एम.कॉम की पढ़ाई छोड़ शुरू की खेती, ढाई एकड़ में बैंगन उगाकर मोनू तिवारी कमा रहे लाखों भारत एक घंटा पहले 2
उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद नौकरी की तलाश करने के बजाय मोनू तिवारी ने खेती को अपना करियर चुना। आज वे ढाई एकड़ भूमि पर ग्राफ्टेड बैंगन की खेती कर बेहतर मुनाफा कमा रहे हैं।

नौकरी की जगह खेती को चुना

आजकल के दौर में जहां युवा बड़ी डिग्री लेने के बाद दफ्तरों में नौकरी तलाशते हैं, वहीं मोनू तिवारी ने एक अलग रास्ता चुना है। एम.कॉम की पढ़ाई पूरी करने वाले मोनू ने पारंपरिक नौकरी को अलविदा कहकर कृषि के क्षेत्र में अपना भविष्य संवारा है। उन्होंने अपनी जमीन का बेहतर इस्तेमाल करते हुए बैंगन की खेती में सफलता की नई कहानी लिखी है।

खेती की वैज्ञानिक तकनीक

मोनू तिवारी ने बताया कि वे लगभग दो से ढाई एकड़ जमीन पर बैंगन की खेती कर रहे हैं। इस सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत और वैज्ञानिक तरीका है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि किस तरह उन्होंने अपनी फसल को तैयार किया है:

  • खेत की तैयारी के लिए सबसे पहले मिट्टी में गोबर की खाद मिलाकर अच्छे से जुताई की गई।
  • खेत को व्यवस्थित करने के लिए बेड तैयार किए गए और इसमें जरूरी बेसल डोज का उपयोग किया गया।
  • इसके बाद विशेष तकनीक से तैयार किए गए ग्राफ्टेड पौधों की रोपाई की गई।

20 हजार पौधों से बंपर पैदावार

वैज्ञानिक पद्धति और सही देखरेख के चलते मोनू तिवारी ने अपने खेतों में कुल 20 हजार ग्राफ्टेड पौधे लगाए हैं। सही समय पर रोपाई और उचित खाद के प्रबंधन की वजह से उनकी फसल काफी अच्छी हो रही है। अपनी मेहनत के बल पर आज वे हर साल लाखों में कमाई कर रहे हैं और अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए हैं।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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