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एक घंटा पहले
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सफलता की एक और बड़ी कहानी
बिहार लोक सेवा आयोग ने अपनी 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा का फाइनल परिणाम घोषित कर दिया है। इस परीक्षा में छपरा के रहने वाले शशांक गौरव ने दूसरी रैंक प्राप्त कर अपने जिले और परिवार का नाम रोशन किया है। शशांक की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि वे इससे पहले ही एक प्रतिष्ठित सरकारी सेवा में कार्यरत हैं।
CAPF से SDM तक का सफर
शशांक गौरव की शैक्षणिक यात्रा काफी प्रेरणादायक रही है। उन्होंने वर्ष 2025 में यूपीएससी के माध्यम से CAPF असिस्टेंट कमांडेंट की परीक्षा उत्तीर्ण की थी, जिसमें उन्होंने 57वीं रैंक हासिल की थी। उस समय उनका लक्ष्य सीआईएसएफ में अपनी सेवाएं देना था, लेकिन उन्होंने अपनी तैयारी को जारी रखा और अब BPSC 70th परीक्षा में सफलता का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वे अब बिहार में SDM के रूप में अपनी सेवाएं देंगे।
साधारण परिवार से निकला प्रतिभाशाली युवा
शशांक गौरव के पिता का नाम सुभाष ओझा है और उनका परिवार छपरा के भगवान बाजार स्थित बैंक कॉलोनी में रहता है। शशांक ने अपनी स्कूली शिक्षा छपरा के ही एक निजी स्कूल से पूरी की है। वे बचपन से ही मेधावी थे और हमेशा सिविल सेवा के अपने लक्ष्य के प्रति बेहद गंभीर रहे।
अन्य युवाओं के लिए मिसाल
शशांक की यह सफलता उन लाखों युवाओं के लिए एक बड़ा उदाहरण है जो सरकारी नौकरी के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि यदि निरंतरता बनाए रखी जाए, तो बड़ी से बड़ी परीक्षाओं में सफलता पाई जा सकती है। CAPF जैसे प्रतिष्ठित पद पर चयन होने के बावजूद, उन्होंने रुकने के बजाय बीपीएससी की परीक्षा में भाग लिया और दूसरी रैंक हासिल करके अपनी योग्यता को सिद्ध किया।
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