उपनाम: बोकारो
रात को सिक्योरिटी गार्ड और सुबह 'हेल्दी स्नैक्स' के उद्यमी: बोकारो के किशोर रजवार की प्रेरणादायक कहानी
बोकारो के किशोर रजवार रात में सुरक्षा गार्ड की नौकरी करते हैं और सुबह जिम जाने वालों के लिए सेहतमंद नाश्ते का स्टॉल लगाते हैं, जहां वे रोजाना 150 से अधिक प्लेटें बेच रहे हैं।
पटियाला से बोकारो तक का सफर, हुनर के दम पर राजेश ने खड़ा किया जूतियों का अनोखा कारोबार
पंजाब के पटियाला के रहने वाले राजेश पिछले 20 वर्षों से पारंपरिक पंजाबी जूतियां बनाने और बेचने का काम कर रहे हैं। वे बोकारो सहित झारखंड के कई शहरों में अपने इस स्वदेशी हुनर के जरिए न केवल परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं, बल्कि अन्य लोगों को भी रोजगार दे रहे...
यूट्यूब से सीखा हुनर बना कमाई का जरिया, 19 साल की नेहा का पेपर आर्ट बिजनेस आज बना मिसाल
झारखंड के बोकारो की रहने वाली 19 वर्षीय नेहा बरनवाल ने कोरोना काल में यूट्यूब से क्विलिंग आर्ट सीखा और आज वह इसे ऑनलाइन माध्यमों से बेचकर आत्मनिर्भर बन रही हैं।
बोकारो का खांजो वॉटरफॉल: भीड़भाड़ से दूर प्रकृति की गोद में बसा एक खूबसूरत ठिकाना, मानसून में दिखता है जन्नत सा नजारा
झारखंड के बोकारो जिले में स्थित खांजो वॉटरफॉल पर्यटकों के लिए एक बेहतरीन प्राकृतिक स्थल है, जहां मानसून के दौरान बहता हुआ पानी और चारों तरफ फैली हरियाली जन्नत का अहसास कराती है।
बोकारो में मानसून का असली मज़ा: मामा दुकान का पनीर कटलेट जीत रहा है लोगों का दिल, कीमत सिर्फ ₹12
बोकारो के सेक्टर 2 में स्थित मामा दुकान अपने स्वादिष्ट पनीर कटलेट के लिए चर्चा में है, जहां मानसून के दौरान लोग गरमा-गरम स्वाद लेने पहुंच रहे हैं। मात्र ₹12 में मिलने वाले इस स्नैक की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यहाँ रोजाना 150 पीस...
मानसून में घर को जलभराव से बचाने के लिए अपनाएं ये स्मार्ट तरीके, डोर मैट के चुनाव में रखें इन बातों का ख्याल
बारिश के मौसम में दरवाजे के नीचे से घर में पानी घुसना एक बड़ी परेशानी बन जाता है, लेकिन बोकारो के विशेषज्ञ अरशद के बताए इन सरल टिप्स से आप अपने फर्श को सूखा और साफ रख सकते हैं।
खेती से मालामाल: बोकारो के किसान युवराज ने मूंगफली की खेती से दिखाया कमाल, 3 महीने में 60 हजार का मुनाफा
बोकारो के किसान युवराज महतो ने पारंपरिक फसलों को छोड़कर मूंगफली की खेती को अपनाया है। वे केवल 10 हजार रुपये की लागत लगाकर हर सीजन में 60 हजार रुपये तक की शुद्ध कमाई कर रहे हैं।
बोकारो का अनोखा बेवफा पान वाला: प्रेमिका की याद में रखा नाम, 12 तरह के स्वाद के हैं चर्चे
बोकारो के मेले में एक पान की दुकान ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है, जिसका नाम 'बेवफा पान वाला' रखा गया है। दुकान के मालिक ने अपनी पुरानी प्रेम कहानी और यादों से प्रेरित होकर यह अनोखा नाम चुना है और यहां कई तरह के स्पेशल पान मिलते हैं।
झारखंड का अद्भुत शिव मंदिर: जहां बिस्कुट, छाछ और हरी सब्जियों से सजते हैं भोलेनाथ
बोकारो के श्री श्री केदारेश्वर नाथ मृत्युंजय मंदिर में भगवान शिव की पूजा की अनोखी परंपरा है, जहां पारंपरिक फूलों के स्थान पर बिस्कुट और सब्जियों का उपयोग किया जाता है।
मुंबई के स्वाद का जादू अब बोकारो में: मशहूर फ्रोजन बनाना स्लाइस की मची धूम, हर दिन बिक रही 100 प्लेट
बोकारो के सेक्टर 4 में एक युवा उद्यमी ने मुंबई से प्रेरित होकर अनोखे फ्रोजन बनाना स्लाइस का स्टॉल शुरू किया है। यह हेल्दी और स्वादिष्ट डेजर्ट लोगों को खूब पसंद आ रहा है और हर दिन बड़ी संख्या में लोग इसका स्वाद ले रहे हैं।
मानसून की छुट्टियों के लिए बेहतरीन जगह: परिवार के साथ बोकारो के कूलिंग पॉन्ड का आनंद लें
बोकारो के सेक्टर-9 में स्थित कूलिंग पॉन्ड मानसून के मौसम में घूमने के लिए एक शानदार पिकनिक स्पॉट है, जो अपनी हरियाली और पानी से घिरे टापू के लिए प्रसिद्ध है।
गर्मी और उमस से पाना है छुटकारा, तो बोकारो के 'मिनी धनुषकोटी' में लें सुकून के पल
अगर आप मानसून के मौसम में किसी शांत और प्राकृतिक पर्यटन स्थल की तलाश में हैं, तो बोकारो का कूलिंग पॉन्ड एक बेहतरीन विकल्प है, जिसे स्थानीय लोग अपनी खूबसूरती के कारण मिनी धनुषकोटी कहते हैं।
समोसे में आलू की जगह चाऊमीन का तड़का, बोकारो के इस स्टॉल पर उमड़ रही है खाने वालों की भीड़
बोकारो के सेक्टर-8 स्थित माही समोसा स्टॉल इन दिनों अपने अनोखे चाऊमीन समोसे के लिए चर्चा में बना हुआ है, जिसे चखने के लिए हर शाम लोगों की लंबी कतारें लग जाती हैं।
पालतू कुत्तों को भूलकर भी न खिलाएं ये चीजें, पशु चिकित्सक ने दी सेहत बिगड़ने की चेतावनी
घर के पालतू कुत्तों को दूध-रोटी या मसालेदार खाना देना उनके पाचन तंत्र को खराब कर सकता है. बोकारो के एक पशु चिकित्सक ने कुत्तों के लिए नुकसानदायक चीजों की सूची साझा की है.
बोकारो के 80 वर्षीय बुजुर्ग की मेहनत, हाथों से रस्सियां बनाकर बचा रहे हैं पुश्तैनी कला
झारखंड के बोकारो में 80 साल के दिगम जी अपनी पुरानी कला को आज भी जिंदा रखे हुए हैं। वे प्लास्टिक के बोरों से मजबूत रस्सियां बनाकर अपना जीवन यापन कर रहे हैं।