गर्मी में पौधों को रखना है हरा-भरा, तो पानी के साथ दें यह घरेलू खाद, जानें बनाने और इस्तेमाल का तरीका जीवनशैली एक महीने पहले 24
केले के छिलके और चाय की पत्ती से घर पर ही जैविक तरल खाद तैयार की जा सकती है। इसे पतला करके हफ्ते में 1 से 2 बार देने पर मिट्टी में नमी और पोषण बना रहता है और पौधे गर्मी भर हरे-भरे रहते हैं।

गर्मी के मौसम में पौधों की देखभाल करना हर किसी के लिए थोड़ा मुश्किल भरा काम बन जाता है। तेज धूप, बढ़ते तापमान और मिट्टी में नमी की कमी की वजह से पौधे जल्दी मुरझाने लगते हैं। ऐसे हालात में सिर्फ पानी देना काफी नहीं होता, बल्कि पौधों को कुछ अतिरिक्त पोषण देने की भी जरूरत पड़ती है। अगर आप पानी के साथ एक खास घरेलू खाद का इस्तेमाल करें, तो पूरी गर्मी आपके पौधे हरे-भरे और स्वस्थ बने रह सकते हैं।

कौन-सी खाद है सबसे असरदार

गर्मियों के लिए सबसे प्रभावी और आसान विकल्प जैविक तरल खाद यानी लिक्विड फर्टिलाइज़र है, जिसे घर पर बहुत सरलता से तैयार किया जा सकता है। इसमें खासतौर पर केले के छिलके, चाय की पत्ती और रसोई का बचा हुआ कचरा बेहद उपयोगी साबित होता है।

खाद बनाने का तरीका

इस खाद को तैयार करने के लिए ज्यादा मेहनत की जरूरत नहीं पड़ती और इसका तरीका आसानी से अपनाया जा सकता है। सबसे पहले केले के छिलके इकट्ठा कर लें और उन्हें छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। इन टुकड़ों को एक बोतल या बाल्टी में डालें। इसके बाद इसमें 1-2 लीटर पानी मिलाकर 2-3 दिन के लिए ढककर रख दें। जब पानी का रंग हल्का भूरा या गाढ़ा दिखने लगे, तो समझ जाइए कि खाद बनकर तैयार है। इस्तेमाल से पहले इस घोल को 1:2 के अनुपात में पानी मिलाकर पतला कर लें।

इसी तरह, उबली हुई चाय की पत्तियों को धोकर और पानी में भिगोकर भी प्राकृतिक खाद बनाई जा सकती है।

इस्तेमाल करने का सही तरीका

इस खाद को हफ्ते में 1-2 बार पौधों में डालें। इसका इस्तेमाल हमेशा सुबह या शाम के समय ही करें, ताकि तेज धूप में पौधों को कोई नुकसान न पहुंचे। खाद को सीधे जड़ों में डालें और पत्तियों पर ज्यादा गिराने से बचें। हर बार सामान्य पानी देने के बजाय बीच-बीच में इस खाद का प्रयोग करते रहें।

इस खाद के फायदे

  • पौधों को भरपूर पोषण: केले के छिलके में पोटैशियम और फॉस्फोरस अच्छी मात्रा में होता है, जो पौधों की वृद्धि में मदद करता है।
  • मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार: जैविक खाद मिट्टी को उपजाऊ बनाती है।
  • पौधे जल्दी नहीं सूखते: यह खाद मिट्टी में नमी बनाए रखने में सहायक होती है।
  • पर्यावरण के अनुकूल: यह पूरी तरह प्राकृतिक और रसायन मुक्त होती है।

कुछ अतिरिक्त सुझाव

  • गर्मियों में पौधों को हमेशा छायादार जगह पर रखें।
  • मल्चिंग यानी सूखी पत्तियों या घास का इस्तेमाल करें, जिससे मिट्टी की नमी बनी रहे।
  • रोजाना जरूरत से ज्यादा पानी देने से बचें और जरूरत के मुताबिक ही पानी दें।
प्रिया नायर पाबना की लाइफस्टाइल एवं फैशन एडिटर हैं, जो फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल ट्रेंड्स कवर करती हैं। रिश्तों, संस्कृति और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर भी वे लिखती हैं। उनका लेखन आधुनिक और भारतीय जीवनशैली का संतुलन पेश करता है।

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