बिहार का वह बेटा जिसने IAS बनने के बाद दो बार माउंट एवरेस्ट पर फहराया तिरंगा करियर 2 घंटे पहले 2
उत्तर प्रदेश कैडर के IAS अधिकारी रविंद्र कुमार ने प्रशासनिक सेवा के साथ-साथ पर्वतारोहण और जल संरक्षण में भी अलग पहचान बनाई है। दो बार एवरेस्ट पर तिरंगा लहराने वाले इस अधिकारी को अब देश के 25 सर्वश्रेष्ठ जिलाधिकारियों की सूची में शामिल किया गया है।

हर अधिकारी अपनी अलग छाप छोड़ता है। कुछ अपने पद के कारण जाने जाते हैं, तो कुछ अपने काम और जज्बे से एक अलग मुकाम हासिल करते हैं। उत्तर प्रदेश कैडर के IAS अधिकारी रविंद्र कुमार उन्हीं चुनिंदा अफसरों में गिने जाते हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत और हौसले से नई मिसाल पेश की है।

बिहार से सिविल सेवा तक का सफर

बिहार की धरती से निकलकर रविंद्र कुमार ने देश की प्रतिष्ठित सिविल सेवा तक का सफर तय किया। उन्होंने न केवल अपनी प्रशासनिक जिम्मेदारियों को सफलता के साथ निभाया, बल्कि कई ऐसे क्षेत्रों में भी काम किया, जो आमतौर पर एक अधिकारी की रोजमर्रा की भूमिका से अलग माने जाते हैं।

जल संरक्षण और नदी पुनर्जीवन में योगदान

रविंद्र कुमार की पहचान सिर्फ प्रशासनिक कार्यों तक सीमित नहीं रही। जल संरक्षण और नदियों के पुनर्जीवन जैसे अहम क्षेत्रों में भी उन्होंने उल्लेखनीय कार्य किए और इन प्रयासों के जरिए एक उदाहरण कायम किया।

दो बार एवरेस्ट पर लहराया तिरंगा

इस अधिकारी की सबसे खास उपलब्धि है दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराना। रविंद्र कुमार ने दो बार माउंट एवरेस्ट पर भारत का राष्ट्रीय ध्वज लहराकर अपने साहस और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया।

देश के 25 सर्वश्रेष्ठ जिलाधिकारियों में शामिल

अपनी निरंतर मेहनत और बेहतरीन कार्यशैली के चलते रविंद्र कुमार को अब देश के 25 सर्वश्रेष्ठ जिलाधिकारियों की सूची में स्थान मिला है। इस उपलब्धि के बाद वे एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गए हैं।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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