सोते समय बार-बार हाथ हो जाते हैं सुन्न? इस समस्या को न करें नजरअंदाज, हो सकती हैं ये गंभीर वजहें स्वास्थ्य एक घंटा पहले 4
रात के समय नींद में हाथों का सुन्न होना या उनमें झनझनाहट महसूस होना एक आम परेशानी हो सकती है, लेकिन बार-बार ऐसा होना किसी बड़ी बीमारी का संकेत भी हो सकता है। जानिए इसके मुख्य कारण और बचाव के उपाय।

सोते वक्त हाथों का सुन्न होना क्या सामान्य है

क्या आपको रात में सोते समय अक्सर अपने हाथों में झनझनाहट महसूस होती है या ऐसा लगता है जैसे हाथों में सुईयां चुभ रही हों। कई लोग इसे केवल गलत तरीके से सोने या गलत पोजीशन का परिणाम मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह समस्या लगातार बनी रहती है, तो इसे हल्के में लेना स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है। ग्रेटर नोएडा के फोर्टिस अस्पताल में कंसल्टेंट न्यूरोलॉजी के पद पर कार्यरत डॉ. सुनील अग्रवाल के अनुसार, यह शरीर के भीतर पल रही किसी गंभीर शारीरिक स्थिति का संकेत हो सकता है।

सोते समय हाथ सुन्न होने की प्राथमिक वजह

ज्यादातर मामलों में जब हम रात को सोते समय एक ही करवट में लंबे समय तक लेटे रहते हैं या फिर अपने हाथ को सिर के नीचे दबाकर सोते हैं, तो हाथ की नसों पर अतिरिक्त दबाव बनता है। इस दबाव के कारण नसों के कामकाज में कुछ समय के लिए रुकावट आती है, जिससे हाथ सुन्न हो जाता है। सामान्य परिस्थितियों में हाथ की मुद्रा बदलने या कुछ देर हिलाने डुलाने से यह परेशानी अपने आप ठीक हो जाती है।

सर्वाइकल और नसों का संबंध

डॉक्टर का कहना है कि हाथों का सुन्न होना सर्वाइकल या गर्दन से जुड़ी किसी समस्या की तरफ भी इशारा कर सकता है। अगर गर्दन की हड्डियों के बीच की डिस्क में कोई बदलाव आता है या नस पर दबाव बढ़ता है, तो इसका असर सीधे हाथों तक महसूस होता है। यदि आपको हाथ सुन्न होने के साथ-साथ गर्दन में दर्द, कंधे में खिंचाव या हाथों की उंगलियों में कमजोरी का अनुभव हो रहा है, तो बिना देरी किए चिकित्सकीय जांच करवाना अत्यंत आवश्यक है।

डायबिटीज और अन्य शारीरिक कारण

हाथों में सुन्नपन की समस्या के पीछे डायबिटीज भी एक बड़ा कारण हो सकती है। उच्च शर्करा स्तर के कारण नसों को नुकसान पहुंचता है, जिसे मेडिकल भाषा में डायबिटिक न्यूरोपैथी कहा जाता है। इसके अतिरिक्त, कलाई की नस दबने की स्थिति जिसे कार्पल टनल सिंड्रोम कहते हैं, रात के वक्त उंगलियों के सुन्न होने का मुख्य कारण बनती है। इसमें विशेष रूप से अंगूठे, तर्जनी और मध्यमा उंगली में सुन्नपन अधिक महसूस होता है।

बचाव और सावधानियां

समस्या से बचने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है:

  • सोते समय अपने हाथों को शरीर के नीचे दबाकर सोने से बचें।
  • गर्दन और हाथों को हमेशा आरामदायक और प्राकृतिक स्थिति में रखें।
  • लंबे समय तक कोहनी को मोड़कर सोने से बचें।
  • यदि यह समस्या बार-बार हो रही है, तो किसी कुशल न्यूरोलॉजिस्ट से परामर्श जरूर लें।
  • डॉक्टर की सलाह लिए बिना कोई भी दवा या विटामिन सप्लीमेंट लेना शुरू न करें।

कब स्थिति हो सकती है गंभीर

कुछ स्थितियां आपातकालीन हो सकती हैं। यदि अचानक एक हाथ सुन्न हो जाए और साथ में चेहरे का एक हिस्सा टेढ़ा नजर आए, बोलने में लड़खड़ाहट हो, या शरीर के संतुलन में कमी महसूस हो, तो ये स्ट्रोक के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत अस्पताल पहुंचना चाहिए। इसके अलावा, यदि हाथ का सुन्नपन लंबे समय तक बना रहे, तो डॉक्टर से मिलकर इसका सही कारण पता करना बहुत जरूरी है।

डॉ. आलोक मिश्रा पाबना के स्वास्थ्य संवाददाता हैं और चिकित्सा, बीमारियों तथा वेलनेस से जुड़ी खबरों को प्रामाणिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाते हैं। नई रिसर्च, इलाज और रोकथाम पर वे विशेषज्ञों के हवाले से सटीक जानकारी देते हैं। उनका जोर भरोसेमंद और जिम्मेदार स्वास्थ्य पत्रकारिता पर है।

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