खेती में बदली हनुमान सिंह की तकदीर, सरकारी मदद से बढ़ी आमदनी राजस्थान एक घंटा पहले 6
खैरथल-तिजारा जिले के किसान हनुमान सिंह ने कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ उठाकर आधुनिक उपकरण खरीदे, जिससे उनकी खेती की लागत कम हुई और मुनाफा बढ़ गया है।

सरकारी योजनाओं का मिला लाभ

खैरथल-तिजारा जिले के कानी गांव के रहने वाले किसान हनुमान सिंह के लिए सरकारी कृषि योजनाएं वरदान साबित हुई हैं। प्रभु दयाल के पुत्र हनुमान सिंह ने कृषि विभाग की ओर से चलाई जा रही योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की और उनके लिए आवेदन किया। समय पर आवेदन और स्वीकृति मिलने के बाद उन्हें कृषि कार्यों के लिए आर्थिक मदद मिली है।

उपकरणों पर मिला अनुदान

हनुमान सिंह को खेती को आधुनिक बनाने के लिए दो प्रमुख मदों में अनुदान प्राप्त हुआ है। इसके तहत:

  • मल्टी क्रॉप थ्रेसर खरीदने के लिए उन्हें 1 लाख रुपये का अनुदान मिला है।
  • सिंचाई पाइपलाइन बिछाने के लिए विभाग से 15 हजार रुपये की सहायता दी गई है।

खर्च में कमी और कमाई में बढ़ोतरी

अनुदान मिलने के बाद अपनी खुशी जाहिर करते हुए हनुमान सिंह ने बताया कि पहले आधुनिक उपकरणों के अभाव में फसल निकालने का खर्च काफी अधिक आता था, जिससे किसान की बचत बहुत कम हो जाती थी। अब आधुनिक यंत्रों की उपलब्धता से खेती की लागत में कमी आई है और सीधा असर उनके मुनाफे पर पड़ा है। किसान ने बताया कि खेती अब पहले से कहीं अधिक लाभकारी हो गई है।

अन्य किसानों से की अपील

हनुमान सिंह ने इस बदलाव के लिए राज्य सरकार और कृषि विभाग का आभार जताया है। उनका मानना है कि ग्रामीण क्षेत्र के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में ये योजनाएं बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने अन्य किसानों से भी यह अपील की है कि वे कृषि विभाग से संपर्क करें और विभागीय योजनाओं के बारे में जानकारी लेकर उनका लाभ उठाएं।

विभाग का प्रयास

स्थानीय कृषि अधिकारियों के अनुसार, जिले के किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने और उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसानों को समय-समय पर नई तकनीकों, उन्नत बीजों और सरकारी अनुदानों के बारे में जागरूक किया जाता है, ताकि वे कृषि के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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