उपनाम: छपरा
छपरा में खेती का कमाल, बंजर पड़ी जमीन पर लहलहाई मखाने की फसल
छपरा के जलालपुर में अनुपयोगी मानी जाने वाली जमीन पर मखाने की सफल खेती का ट्रायल पूरा हो गया है। कृषि विशेषज्ञों की सलाह पर की गई इस नई पहल से किसानों को अच्छी कमाई और स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
पशुपालकों के लिए वरदान है नेपियर घास, गन्ने जैसी खेती से सालभर मिलेगा हरा चारा और बढ़ेगा दूध
छपरा के एक किसान ने नेपियर घास की खेती अपनाकर न केवल पशुओं के चारे का खर्च घटाया है, बल्कि दुधारू गायों के स्वास्थ्य और दूध उत्पादन में भी शानदार बढ़ोतरी दर्ज की है।
छपरा के किसान की अनूठी पहल, खेतों की मेड़ पर उगा दी शानदार मौसमी
बिहार के छपरा जिले के एक किसान ने पारंपरिक खेती से हटकर मौसमी की बागवानी में सफलता पाई है। कृषि विज्ञान केंद्र से प्रशिक्षण लेकर उन्होंने अपने खेत की मेड़ पर मौसमी के पौधे लगाए, जो अब बंपर पैदावार दे रहे हैं।
छपरा के एकमा में राजेश के 5 फ्लेवर वाले पकौड़ों की धूम, 3 खास चटनियों के साथ मिलता है लाजवाब स्वाद
छपरा-सिवान मार्ग पर स्थित एकमा बाजार में राजेश पिछले 10 सालों से अपने हाथ से बने मसालों और शुद्ध बेसन से तैयार 5 तरह के पकौड़े परोस रहे हैं, जिसे लोग बेहद पसंद करते हैं।
छपरा का मशहूर पेड़ा: शुद्धता और स्वाद का ऐसा जादू कि सऊदी अरब तक है भारी डिमांड
बिहार के छपरा जिले के देवरिया बाजार में तैयार होने वाले विशेष पेड़े ने अपनी शुद्धता और लाजवाब स्वाद के दम पर अंतरराष्ट्रीय पहचान बना ली है।
छपरा के नरेंद्र सिंह ने अपनी छत को बनाया हरा-भरा बगीचा, उगाए हजारों औषधीय और फलदार पौधे
अगर आपके पास बागवानी के लिए जमीन की कमी है, तो छपरा के नरेंद्र सिंह का मॉडल आपके लिए एक बेहतरीन प्रेरणा है। उन्होंने अपनी छत को ही फलों, फूलों और औषधीय पौधों से लदा एक विशाल बगीचा बना दिया है।
छपरा के किसान ऑर्गेनिक खेती से बदल रहे किस्मत, लौकी और करेला की उपज से कमा रहे तगड़ा मुनाफा
बिहार के छपरा जिले में किसान पारंपरिक फसलों को छोड़कर ऑर्गेनिक तरीके से नकदी फसलों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे उन्हें प्रति एकड़ 20 से 30 हजार रुपये तक की मासिक आमदनी हो रही है।
अगर घर में नहीं है खेती की जमीन, तो छत पर उगाएं फल और सब्जियां, छपरा के नरेंद्र सिंह से सीखें बागवानी का हुनर
छपरा के रहने वाले नरेंद्र सिंह ने साबित कर दिया है कि बागवानी के लिए जमीन का होना जरूरी नहीं है। उन्होंने अपनी छत पर ही हजारों औषधीय और फलदार पौधे लगाकर एक अनूठा उदाहरण पेश किया है।
छपरा के युवा हमीद कमाल का कमाल, खुद बना रहे आटा मिल मशीनें, राजस्थान और यूपी तक है भारी डिमांड
बिहार के छपरा जिले के रहने वाले युवा उद्यमी हमीद कमाल ने कम उम्र में ही स्वरोजगार की एक नई मिसाल पेश की है। वे अपने गांव में ही आटा मिल मशीनें तैयार कर रहे हैं, जिनकी मांग राजस्थान और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में है।
यूट्यूब से मिली सीख और छपरा के किसान ने बदली किस्मत, केले की खेती से हो रही मोटी कमाई
बिहार के छपरा जिले में किसान पारंपरिक फसलों को छोड़कर अब केले की बागवानी की तरफ रुख कर रहे हैं, जहां उन्हें गेहूं और धान से कहीं अधिक मुनाफा मिल रहा है।
छपरा के किसान सत्यनारायण यादव का कमाल: खेती को बना दिया चलता-फिरता एटीएम, रोजाना हो रही है बंपर कमाई
बिहार के छपरा जिले के प्रगतिशील किसान सत्यनारायण यादव ने जैविक खेती के जरिए सफलता की मिसाल पेश की है। वे रासायनिक खाद को छोड़कर खुद खाद तैयार कर रहे हैं और रोजाना लौकी की बिक्री से हर महीने हजारों रुपये कमा रहे हैं।
खेती का शानदार मॉडल: एक ही खेत से कई गुना कमाई का जरिया, अपनाएं यह अनोखा तरीका
छपरा के किसान अब एक ही खेत में एक साथ कई फसलें उगाकर अपनी आय को दोगुना और तिगुना कर रहे हैं। कृषि वैज्ञानिकों द्वारा बताए गए जैविक खेती के इस तरीके से लागत कम और उत्पादन अधिक हो रहा है।
छपरा के किसान अब घर पर बना रहे जैविक खाद और दवा, खेती की लागत में आई भारी कमी
बिहार के छपरा में कृषि वैज्ञानिकों की मदद से किसान खुद ही जैविक खाद और कीटनाशक तैयार कर रहे हैं, जिससे खेती का खर्च आधा हो गया है।
छपरा में करेले की खेती का जलवा, जानिए क्यों दूर-दूर से आते हैं व्यापारी
बिहार के छपरा जिले के मांझी क्षेत्र में किसान विशेष प्रकार की करेले की खेती कर मालामाल हो रहे हैं। यहाँ अपनाई जाने वाली मचान विधि और नंदिता किस्म के करेले की जबरदस्त मांग है।
कुंदरी की खेती से बदली छपरा के किसान की तकदीर, मचान विधि का कमाल और जबरदस्त मुनाफा
बिहार के छपरा जिले के एक किसान ने मचान तकनीक अपनाकर कुंदरी और लौकी की खेती में बड़ी सफलता हासिल की है। जैविक खेती के जरिए वे कम लागत में लगातार बंपर कमाई कर रहे हैं और दूसरे किसानों के लिए प्रेरणा बने हैं।