घर से दूर रहकर ही चमकेगी किस्मत, कुंडली में मौजूद ये 3 योग दिलाते हैं बड़ी सफलता धर्म एक घंटा पहले 3
वैदिक ज्योतिष में कुछ खास योग ऐसे माने जाते हैं जिनके होने पर व्यक्ति को अपने जन्म स्थान से दूर जाकर ही असली कामयाबी मिलती है। जानिए द्वादश भाव, लग्नेश-चंद्रमा और चतुर्थ भाव से जुड़े ये तीन योग।

Astrology predictions: वैदिक ज्योतिष में कुंडली केवल आपके स्वभाव और भूत-भविष्य की झलक ही नहीं दिखाती, बल्कि इससे करियर, सुख-समृद्धि, प्रेम और जीवन में सफलता मिलने वाले स्थान तक का संकेत मिल जाता है। कुछ लोगों की कुंडली में ऐसे विशेष योग बनते हैं जिनके कारण उन्हें अपने घर या जन्म स्थान से दूर रहकर ही स्थायी कामयाबी हासिल होती है। आइए जानते हैं ऐसे ही तीन प्रमुख योगों के बारे में विस्तार से।

द्वादश भाव और परदेस में सफलता का योग

कुंडली के द्वादश यानी 12वें भाव को विदेश और लंबी यात्राओं का कारक माना जाता है। यदि इस भाव का स्वामी कर्म भाव (10वें भाव) या भाग्य भाव (9वें भाव) में स्थित हो, तो जातक को अपने घर से दूर रहकर ही टिकाऊ सफलता मिलने के योग बनते हैं। ऐसे लोग विदेशों में जाकर नाम और प्रतिष्ठा कमाते हैं और कई बार वहीं बस भी जाते हैं। हालांकि यह भी देखना जरूरी है कि द्वादश भाव का स्वामी कितना बलवान है। यह स्वामी जितना मजबूत होगा, विदेश में सफलता पाने की संभावनाएं उतनी ही प्रबल रहेंगी।

लग्नेश और चंद्रमा से बनने वाला योग

जिन जातकों की कुंडली में लग्न भाव का स्वामी या चंद्रमा तीसरे और नवम भाव में हो, अथवा चंद्रमा और लग्न पर राहु-केतु का प्रभाव पड़ रहा हो, उन्हें जीवन में सफलता तभी मिलती है जब वे अपने जन्म स्थान से दूर जाते हैं। ऐसे लोगों के विदेश जाने के योग भले कम हों, लेकिन अपने ही देश के किसी दूसरे प्रांत में जाकर इन्हें निश्चित रूप से कामयाबी मिलती है। यदि लग्नेश और चंद्रमा बलवान हों, तो ये लोग घर से दूर रहकर खूब ख्याति अर्जित करते हैं।

चतुर्थ भाव की विपरीत स्थिति

कुंडली के चौथे भाव को मातृभूमि का कारक माना गया है। यदि इस भाव पर क्रूर ग्रहों का असर हो, तो व्यक्ति अपने घर पर रहकर सफलता नहीं पा सकता। अर्थात् जब चतुर्थ भाव राहु-केतु, शनि और सूर्य के प्रभाव में हो, तो जातक को अपने पैतृक स्थान पर अधिकतर निराशा ही मिलती है। लेकिन जैसे ही ऐसे लोग घर से बाहर कदम रखते हैं, सफलता उनके कदम चूमने लगती है। इस तरह चतुर्थ भाव की विपरीत स्थिति व्यक्ति को विदेश में या घर से दूर रहकर बड़ी कामयाबी दिला सकती है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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