एनकाउंटर कैसे होता है, मुझे अच्छी तरह पता है — कमलेश बिंद मामले में मंत्री संजय निषाद ने अपनी ही पुलिस को घेरा उत्तर प्रदेश 4 महीने पहले 68
गाजीपुर में कमलेश बिंद के एनकाउंटर पर योगी सरकार के मंत्री और निषाद पार्टी अध्यक्ष संजय निषाद ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं और सपा सांसद डिंपल यादव के सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि अदालत से फांसी की सजा भी हो सकती थी।

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने गाजीपुर के कमलेश बिंद हत्याकांड को लेकर अपनी ही सरकार की पुलिस पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने इस एनकाउंटर की कार्रवाई पर खुलकर असंतोष जताया और कहा कि उन्हें भलीभांति पता है कि पुलिस किस तरह एनकाउंटर करती है।

पुलिस की कार्रवाई पर मंत्री का सीधा हमला

कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने कहा कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती। उनके अनुसार अगर कमलेश बिंद ने कोई अपराध किया था तो उसका फैसला कानून को करना चाहिए था। उन्होंने दो टूक कहा कि वे गाजीपुर पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं।

मंत्री ने सवाल उठाया कि आखिर यह एनकाउंटर किन परिस्थितियों में किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार के सामने पकड़कर पीटने के बाद एनकाउंटर किया गया। उनका कहना था कि अदालत भी फांसी की सजा सुना सकती थी।

रासुका और आंदोलन के अधिकार पर सवाल

संजय निषाद ने पूछा कि सामाजिक विरोध को लेकर पहले से इनपुट क्यों नहीं मिला। उन्होंने कहा कि आंदोलन करना हर किसी का अधिकार है, लेकिन पुलिस सभी पर रासुका लगाकर डराने का काम कर रही है। उन्होंने तीखे लहजे में कहा कि अगर रासुका ही लगाना है तो गाजीपुर पुलिस पहले उन पर लगाए।

मंत्री ने सवाल किया कि समाज के आंदोलन पर रासुका लगाने का आखिर क्या मतलब है। उन्होंने कहा कि निषाद और बिंद जैसे कमजोर वर्ग के साथ कब तक अन्याय होता रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर वे गाजीपुर पुलिस के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे और यह पूरा मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने भी रखेंगे।

अधिकारियों पर पक्षपात का आरोप

संजय निषाद ने बताया कि पूर्व में भी पुलिस ने द्वेष की भावना से उनका उत्पीड़न किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कई अधिकारी हाथी, पंजा और साइकिल के समर्थक हैं और ऐसे अधिकारी सरकार की छवि को धूमिल कर रहे हैं। उनकी मांग थी कि ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

मंत्री ने यह भी कहा कि कई अपराधी अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं और अब तक मुख्य आरोपी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी अगड़ों और पिछड़ों को आपस में लड़ाने का काम कर रहे हैं।

समाज के साथ खड़े रहने का दावा

संजय निषाद ने कहा कि वे हमेशा अपने समाज के साथ खड़े रहेंगे और जरूरत पड़ने पर समाज के लिए खुद आंदोलन करेंगे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि महिलाओं पर तो रासुका लगाया जा रहा है जबकि अपराधी बाहर घूम रहे हैं और अधिकारी ही मतदाताओं के खिलाफ काम कर रहे हैं। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि एसपी खुद यह नहीं बता पाए कि वह कितना बड़ा अपराधी था।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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