डोनाल्ड ट्रंप का बदला सुर: जेलेंस्की को बताया हिम्मतवाला, कहा- रूस के खिलाफ डटकर लड़ रहे हैं विश्व एक महीने पहले 68
कभी जेलेंस्की को तानाशाह कहने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब उनके साहस और सैन्य क्षमता की सराहना की है। नाटो प्रमुख मार्क रूटे के साथ बैठक में ट्रंप ने यूक्रेन के संघर्ष को सराहा है।

ट्रंप ने की जेलेंस्की के साहस की तारीफ

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की को लेकर अपने नजरिए में बड़ा बदलाव दिखाया है। व्हाइट हाउस में नाटो सेक्रेटरी जनरल मार्क रूटे के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान, ट्रंप ने खुलकर जेलेंस्की की तारीफ की। उन्होंने कहा कि जेलेंस्की न केवल रूस के खिलाफ अपनी स्थिति को मजबूती से संभाले हुए हैं, बल्कि उनके पास बेहद बहादुर सैनिक भी हैं। ट्रंप ने स्पष्ट रूप से माना कि जेलेंस्की एक हिम्मतवाले नेता हैं जो इस कठिन समय में डटे हुए हैं।

लड़ाई की जमीनी हकीकत

बैठक में जब ट्रंप से यह सवाल किया गया कि क्या उन्हें लगता है कि यूक्रेन इस युद्ध को जीत रहा है, तो उन्होंने जवाब दिया कि यूक्रेन काफी अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने युद्ध में हो रही जनहानि पर अफसोस जताते हुए कहा कि दोनों तरफ बहुत से लोग मर रहे हैं। ट्रंप ने यूक्रेनी सेना की सराहना करते हुए कहा, 'उनके पास न केवल बेहतरीन उपकरण हैं, बल्कि लड़ने वाले बहादुर लोग भी हैं। वे वास्तव में फाइटर्स हैं।' गौरतलब है कि एक समय ट्रंप जेलेंस्की को लेकर काफी तीखी टिप्पणी करते थे और उन्हें तानाशाह तक कह चुके थे, लेकिन अब उनके तेवर पूरी तरह बदल गए हैं।

नाटो समिट की तैयारियां

यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब अगले महीने अंकारा में होने वाले नाटो समिट की तैयारियां जोरों पर हैं। नाटो प्रमुख मार्क रूटे ने बैठक में कहा कि पिछले 5 से 6 महीनों में यूक्रेन की स्थिति में काफी सुधार आया है। उन्होंने कीव को लगातार सैन्य मदद देने के लिए अमेरिकी प्रशासन का आभार व्यक्त किया। रूटे ने ओवल ऑफिस में ट्रंप के नेतृत्व की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि राष्ट्रपति ने यूक्रेन और ईरान जैसे गंभीर अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर स्पष्ट लीडरशिप दिखाई है।

भविष्य की रणनीति और सुरक्षा

आने वाले नाटो समिट के एजेंडे पर चर्चा करते हुए रूटे ने बताया कि रक्षा औद्योगिक उत्पादन को बढ़ाना मुख्य प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि सहयोगियों को यूक्रेन को समर्थन देने के साथ अपने स्टॉक को फिर से भरने की जरूरत है। इसमें मिसाइल, टैंक, इंटरसेप्टर और AI जैसे आधुनिक संसाधनों पर ध्यान दिया जाएगा। समिट का आयोजन 7-8 जुलाई को अंकारा में होगा, जिसमें रक्षा बजट को GDP का 5 फीसदी तक ले जाने और यूक्रेन को लगातार सैन्य सहायता सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा। नाटो का स्पष्ट लक्ष्य यूक्रेन में स्थायी शांति बहाल करना है।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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