चीन के पूर्व प्रधानमंत्री झू रोंगजी का 98 वर्ष की आयु में निधन, आधुनिक अर्थव्यवस्था के शिल्पकार थे विश्व एक घंटा पहले 2
चीन को वैश्विक व्यापारिक मंच पर मजबूती से खड़ा करने और आर्थिक सुधारों की नींव रखने वाले पूर्व प्रधानमंत्री झू रोंगजी का बीजिंग में निधन हो गया है।

चीन के आर्थिक विकास में झू रोंगजी का अहम योगदान

चीन के पूर्व प्रधानमंत्री झू रोंगजी का 98 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उन्हें आधुनिक चीन की आर्थिक प्रगति का मुख्य सूत्रधार माना जाता है। झू रोंगजी के कार्यकाल के दौरान ही चीन ने विश्व व्यापार संगठन यानी WTO की सदस्यता हासिल की थी, जिसने देश को वैश्विक व्यापार का एक बड़ा केंद्र बनने का मार्ग प्रशस्त किया। चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार, 1990 के दशक में उन्होंने सरकारी उद्योगों में कई जटिल और साहसी सुधार लागू किए, जिसके चलते चीन में अभूतपूर्व आर्थिक तेजी का दौर शुरू हुआ।

1998 से 2003 तक संभाली सत्ता

चीनी सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार की सुबह लगभग 11 बजे बीजिंग में बीमारी के कारण झू रोंगजी ने अंतिम सांस ली। उनका जीवन संघर्षों से भरा रहा। एक समय था जब कम्युनिस्ट देशों में सुधारों की वकालत करने के कारण उन्हें ग्रामीण इलाकों में निर्वासित कर दिया गया था और वहां उन्हें कठोर शारीरिक श्रम करने के लिए विवश होना पड़ा था। हालांकि, समय का चक्र घूमा और उन्होंने 1998 से 2003 तक चीन के प्रधानमंत्री के रूप में देश की कमान संभाली और कई ऐतिहासिक बदलावों को अंजाम दिया।

आर्थिक विकास और वैश्विक पहचान

झू रोंगजी को तेंग श्याओपिंग द्वारा 1979 में शुरू किए गए सुधारों को आगे ले जाने का श्रेय दिया जाता है। उनकी दूरदर्शी नीतियों और WTO सदस्यता की बदौलत ही चीन दुनिया का सबसे बड़ा निर्यातक देश बनने में सफल हुआ। इन सुधारों का प्रभाव इतना गहरा था कि 2000 से 2010 के बीच चीन की आर्थिक विकास दर लगातार 8 प्रतिशत से ऊपर बनी रही। इतना ही नहीं, 2007 में चीन की विकास दर 14.2 प्रतिशत के ऐतिहासिक उच्चतम स्तर तक पहुंच गई थी।

अपने सख्त और दबंग अंदाज के लिए थे मशहूर

वर्ष 1998 में जब वे 69 साल की उम्र में प्रधानमंत्री बने, तो उन्होंने अपनी कार्यशैली से सबको प्रभावित किया। वे सरकारी भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के खिलाफ खुलकर बोलने के लिए जाने जाते थे। अपनी नाकामियों की जिम्मेदारी खुद लेने के कारण वे जनता के बीच काफी लोकप्रिय हुए। उनके सख्त मिजाज के कारण लोग उन्हें बॉस और झू फेंगजी यानी पागल झू जैसे उपनामों से भी पुकारते थे। हालांकि, वर्तमान में चीन की स्थिति की बात करें तो हाल ही में आई खबरों के अनुसार, चीन की अर्थव्यवस्था 3 साल के निचले स्तर पर पहुंच गई है और निर्यात में वृद्धि के बावजूद विकास की रफ्तार काफी धीमी हो गई है।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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