गाड़ी छोड़कर साइकिल पर निकले शिक्षक मुकेश, घर-घर बांट रहे फिटनेस और पर्यावरण बचाने का अनूठा संदेश राजस्थान एक घंटा पहले 5
भीलवाड़ा के शिक्षक मुकेश साइकिल से घर-घर पहुंचकर लोगों को स्वस्थ दिनचर्या अपनाने और पर्यावरण की रक्षा का संदेश दे रहे हैं। उनकी इस सादगीभरी पहल से प्रेरित होकर कई लोग अब छोटी दूरी के लिए साइकिल चुनने लगे हैं।

स्वस्थ जीवनशैली और पर्यावरण की सुरक्षा का भाव लोगों तक पहुंचाने के लिए शिक्षक मुकेश ने एक प्रेरणादायक मुहिम छेड़ दी है। कार और बाइक को किनारे रखकर उन्होंने साइकिल को अपनी सवारी बनाया है और अब इसी के सहारे वे एक-एक घर तक अपना संदेश ले जा रहे हैं।

साइकिल बनी संदेश का जरिया

मुकेश नियमित रूप से साइकिल चलाकर मोहल्लों और गलियों में पहुंचते हैं और लोगों से सेहतमंद आदतें अपनाने तथा प्रकृति के प्रति सजग रहने की अपील करते हैं। उनका कहना है कि साइकिल चलाना सिर्फ एक शौक नहीं, बल्कि जीवन को बेहतर बनाने का सरल और कारगर तरीका है।

सेहत और पर्यावरण दोनों का फायदा

उनका मानना है कि साइकिल चलाने से जहां शरीर चुस्त और तंदुरुस्त रहता है, वहीं यह ईंधन की खपत घटाकर प्रदूषण रोकने में भी अहम भूमिका निभाती है। उनके अनुसार यह आदत व्यक्ति की सेहत और धरती के पर्यावरण, दोनों के लिए लाभकारी साबित होती है।

चर्चा का विषय बनी पहल

मुकेश की इस अनोखी कोशिश की चर्चा अब विद्यार्थियों, अभिभावकों और आसपास के लोगों के बीच जोरों पर है। उनकी सादगी और लगन को देखकर कई लोग प्रभावित हुए हैं और छोटी दूरियां तय करने के लिए वाहन की जगह साइकिल का इस्तेमाल करने लगे हैं।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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