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2 घंटे पहले
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सिमी ग्रेवाल का सिनेमाई और निजी सफर
सिनेमा जगत की मशहूर अभिनेत्री सिमी ग्रेवाल का नाम लेते ही उनके द्वारा अभिनीत 'कर्ज' और 'मेरा नाम जोकर' जैसी कालजयी फिल्में आंखों के सामने आ जाती हैं। 17 अक्टूबर 1947 को जन्मी सिमी ग्रेवाल आज अपना जन्मदिन मना रही हैं। एक कलाकार के तौर पर उनका सफर जितना प्रेरणादायक और शानदार रहा है, उनकी निजी जिंदगी भी उतनी ही रोमांचक और चर्चाओं से भरी रही है। सिमी की निजी जिंदगी का सबसे चर्चित किस्सा उनके शुरुआती दौर के प्यार से जुड़ा है, जब वह महज 17 साल की उम्र में जामनगर के महाराजा को दिल दे बैठी थीं। यह शाही प्रेम कहानी तीन साल तक चली, लेकिन मंजिल तक नहीं पहुंच सकी। आज उनके जन्मदिन के अवसर पर आइए जानते हैं उनकी जिंदगी के उन पन्नों के बारे में जो अब तक पर्दे के पीछे थे।
शुरुआती जीवन और करियर की शुरुआत
सिमी ग्रेवाल का पूरा नाम सिमरिता ग्रेवाल है। उनका जन्म पंजाब के लुधियाना शहर में हुआ था। उनके पिता जेएस ग्रेवाल भारतीय सेना में ब्रिगेडियर के पद पर तैनात थे। सिमी की प्रारंभिक शिक्षा और परवरिश विदेश यानी इंग्लैंड में हुई, जिसने उनके व्यक्तित्व को एक अंतरराष्ट्रीय पहचान दी। उसी दौरान उन्हें अभिनय की दुनिया में कदम रखने के अवसर प्राप्त हुए। उन्होंने कम उम्र में ही अभिनय के क्षेत्र में रुचि दिखाई और धीरे-धीरे हिंदी सिनेमा में अपनी धाक जमाई। उन्होंने 1960 के दशक के दौरान अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी।
फिल्मों में शानदार योगदान
सिमी ग्रेवाल ने अपने करियर में एक से बढ़कर एक फिल्में कीं। शुरुआती दिनों में उन्होंने जोहर मेहमूद इन गोवा जैसी फिल्मों में छोटे किरदार निभाए, लेकिन जल्द ही उन्हें दो बदन और साथी जैसी फिल्मों से बड़ी पहचान मिली। इन फिल्मों में उनके अभिनय कौशल को दर्शकों और समीक्षकों ने खूब सराहा। राज कपूर की सदाबहार फिल्म मेरा नाम जोकर में काम करना उनके करियर का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है। इसके अलावा, उन्होंने सत्यजीत रे जैसे महान निर्देशक की फिल्म अरण्येर दिनरात्रि में काम करके अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। सिद्धार्थ और कर्ज जैसी फिल्मों ने उन्हें हिंदी सिनेमा की एक परिपक्व अभिनेत्री के रूप में स्थापित कर दिया।
जामनगर के महाराजा के साथ प्रेम कहानी
सिमी ग्रेवाल की निजी जिंदगी का एक बेहद दिलचस्प पहलू उनका पहला प्यार है। उन्होंने खुद फिल्मफेयर को दिए गए एक साक्षात्कार में इसका खुलासा किया था। मात्र 17 साल की उम्र में वह जामनगर के महाराजा शत्रुसाल्य सिंहजी के प्रेम में पड़ गई थीं। यह रिश्ता लगभग तीन साल तक चला। इस रिश्ते के बारे में बताते हुए सिमी ने कहा था कि महाराजा ने उन्हें एक पूरी तरह से अलग दुनिया से रूबरू कराया, जिसमें जानवर, खेल और खान-पान का अपना एक विशिष्ट महत्व था।
सिमी के अनुसार, वह समय उनके लिए बेहद यादगार था। हालांकि, समय बीतने के साथ इस रिश्ते में एक प्रकार की अधिकार भावना यानी 'पोजेसिवनेस' आ गई, जो उनके लिए काफी कष्टकारी साबित हुई। सिमी ने इसे टॉक्सिक रिश्ता बताया, लेकिन आज इतने वर्षों बाद जब वह पीछे मुड़कर देखती हैं, तो वह इस अनुभव को मुस्कुराहट के साथ याद करती हैं। उन्हें इस बात का एहसास है कि किस तरह अत्यधिक अधिकार की भावना किसी भी प्रेम संबंध की दिशा बदल सकती है और उसे अंत की ओर ले जा सकती है।
विवाह और अलगाव का दौर
साल 1970 में सिमी ग्रेवाल ने दिल्ली के एक प्रतिष्ठित कारोबारी परिवार से ताल्लुक रखने वाले रवि मोहन के साथ शादी की। हालांकि, यह वैवाहिक जीवन बहुत लंबा नहीं चला और वे दोनों आपसी सहमति से अलग हो गए। अपने तलाक के बारे में बात करते हुए सिमी ने स्पष्ट किया था कि वे दोनों एक-दूसरे के लिए सही जीवनसाथी नहीं थे। उनकी शादी एक लंबी दूरी की शादी यानी 'लॉन्ग डिस्टेंस मैरेज' साबित हुई, जिसके कारण उनके बीच दूरियां बढ़ती चली गईं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके बीच कोई कड़वाहट या मतभेद नहीं थे, और आज भी वह रवि मोहन के परिवार के काफी करीब हैं।
टेलीविजन की दुनिया में सफलता
फिल्मों के बाद सिमी ग्रेवाल ने टेलीविजन पर भी अपनी एक अलग पहचान बनाई। उनका मशहूर शो रेन्जेव्यू विद सिमी ग्रेवाल दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय रहा। इस शो के माध्यम से उन्होंने फिल्म सितारों, बड़े उद्योगपतियों और अन्य प्रभावशाली हस्तियों के साथ उनके निजी जीवन, प्यार, रिश्तों और करियर के बारे में खुलकर बातचीत की। इस मंच पर अमिताभ बच्चन, रेखा, शाहरुख खान और ऐश्वर्या राय जैसी नामचीन हस्तियां भी अपने जीवन के कई अनछुए पहलू साझा कर चुकी हैं।
पुरस्कार और सम्मान
सिमी ग्रेवाल को उनके शानदार काम के लिए कई बार सम्मानित किया गया। उन्हें 1967 में फिल्म दो बदन और 1969 में फिल्म साथी के लिए फिल्मफेयर बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का अवॉर्ड मिला। टेलीविजन में भी उनका योगदान अतुलनीय रहा। साल 2010 में उन्हें इंडियन टेलीविजन एकेडमी का माइलस्टोन अचीवमेंट अवॉर्ड प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त, उन्हें 2015 में उनके संपूर्ण अभिनय जीवन के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से नवाजा गया। सिमी ग्रेवाल का जीवन आज भी कई लोगों के लिए प्रेरणा बना हुआ है।
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