डोनाल्ड ट्रंप का नया टैरिफ दांव, ड्रोन्स पर 100 प्रतिशत तक का भारी शुल्क लागू विश्व एक घंटा पहले 5
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विदेशी ड्रोन्स और उनके कल-पुर्जों के आयात पर कड़े शुल्क का ऐलान किया है, जिससे चीन के साथ ही अमेरिका के कई करीबी सहयोगी देश भी प्रभावित होंगे।

ड्रोन आयात पर ट्रंप का बड़ा फैसला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विदेशी ड्रोन्स और उनके आवश्यक पुर्जों के आयात को लेकर एक सख्त रुख अपनाते हुए नए टैरिफ नियमों का ऐलान किया है। गुरुवार को हस्ताक्षरित इन आदेशों के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कई तरह के ड्रोन पर भारी शुल्क लगा दिया गया है। ट्रंप प्रशासन का यह कदम न केवल व्यापारिक रणनीति के तहत है, बल्कि इसके जरिए अमेरिका की बढ़ती विदेशी निर्भरता को कम करने का प्रयास किया गया है।

टैरिफ की दरें और श्रेणियों का विवरण

नए नियमों के अंतर्गत ड्रोन्स को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है और उन पर अलग-अलग दर से शुल्क वसूला जाएगा:

  • 100 प्रतिशत टैरिफ: राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से अत्यधिक संवेदनशील माने जाने वाले ड्रोन्स पर अब 100 प्रतिशत एड वेलोरम शुल्क लगेगा। इसका सीधा अर्थ यह है कि ड्रोन की कीमत के बराबर ही अतिरिक्त कर चुकाना होगा।
  • 25 प्रतिशत टैरिफ: छोटे आकार के ड्रोन्स पर प्रशासन ने 25 प्रतिशत का टैरिफ तय किया है।
  • सहयोगी देशों के लिए नियम: इस बार के आदेश में अमेरिका के पारंपरिक सहयोगी भी दायरे में हैं। यूरोपीय संघ, जापान, लिकटेंस्टीन, दक्षिण कोरिया, स्विट्जरलैंड और ताइवान से आने वाले ड्रोन्स और उनके पुर्जों पर 15 प्रतिशत शुल्क लगेगा।
  • ब्रिटेन पर शुल्क: ब्रिटेन से आयातित संबंधित उत्पादों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने का निर्णय लिया गया है।

फैसले के पीछे की मुख्य वजह

यह महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक द्वारा किए गए एक गहन आकलन के आधार पर लिया गया है। इस आकलन में पाया गया कि अमेरिकी बाजार में विदेशी ड्रोन निर्माताओं का दबदबा काफी बढ़ गया है, जिससे ड्रोन सिस्टम और उनकी सप्लाई चेन के लिए अमेरिका पूरी तरह से बाहरी स्रोतों पर निर्भर हो गया है। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि यह स्थिति देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा जोखिम है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि अमेरिकी बाजार में विदेशी निर्भरता को अब और अधिक सहन नहीं किया जाएगा।

कब से प्रभावी होगा नया कानून

व्हाइट हाउस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इन नए टैरिफ नियमों को तत्काल प्रभाव से लागू नहीं किया जा रहा है। घोषणा के 21 दिन बाद ये नियम अमल में आएंगे। इस समय सीमा का उद्देश्य विदेशी ड्रोन कंपनियों और अमेरिकी आयातकों को अपनी सप्लाई चेन, बिजनेस मॉडल और कीमतों की रणनीतियों में आवश्यक बदलाव करने का अवसर देना है। आने वाले तीन हफ्तों के भीतर वैश्विक ड्रोन बाजार में हलचल तेज होने की पूरी संभावना है क्योंकि कंपनियां अपने व्यापारिक ढांचे को इन नए शुल्कों के अनुकूल ढालने का प्रयास करेंगी।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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