खान सर के कोचिंग 'खान ग्लोबल स्टडीज' में फायर ऑडिट, मिलीं कई खामियां; सुधार के लिए मिला अंतिम मौका बिहार 58 मिनट पहले 2
पटना स्थित खान सर के कोचिंग सेंटर 'खान ग्लोबल स्टडीज' में फायर सेफ्टी टीम के निरीक्षण में आग से बचाव के कई गंभीर इंतजाम नदारद मिले। विभाग ने संचालक को नियमों का पालन करने के लिए 7 से 10 दिन की अंतिम मोहलत दी है।

पटना: फायरिंग प्रकरण को लेकर पहले से ही मुश्किलों का सामना कर रहे खान सर की परेशानी और बढ़ती दिख रही है। रविवार को पटना में उनके कोचिंग सेंटर 'खान ग्लोबल स्टडीज' पहुंची फायर सेफ्टी डिपार्टमेंट की ऑडिट टीम ने अग्नि सुरक्षा व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया।

इस दौरान संस्थान में आग से बचाव के इंतजाम, इमरजेंसी एग्जिट, अग्निशमन उपकरण और निर्धारित सुरक्षा मानकों की बारीकी से पड़ताल की गई। जांच में कई गंभीर खामियां सामने आईं।

पहले भी हो चुकी है जांच, मिला था 15 दिन का समय

बिहार फायर सर्विस के कमांडेंट रितेश कुमार पांडे ने बताया कि विभाग इससे पहले 25 मई को भी इस संस्थान की जांच कर चुका है। उस वक्त सामने आया था कि यह पांच मंजिला भवन करीब 4000 स्क्वायर मीटर क्षेत्र में फैला है और इसकी ऊंचाई 18 मीटर है। अग्निशमन सेवा अधिनियम की नियमावली के मुताबिक जो सुरक्षा इंतजाम वहां होने चाहिए थे, वे मौजूद नहीं मिले।

कमांडेंट के अनुसार, 31 मई को संस्थान को आधिकारिक नोटिस भेजकर 15 दिन का समय दिया गया था। इसी क्रम में 15 जून की समयसीमा खत्म होने से पहले टीम यह जांचने पहुंची थी कि दिए गए सुझावों पर अमल शुरू हुआ है या नहीं।

निरीक्षण में सामने आईं ये खामियां

  • पांच मंजिला ऊंचे भवन में सिर्फ एक ही सीढ़ी मिली, जिसकी चौड़ाई भी तय मानकों से काफी कम है।
  • इमारत में आग का पता लगाने वाला ऑटोमेटिक डिटेक्शन सिस्टम नहीं पाया गया।
  • विभाग ने पंप हाउस के साथ 1.5 लाख लीटर क्षमता वाले अंडरग्राउंड वॉटर टैंक का सुझाव दिया था, जो मानक के अनुरूप नहीं मिला।

विभाग की सख्त चेतावनी

टीम ने भवन में पर्याप्त संख्या में फायर एक्सटिंग्विशर लगाने के निर्देश दिए हैं। बिहार फायर सर्विस ने कोचिंग संचालक को मानकों का पालन करने के लिए 7 से 10 दिन का अंतिम समय दिया है। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि तय अवधि के बाद पूरी व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी।

अग्निशमन विभाग ने प्रबंधन को एक सप्ताह के भीतर सभी जरूरी सुरक्षा मानक पूरे करने को कहा है। अधिकारियों का कहना है कि रोजाना बड़ी संख्या में छात्र संस्थान में आते हैं, इसलिए अग्नि सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह संस्थान का दूसरा फायर ऑडिट था। पहले निरीक्षण में भी कई सुझाव दिए गए थे, लेकिन अब तक उन पर संतोषजनक तरीके से अमल नहीं हुआ है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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