लखीमपुर खीरी के मैगलगंज रसगुल्ले और गुड़ को मिली सरकारी पहचान, एक जनपद एक व्यंजन योजना में हुए शामिल उत्तर प्रदेश एक महीने पहले 71
उत्तर प्रदेश सरकार की एक जनपद एक व्यंजन पहल के तहत लखीमपुर खीरी के प्रसिद्ध रसगुल्लों, खीर मोहन, गुड़ और केले को विशेष दर्जा दिया गया है, जिससे स्थानीय कारोबारियों को आर्थिक सहायता और सब्सिडी मिलेगी।

मैगलगंज के स्वाद को मिला नया मुकाम

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। यहां के पारंपरिक और लोकप्रिय मैगलगंज के रसगुल्ले, खीर मोहन, गुड़ और केले को सरकार की एक जनपद एक व्यंजन योजना में शामिल कर लिया गया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय खाद्य उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है, ताकि जिले की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच मिल सके।

उद्यमियों को मिलेगी आर्थिक मदद

सरकार की इस विशेष योजना के तहत चयनित व्यंजनों से जुड़े उद्योगों को कई तरह की सुविधाएं दी जाएंगी। इनमें मुख्य रूप से आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण, पैकेजिंग और ब्रांडिंग शामिल है। इससे न केवल स्थानीय खाद्य व्यवसाय में तेजी आएगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

मिल सकेगी 50 लाख रुपये तक की सब्सिडी

इस योजना के अंतर्गत खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को स्थापित करने के लिए आकर्षक अनुदान की व्यवस्था की गई है:

  • परियोजना लागत के आधार पर अधिकतम 50 लाख रुपये तक की मार्जिन मनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
  • इकाई के सफलतापूर्वक दो वर्ष तक चलने के बाद यह राशि ऋण खाते में अनुदान के रूप में समायोजित कर दी जाएगी।
  • सामान्य वर्ग के आवेदकों को परियोजना लागत का 10 प्रतिशत अंशदान देना होगा।
  • वहीं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, महिला और दिव्यांग श्रेणी के आवेदकों को केवल 5 प्रतिशत अंशदान ही देना होगा।

आवेदन के लिए जरूरी शर्तें

उपायुक्त उद्योग रूपेश आनंद ने बताया कि 25 लाख रुपये तक की लागत वाली इकाइयों को परियोजना लागत का 25 प्रतिशत या अधिकतम 6.25 लाख रुपये तक की मार्जिन मनी सहायता दी जाएगी। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। इसके लिए किसी न्यूनतम शैक्षिक योग्यता की बाध्यता नहीं रखी गई है। हालांकि, यह लाभ केवल लखीमपुर खीरी के चयनित उत्पादों से जुड़े उद्यमियों को ही मिलेगा, जिन्होंने पहले किसी अन्य सरकारी स्वरोजगार योजना का लाभ नहीं लिया हो।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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