लाल नहीं, अब पीले तरबूज की बढ़ रही है धूम, सेहत के लिए है बेहद गुणकारी जीवनशैली 2 महीने पहले 46
गया में किसान अब पीले तरबूज की खेती कर रहे हैं, जो लाल तरबूज से न केवल अधिक मुनाफे वाला है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी वरदान माना जाता है।

पीले तरबूज की खेती का नया दौर

बाजार में अब तक आपने लाल तरबूज का लुत्फ तो उठाया ही होगा, लेकिन अब देश के कई हिस्सों में पीले तरबूज की मांग और लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। बिहार के गया जिले के चंदौती गांव के किसान धर्मेंद्र कुमार ने पहली बार एक एकड़ भूमि पर पीले तरबूज की आरोही प्रजाति की खेती की है। यह प्रयोग न केवल सफल रहा है, बल्कि अन्य किसानों के लिए भी मुनाफे का एक नया रास्ता खोल रहा है।

सेहत के लिए गुणों की खान

लाल तरबूज के मुकाबले पीला तरबूज पोषक तत्वों के मामले में कहीं अधिक समृद्ध माना जाता है। गर्मी के मौसम में यह शरीर के लिए किसी रामबाण से कम नहीं है। तरबूज का 90 प्रतिशत हिस्सा पानी से बना होता है, जो तपती गर्मी के बीच शरीर को डिहाइड्रेशन यानी पानी की कमी से बचाता है।

हृदय और पाचन में मददगार

इस खास तरबूज में लाइकोपीन और सिट्रुलिन जैसे महत्वपूर्ण तत्व मौजूद होते हैं, जो रक्तचाप को नियंत्रित करने और हृदय को स्वस्थ रखने में विशेष भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा, इसमें मौजूद भरपूर फाइबर पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है। वहीं, विटामिन सी की मौजूदगी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी को भी मजबूत बनाती है।

त्वचा और आंखों के लिए भी फायदेमंद

पीले तरबूज में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स न केवल त्वचा में प्राकृतिक चमक बनाए रखने में मदद करते हैं, बल्कि आंखों की रोशनी के लिए भी बहुत लाभकारी माने गए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी मानते हैं कि गर्मी के दिनों में इस फल का सेवन शरीर को भीतर से तरोताजा रखने के लिए एक बेहतरीन विकल्प है।

डॉ. आलोक मिश्रा पाबना के स्वास्थ्य संवाददाता हैं और चिकित्सा, बीमारियों तथा वेलनेस से जुड़ी खबरों को प्रामाणिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाते हैं। नई रिसर्च, इलाज और रोकथाम पर वे विशेषज्ञों के हवाले से सटीक जानकारी देते हैं। उनका जोर भरोसेमंद और जिम्मेदार स्वास्थ्य पत्रकारिता पर है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप