एक मिनट में तैयार, स्वाद में कोल्ड-ड्रिंक को भी मात! बघेलखंड का यह देसी बेल शरबत बना सबकी पसंद, पेट से लेकर कोलेस्ट्रॉल तक फायदे जीवनशैली एक घंटा पहले 2
बघेलखंड का पारंपरिक बेल शरबत पूरी तरह केमिकल-फ्री और 100% प्राकृतिक है, जिसे बनाने में सिर्फ एक मिनट लगता है। यह देसी पेय पाचन सुधारने से लेकर कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर नियंत्रित रखने तक कई फायदे देता है।

बाजार में मिलने वाले रंग-बिरंगे कोल्ड ड्रिंक्स और पैकेज्ड जूस के दौर में बघेलखंड का पारंपरिक बेल शरबत एक बार फिर लोगों की पसंद बनता जा रहा है। स्वाद और सेहत के बेहतरीन मेल के तौर पर पहचाने जाने वाला यह देसी ड्रिंक शरीर को तरोताजा रखने के साथ-साथ कई स्वास्थ्य समस्याओं में भी राहत देने वाला माना जाता है। खास बात यह है कि इसे बनाने में न ज्यादा समय लगता है और न ही मेहनत। महज दो आसान चरणों में तैयार होने वाला बेल का जूस आज गांवों से लेकर शहरों तक लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन रहा है।

आधुनिक जीवनशैली में जहां लोग पैक्ड और प्रिजर्वेटिव वाले जूस की ओर भाग रहे हैं, वहीं बघेलखंड का यह पारंपरिक बेल शरबत पूरी तरह केमिकल-फ्री और 100% प्राकृतिक है। सबसे अच्छी बात यह है कि इसे तैयार करने में सिर्फ एक मिनट का समय लगता है, जिसकी वजह से कामकाजी लोग भी इसे आसानी से अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।

एक मिनट में बनकर तैयार

पिछले 20 वर्षों से होम्योपैथिक फिजीशियन के तौर पर प्रैक्टिस कर रहीं डॉ. शशि द्विवेदी का कहना है कि बाजार में भले ही कई तरह की ड्रिंक्स मौजूद हैं, लेकिन उनमें मिले कृत्रिम तत्व सेहत के लिए उतने फायदेमंद नहीं होते। ऐसे में बेल का शरबत एक प्राकृतिक और बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।

इसे बनाने के लिए सबसे पहले बेल फल को बीच से दो हिस्सों में काट लें। इसके बाद उसके भीतर मौजूद गूदे को निकालकर छलनी में अच्छी तरह दबाएं और रस अलग कर लें। बस इतना करते ही बेल का जूस तैयार हो जाता है।

शुगर के मरीज भी कर सकते हैं सेवन

बेल में प्राकृतिक रूप से मिठास होती है, इसलिए शुगर के मरीज चाहें तो बिना अतिरिक्त चीनी मिलाए भी इसका सेवन कर सकते हैं। वहीं सामान्य लोग अपने स्वाद के अनुसार इसमें चीनी या गुड़ मिला सकते हैं। यह पेय स्वादिष्ट होने के साथ-साथ शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व भी उपलब्ध कराता है।

आयुर्वेद में भी बेल को बेहद अहम फल माना गया है। इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर, विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। इसके अलावा कैल्शियम और पोटेशियम जैसे जरूरी तत्व भी इसमें मौजूद रहते हैं। यही वजह है कि इसे पोषण से भरपूर फल कहा जाता है। नियमित रूप से सीमित मात्रा में इसका सेवन शरीर की कई जरूरतें पूरी करने में मदद कर सकता है।

पाचन से लेकर हाइड्रेशन तक राहत

विशेषज्ञों का कहना है कि बेल का शरबत पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मददगार होता है। कब्ज, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याओं से परेशान लोगों के लिए यह काफी लाभकारी माना जाता है। साथ ही यह शरीर में पानी का संतुलन बनाए रखने में भी सहायक है। इसके अलावा यह कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद करता है, जबकि बेल में मौजूद प्राकृतिक गुण शरीर को अंदर से स्वस्थ रखने का काम करते हैं।

बेल शरबत के फायदे सिर्फ पेट तक सीमित नहीं हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, इसके नियमित सेवन से त्वचा में प्राकृतिक निखार बना रहता है और जोड़ों के दर्द की शिकायत में भी राहत मिल सकती है। यही कारण है कि आज भी बघेलखंड के कई घरों में बेल का शरबत पारंपरिक हेल्दी ड्रिंक के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!