मध्य प्रदेश
एक घंटा पहले
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ग्वालियर जिले के डबरा में सामने आए 49 लाख रुपए की कथित लूट के मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया, जब पुलिस की जांच में खुद को पीड़ित बताने वाली गर्भवती महिला ही साजिश की मास्टरमाइंड साबित हुई। महज दो दिन की पड़ताल में पुलिस ने इस पूरे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश कर दिया।
पुलिस के मुताबिक पांच माह की गर्भवती पिंकी श्रीवास्तव ने अपने पति शुभम श्रीवास्तव और उसके दोस्तों के साथ मिलकर अपनी ननद के घर में नकली लूट की पूरी पटकथा रची थी। घटना को असली दिखाने के लिए उसने अपने हाथ-पैर बंधवाए, माथे पर कांच से खरोंच लगवाई और खुद को बंधक बनाए जाने की झूठी कहानी गढ़ी। हालांकि CCTV फुटेज ने इस पूरी कहानी की हकीकत सामने ला दी।
कई दिनों की प्लानिंग के बाद रची गई साजिश
यह मामला इसलिए भी हैरान करने वाला है क्योंकि आरोपियों ने कथित तौर पर कई दिनों तक इसकी योजना बनाई थी। पूछताछ में पता चला कि करीब 15 दिन पहले पिंकी ने अपनी ननद की तिजोरी में रखे लाखों रुपए के जेवर और नकदी देखे थे। इसके बाद परिवार की आर्थिक तंगी और लालच ने उसे अपराध की ओर धकेल दिया। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने टीवी पर आने वाले क्राइम शो देखकर यह पूरी साजिश तैयार की और वारदात को असली लूट जैसा दिखाने की कोशिश की।
AC सर्विसिंग के बहाने रचा गया फर्जी लूट का खेल
4 जून को डबरा के संस्कृति नगर क्षेत्र में रहने वाली मोनिका उर्फ रानू श्रीवास्तव ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि दो युवक AC सर्विसिंग के बहाने घर में दाखिल हुए और गर्भवती भाभी पिंकी को बंधक बनाकर करीब 49 लाख रुपए के जेवर और नकदी लूटकर फरार हो गए।
CCTV फुटेज ने पलट दी जांच की दिशा
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम गठित की गई। जब CCTV फुटेज की बारीकी से जांच हुई तो अधिकारियों को कई गतिविधियां असामान्य नजर आईं। फुटेज में दिख रहे दोनों संदिग्ध कैमरे के सामने जानबूझकर बातचीत का अभिनय करते दिखाई दिए। यही ओवर एक्टिंग पुलिस के शक की सबसे बड़ी वजह बनी।
भाई और भाभी ही निकले मुख्य सूत्रधार
पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि CCTV में दिख रहा आरोपी शुभम श्रीवास्तव कोई और नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता महिला का सगा भाई था। इसके बाद पुलिस ने पूछताछ का दायरा बढ़ाया और पूरी साजिश परत-दर-परत खुलती चली गई। पुलिस के अनुसार शुभम, उसकी पत्नी पिंकी और दोस्त सोनू कौशिक ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया।
ननद की तिजोरी देखकर बदल गई नीयत
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि आर्थिक परेशानियों के कारण वे पिछले कुछ महीनों से अपनी ननद के घर रह रहे थे। इसी दौरान पिंकी ने अलमारी में रखे लाखों रुपए के जेवर और नकदी देखे, जिसके बाद कथित तौर पर उन्होंने यह संपत्ति हड़पने की योजना बना ली।
ऐसे दिया गया वारदात को असली रूप
पुलिस के अनुसार घटना वाले दिन पिंकी ने खुद ही दरवाजा खोला और पति व उसका साथी घर में घुस आए। अलमारी तोड़कर नकदी और जेवर निकाले गए। इसके बाद ड्रेसिंग टेबल का कांच तोड़कर पिंकी के माथे पर हल्की चोट पहुंचाई गई और फिर उसके हाथ-पैर बांध दिए गए, ताकि वह पीड़ित नजर आए।
माल बरामद, सभी आरोपियों पर मामला दर्ज
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर नकदी और जेवरात का बड़ा हिस्सा बरामद कर लिया है। जांच में सामने आया कि नकदी का बंटवारा कर लिया गया था, जबकि जेवरों से भरा बैग एक अन्य साथी के घर छिपाया गया था। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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