राजस्थान
54 मिनट पहले
2
विचारों
राजस्थान जैसे रेतीले इलाके में सोलर पैनलों पर लगातार जमती धूल बिजली उत्पादन की राह में बड़ी अड़चन बनती रही है। इसी परेशानी का तोड़ निकालने के लिए जोधपुर में विकसित किए जा रहे मॉड्यूल क्लीनिंग रोबोट अब तेजी से चलन में आ रहे हैं और लोगों के बीच इनकी मांग बढ़ रही है।
बिना पानी के सफाई की तकनीक
सोलर एक्सपर्ट ओंकार सिंह राजपुरोहित के मुताबिक ये रोबोट पानी के बगैर ड्राई क्लीनिंग के जरिए पैनलों को साफ करते हैं। इस तरीके से जहां पानी की बड़ी बचत होती है, वहीं पैनलों की बिजली उत्पादन क्षमता में भी इजाफा होता है।
बड़े प्रोजेक्ट्स में घट रही मजदूरों की जरूरत
बड़े सोलर प्रोजेक्ट्स में यह तकनीक मैनपावर की आवश्यकता को काफी कम कर रही है। पहले जहां सफाई के लिए बड़ी संख्या में कर्मचारियों की दरकार होती थी, अब रोबोट यह काम आसानी से संभाल रहे हैं।
ऑटोमेटेड सिस्टम से आसान हुआ रखरखाव
ऑटोमेटेड सिस्टम तय समय पर सफाई का काम पूरा करता है, जिससे पैनलों का रखरखाव न सिर्फ सरल बल्कि कहीं अधिक प्रभावी बन गया है। यही वजह है कि रेगिस्तानी क्षेत्र में सौर ऊर्जा से जुड़े कामकाज के लिए यह तकनीक एक बेहतर विकल्प के रूप में उभर रही है।
Comments
0 comment