कहीं आप भी तो नहीं शुगर की चपेट में? डायबिटीज इन अंगों पर डाल सकती है भारी असर स्वास्थ्य 2 घंटे पहले 2
करेला, मेथी और नीम जैसे कड़वे स्वाद ब्लड शुगर को संतुलित रखने में मददगार माने जाते हैं। जानिए डायबिटीज से शरीर के किन अंगों को खतरा है और सामान्य, प्री-डायबिटीज तथा डायबिटीज में शुगर का स्तर कितना होना चाहिए।

'करेला! इसे भला कौन खाता है' — बचपन में मां के हाथ की करेले की भुजिया देखकर हममें से कई लोगों ने यही नाक-भौं सिकोड़ी होगी। लेकिन मां बड़े प्यार से समझाती थीं कि थोड़ा कड़वा खाओ, सेहत के लिए अच्छा रहता है। दिलचस्प बात यही है कि मीठा, नमकीन और चटपटा स्वाद हमें फौरन भा जाता है, मगर भारतीय खानपान ने कड़वे स्वाद को भी हमेशा अहमियत दी है। दरअसल कड़वाहट सिर्फ एक स्वाद नहीं, बल्कि बदलते मौसम के साथ शरीर का संतुलन साधने का पुराना तरीका है।

मार्च-अप्रैल की गर्मी हो या मानसून का मौसम, नीम की कोपलें, करेला, कड़वी पत्तियां और जड़ी-बूटियां हमारी थाली में यूं ही नहीं आतीं। मौसम बदलने पर शरीर की जरूरत बदलती है और उसी हिसाब से थाली का स्वाद भी। यही वजह है कि जगह-जगह तरीका अलग है, पर मकसद एक ही रहता है।

अलग-अलग राज्यों में कड़वे स्वाद की परंपरा

अरुणाचल में बांस की कोपलें, उत्तराखंड में बिच्छुआ बूटी, मेघालय में कंटोला और उसकी पत्तियां, कोंकण में अनार के छिलकों वाली चटनी, दक्षिण भारत में नीम के फूल और गुजरात-राजस्थान में नीम की कोमल पत्तियों का इस्तेमाल होता है। यानी जिस स्वाद को हम मुंह बनाकर छोड़ देते हैं, वही आज ग्लोबल वेलनेस इंडस्ट्री में 'बिटर फूड्स' के नाम से नया ट्रेंड बनता जा रहा है।

कड़वे फूड क्यों हैं फायदेमंद

करेला, मेथी, नीम और दूसरे कड़वे खाद्य पदार्थों में मौजूद प्राकृतिक तत्व पाचन और मेटाबॉलिज्म को सहारा देते हैं। आयुर्वेद में भी कड़वे यानी 'तिक्त रस' को बेहद अहम माना गया है। और सबसे जरूरी बात यह कि डायबिटीज के इस दौर में यह स्वाद और भी मायने रखने लगा है। संतुलित आहार के साथ करेला और मेथी ब्लड शुगर मैनेजमेंट में मददगार साबित होते हैं। इसलिए मीठे की आदत के बीच थोड़ा कड़वा भी अपनाइए, क्योंकि हर कड़वी चीज नुकसान नहीं करती — कुछ कड़वाहट सेहत में मिठास भी घोल देती है।

डायबिटीज और हार्ट अटैक का कनेक्शन

शरीर में ग्लूकोज और इंसुलिन का स्तर बढ़ने से हार्ट सेल्स को नुकसान पहुंचता है। इसी वजह से डायबिटीज के मरीजों में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।

डायबिटीज से इन अंगों को खतरा

  • ब्रेन
  • आंख
  • हार्ट
  • लिवर
  • किडनी
  • ज्वाइंट्स

नॉर्मल शुगर लेवल

  • खाने से पहले — 100 से कम
  • खाने के बाद — 140 से कम

प्री-डायबिटीज

  • खाने से पहले — 100-125 mg/dl
  • खाने के बाद — 140-199 mg/dl

डायबिटीज

  • खाने से पहले — 125 से ज्यादा mg/dl
  • खाने के बाद — 200 से ज्यादा mg/dl
चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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