जीवनशैली
3 घंटे पहले
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विचारों
मौसम के बदलाव का पाचन पर असर
आयुर्वेद के सिद्धांतों के अनुसार, जब भी मौसम में बदलाव आता है तो हमारे शरीर का पाचन तंत्र बेहद नाजुक स्थिति में होता है। इस दौरान खान-पान में की गई छोटी सी लापरवाही पेट से जुड़ी कई समस्याओं को जन्म दे सकती है। ज्यादातर लोग मौसम के बदलने के दौरान अपने आहार में बदलाव नहीं करते, जिसका परिणाम गैस, बदहजमी, पेट में भारीपन और शरीर में लगातार सुस्ती महसूस होने के रूप में सामने आता है।
क्या खाएं और क्या न खाएं
ऋषिकेश के आयुष चिकित्सक डॉ. राजकुमार के अनुसार, मौसम के इस संक्रमण काल में अपनी थाली को संतुलित रखना बहुत जरूरी है। विशेषज्ञ निम्नलिखित सुझाव देते हैं:
- अपने भोजन में मूंग की दाल, दलिया और खिचड़ी जैसी सुपाच्य चीजों को शामिल करें।
- हल्की सब्जियों और साधारण दाल का सेवन करना पाचन के लिए बेहतर रहता है।
- ताजा और हल्का बना हुआ भोजन ही शरीर को आसानी से पचता है।
- अपनी डाइट में मौसमी फलों को जरूर जगह दें, क्योंकि ये सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं।
पानी के सेवन का सही तरीका
बरसात के मौसम में सिर्फ ठोस आहार ही नहीं, बल्कि पीने के पानी पर भी ध्यान देना आवश्यक है। इस दौरान बहुत ज्यादा ठंडा पानी पीने से बचना चाहिए। इसके बजाय सामान्य तापमान वाला पानी या हल्का गुनगुना पानी पीना सेहत की दृष्टि से अधिक गुणकारी माना गया है। भारी और गरिष्ठ भोजन जैसे पनीर या मांसाहारी व्यंजनों का इस समय बहुत सावधानी से सेवन करना चाहिए या उनसे बचाव करना ही बेहतर होता है।
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