झारखंड
एक घंटा पहले
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विचारों
आज के दौर में सोशल मीडिया केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रह गया है। यह अपने हुनर को पहचान दिलाने और कारोबार खड़ा करने का एक बड़ा मंच बन चुका है। जहां बहुत से लोग इस पर घंटों समय बिताते हैं, वहीं कुछ लोग इसी माध्यम से अपनी अलग छाप छोड़ रहे हैं। ऐसी ही एक मिसाल हैं जमशेदपुर की रहने वाली जैस्मिन गुड़िया, जिन्होंने अपने तीन दोस्तों के साथ मिलकर हैंडमेड फैशन और क्राफ्ट की दुनिया में एक नई और अनोखी शुरुआत की है।
परंपरा और आधुनिकता का मेल
जैस्मिन और उनकी टीम ने मिलकर 'हैंडमेड एक्सेसरीज' नाम से एक खास प्लेटफॉर्म तैयार किया है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां आधुनिक डिजाइनों को पारंपरिक और स्थानीय कला के साथ जोड़कर नए अंदाज में पेश किया जाता है। टीम का मकसद केवल फैशन प्रोडक्ट बेचना नहीं, बल्कि झारखंड की कला और संस्कृति को नए रूप में लोगों तक पहुंचाना भी है।
पूरी तरह हाथ से तैयार प्रोडक्ट
इस टीम के बनाए गए सभी उत्पाद पूरी तरह हैंडमेड होते हैं। इनमें फैब्रिक और ऑक्सिडाइज मटेरियल से बनी ज्वेलरी लोगों को खूब भा रही है। इसके अलावा टीम एंब्रॉयडरी और बीड वर्क के जरिए हर प्रोडक्ट को खास और आकर्षक बनाने की कोशिश करती है। एक दिलचस्प बात यह भी है कि प्रोडक्ट बनाने की पूरी प्रक्रिया के वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए जाते हैं, जिससे लोग उनके काम को नजदीक से देख पाते हैं।
ज्वेलरी से आगे की रेंज
जैस्मिन की टीम सिर्फ ज्वेलरी तक सीमित नहीं है। वे ब्रेसलेट, एंकलेट और इन दिनों चलन में रही एआई डिजाइन से प्रेरित फिंगर रिंग भी बना रही हैं। इसके साथ ही उनके बनाए शर्ट और बैग में झारखंड की पारंपरिक कला और स्थानीय पहचान की झलक नजर आती है। यही कारण है कि उनके डिजाइन युवाओं के बीच तेजी से पसंद किए जा रहे हैं।
वुडन क्राफ्ट और फोन चार्म्स पर भी काम
टीम वुडन क्राफ्ट और फोन चार्म्स जैसे उत्पादों पर भी काम कर रही है, जो आज के समय में काफी ट्रेंड में हैं। हर प्रोडक्ट में हाथों की मेहनत और रचनात्मकता साफ झलकती है, जिससे ग्राहकों को एक अलग ही अनुभव मिलता है।
देशभर में पहुंच रहे उत्पाद
सबसे अहम बात यह है कि यह टीम केवल जमशेदपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे भारत में अपने प्रोडक्ट की डिलीवरी कर रही है। जो लोग इन हैंडमेड और ट्रेडिशनल टच वाले डिजाइन को खरीदना चाहते हैं, वे संपर्क कर ऑर्डर दे सकते हैं। जैस्मिन और उनकी टीम यह साबित कर रही है कि अगर सोच नई हो और मेहनत लगातार बनी रहे, तो सोशल मीडिया से भी एक बड़ी पहचान बनाई जा सकती है।
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