छपरा के किसानों की मालामाल करने वाली खेती: ओल की इस खास किस्म से हो रही बंपर कमाई बिहार एक घंटा पहले 2
बिहार के छपरा जिले में किसान हाइब्रिड गजेंद्रा किस्म के ओल की खेती से अच्छी आमदनी कर रहे हैं। जैविक तरीके से उगाई जाने वाली इस फसल में प्रति कट्ठा 16 क्विंटल तक पैदावार मिल रही है।

खेती से बढ़ रही है आय

बिहार के छपरा जिले में इन दिनों ओल की खेती किसानों के लिए मुनाफे का बड़ा जरिया साबित हो रही है। यहाँ के किसान मुख्य रूप से हाइब्रिड गजेंद्रा वैरायटी के ओल को प्राथमिकता दे रहे हैं। इस किस्म की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसे खाने पर मुंह नहीं कटता और इसका वजन भी काफी अच्छा होता है। एक फल का वजन आमतौर पर 10 से 15 किलो तक पहुंच जाता है।

जैविक खेती और बंपर पैदावार

जिले के सैकड़ों किसान अब इस फसल की ओर आकर्षित हो रहे हैं। इसकी खेती का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें लागत बहुत कम आती है। किसान इसे पूरी तरह से जैविक तरीके से उगा रहे हैं। उत्पादन की बात करें तो 1 कट्ठा जमीन पर 8 से 16 क्विंटल तक की पैदावार आसानी से ली जा सकती है। बाजार में इसकी मांग काफी अच्छी है और किसान इसे 4000 रुपये प्रति क्विंटल से ज्यादा की कीमत पर बेच रहे हैं।

खेती के लिए अनुकूल परिस्थितियां

ओल की खेती के लिए किसानों को बहुत ज्यादा जद्दोजहद नहीं करनी पड़ती है। यह फसल बगीचों में भी आसानी से तैयार की जा सकती है। खेती के लिए ऐसी जगह सबसे उपयुक्त मानी जाती है जहां पानी का जमाव कम होता हो। कम पानी और कम देखरेख में बेहतर परिणाम देने के कारण छपरा के किसान इसे एक सफल नकदी फसल के रूप में देख रहे हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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