपण करती हैं। उन्होंने बताया कि जागृति विहार एक्सटेंशन में बड़े क्षेत्र में उन्होंने मियावाकी तकनीक से पौधे रोपे थे, जो अब एक विशाल जंगल का रूप ले रहे हैं।
ईहा का कहना है कि अपने लगाए पौधों को प्रकृति के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते देख उन्हें बहुत खुशी होती है। उन्होंने अपील की कि सभी को इसी तरह पर्यावरण के प्रति सचेत रहना चाहिए, ताकि जो नए बदलाव चिंता का विषय बने हुए हैं, उन्हें दूर किया जा सके।
पीएम मोदी भी कर चुके हैं तारीफ
ईहा दीक्षित की इस लगन को देखते हुए उन्हें अब तक कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं। वर्ष 2019 में उन्हें सबसे कम उम्र में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार भी मिला है। इसके साथ ही उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल समेत कई राजनेताओं से मिलने का अवसर मिल चुका है।
हाल ही में जब प्रधानमंत्री मेरठ में नमो भारत ट्रेन का उद्घाटन करने पहुंचे थे, तब भी ईहा दीक्षित ने छात्र समूह का नेतृत्व किया था और इसी दौरान उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई थी। अब उनकी छोटी बहन भी उनके इस काम में लगातार सहयोग कर रही है।
उल्लेखनीय है कि ईहा दीक्षित को एनसीईआरटी की कक्षा 9 की पुस्तक में एक अध्याय के रूप में भी शामिल किया गया है, ताकि युवा उनसे प्रेरणा ले सकें।
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