यूट्यूब से सीखा हुनर बना कमाई का जरिया, 19 साल की नेहा का पेपर आर्ट बिजनेस आज बना मिसाल करियर एक घंटा पहले 3
झारखंड के बोकारो की रहने वाली 19 वर्षीय नेहा बरनवाल ने कोरोना काल में यूट्यूब से क्विलिंग आर्ट सीखा और आज वह इसे ऑनलाइन माध्यमों से बेचकर आत्मनिर्भर बन रही हैं।

युवा हुनर को मिल रही पहचान

आज के दौर में सोशल मीडिया सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं रह गया है, बल्कि यह सीखने और सिखाने का एक बड़ा मंच भी है। झारखंड के बोकारो सेक्टर-4 की रहने वाली 19 वर्षीय नेहा बरनवाल ने इसे साबित कर दिखाया है। नेहा कागजों की बारीक पट्टियों को मोड़कर बेहद खूबसूरत कलाकृतियां बनाती हैं, जिसे क्विलिंग आर्ट कहा जाता है। वह न केवल इस कला में माहिर हैं, बल्कि इसे एक सफल बिजनेस में भी तब्दील कर चुकी हैं। आज नेहा न केवल अपनी पढ़ाई जारी रख रही हैं, बल्कि अपनी कला के दम पर देशभर में पहचान बना रही हैं और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई हैं।

कोरोना काल में शुरू हुआ सफर

नेहा की इस सफलता की कहानी साल 2020 में शुरू हुई थी। उस वक्त नेहा केवल 13 साल की थीं और कोविड महामारी की वजह से हर तरफ लॉकडाउन था। खाली समय का सदुपयोग करने के लिए उन्होंने इंटरनेट का रुख किया और यूट्यूब के माध्यम से क्विलिंग आर्ट की बारीकियां सीखनी शुरू कीं। लगातार अभ्यास और नए प्रयोगों ने उनके हुनर को निखार दिया। उनकी पहली बड़ी सफलता भगवान गणेश की एक शानदार कलाकृति थी, जिसे देखकर उनके सगे-संबंधियों और जानकारों ने उनकी जमकर सराहना की। इसी प्रशंसा ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया और उन्होंने इसे व्यावसायिक रूप देने की दिशा में कदम उठाए।

गणेश जी से लेकर कार्टून कैरेक्टर तक की रेंज

आज नेहा की कलाकृति में काफी विविधता आ गई है। वह भगवान गणेश और भगवान जगन्नाथ जैसे धार्मिक स्वरूपों के अलावा कई तरह के लोकप्रिय कार्टून कैरेक्टर भी कागज से बखूबी तैयार करती हैं। शुरुआत में उन्होंने अमेज़न जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए अपने उत्पादों को बाजार में उतारा था। नेहा के अनुसार, एक समय ऐसा भी था जब उन्होंने एक साल के भीतर करीब 2 लाख रुपये तक का कारोबार किया था। हालांकि, कुछ तकनीकी बाधाओं के कारण उन्हें उस दौरान काम रोकना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। अब वह इंस्टाग्राम के जरिए अपने उत्पादों की मार्केटिंग और बिक्री करती हैं और पूरे भारत में अपने ग्राहकों तक अपना सामान पहुंचा रही हैं।

किफायती और आकर्षक उत्पाद

नेहा द्वारा बनाए गए हैंडीक्राफ्ट आइटम की कीमत 300 रुपये से लेकर 1000 रुपये के बीच रखी गई है, जो इन्हें आम खरीदारों के लिए काफी किफायती बनाता है। उनके पास डॉल और कार्टून डिजाइनों की एक बड़ी श्रृंखला है, जो बच्चों और युवाओं में काफी लोकप्रिय है। खास बात यह है कि नेहा महिलाओं के लिए पेपर से बने सनफ्लावर ईयररिंग्स भी तैयार करती हैं। ये ईयररिंग्स न केवल दिखने में आकर्षक हैं, बल्कि वजन में बेहद हल्के और पर्यावरण के अनुकूल (इको-फ्रेंडली) भी हैं।

पढ़ाई और काम का बेहतरीन तालमेल

अपनी पढ़ाई के साथ-साथ इस बिजनेस को मैनेज करना चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन नेहा इसे बखूबी संभाल रही हैं। उन्हें हर महीने औसतन 100 ऑर्डर्स मिल रहे हैं, जिनमें भगवान गणेश और भगवान जगन्नाथ के आर्टवर्क की डिमांड सबसे अधिक रहती है। ऑनलाइन माध्यमों के साथ-साथ वह बोकारो के स्थानीय बाजार में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराती हैं। वह बोकारो के एक मॉल के सामने बुधवार, गुरुवार, शनिवार और रविवार की शाम अपना स्टॉल लगाती हैं, जहां ग्राहक सीधे उनसे खरीदारी कर सकते हैं और उनके काम को करीब से देख सकते हैं।

भविष्य के सपने और लक्ष्य

नेहा का सपना केवल एक कलाकार बने रहने तक सीमित नहीं है। वह भविष्य में एक सफल बिजनेस वूमेन के तौर पर अपनी पहचान बनाना चाहती हैं। उनका लक्ष्य अपने इस हैंडीक्राफ्ट के काम को और अधिक विस्तार देना है ताकि वह इसे बड़े स्तर पर ले जा सकें। उनकी मेहनत और लगन इस बात का उदाहरण है कि यदि सही दिशा में प्रयास किया जाए, तो इंटरनेट की मदद से कोई भी व्यक्ति अपने शौक को रोजगार में बदल सकता है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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