UP चुनाव 2027: सपा के मजबूत किले बहराइच में पहली बार गरजेंगे ओवैसी, कल होगी जनसभा उत्तर प्रदेश एक महीने पहले 24
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी 14 जून को बहराइच के मटेरा क्षेत्र में अपनी पहली जनसभा को संबोधित करेंगे, जो 2027 विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के अभियान का आगाज होगा। अकेले लड़ने पर पार्टी करीब 200 सीटों का लक्ष्य रख रही है।

उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दल अभी से तैयारी में जुट गए हैं। हर पार्टी अपनी जीत पक्की करने के लिए नई-नई रणनीति बना रही है। इसी कड़ी में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने भी बहराइच में जनसभा करने का निर्णय लिया है। कल यानी 14 जून को पार्टी अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी यहां लोगों को संबोधित करेंगे।

2027 के अभियान की शुरुआत

यह सभा 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के अभियान की औपचारिक शुरुआत मानी जा रही है। माना जा रहा है कि इस आयोजन से पूर्वी उत्तर प्रदेश में विपक्ष की राजनीति का समीकरण भी प्रभावित हो सकता है। समाजवादी पार्टी के गढ़ में ओवैसी की यह पहली बड़ी मौजूदगी होगी।

मटेरा में होगी सभा, दरगाह पर भी जाएंगे ओवैसी

AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने जानकारी दी कि पार्टी अध्यक्ष ओवैसी राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील मटेरा विधानसभा क्षेत्र में शंकरपुर चौराहे के पास सभा को संबोधित करेंगे। दिनभर चलने वाले इस दौरे के दौरान वह सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर भी हाजिरी लगाएंगे और दुआ करेंगे।

उल्लेखनीय है कि मटेरा एक पिछड़ा और बाढ़ से प्रभावित निर्वाचन क्षेत्र है, जहां मुस्लिम, यादव, ओबीसी और अनुसूचित जाति की आबादी बड़ी संख्या में है। यह सीट 2012 से समाजवादी पार्टी का गढ़ रही है। हालांकि सपा नेता यासर शाह ने 2017 में यह सीट बेहद कम अंतर से जीती थी, जबकि उनकी पत्नी मारिया शाह ने 2022 में आसानी से जीत दर्ज की।

अकेले लड़े तो 200 सीटों का लक्ष्य

शौकत अली ने इस दौरे को पार्टी के 2027 अभियान की शुरुआत बताते हुए कहा कि यदि AIMIM अकेले चुनाव मैदान में उतरती है, तो उसका लक्ष्य लगभग 200 सीटों पर चुनाव लड़ने का रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर पार्टी किसी गठबंधन का हिस्सा बनती है, तो उसका स्वाभाविक साथी बसपा होगी।

शौकत अली के मुताबिक मुस्लिम और दलित मिलकर कुल वोट शेयर का करीब 40% हिस्सा बनाते हैं, जो सपा और भाजपा दोनों को हराने के लिए पर्याप्त है।

सपा ने खारिज की संभावना, AIMIM का पलटवार

दूसरी ओर, यासर शाह ने AIMIM के किसी बड़ी कामयाबी हासिल करने की संभावना को सिरे से नकार दिया। उन्होंने कहा कि मुसलमान समझदार और जागरूक हैं और उन्होंने देखा है कि AIMIM ने दूसरे राज्यों में किस तरह काम किया है। उनका कहना था कि जब तक AIMIM के कदम परोक्ष रूप से भाजपा को फायदा पहुंचाते रहेंगे, तब तक मुस्लिम वोट उससे प्रभावित नहीं होंगे। उन्होंने दरगाह दौरे को राजनीतिक रंग देने की भी आलोचना की।

जवाब में AIMIM ने पलटवार करते हुए सपा पर आरोप लगाया कि उसने दशकों तक विकास सुनिश्चित किए बिना सिर्फ मुस्लिम वोटों का फायदा उठाया है। पार्टी का कहना है कि एक ही परिवार ने दो दशक से ज्यादा समय तक मटेरा पर राज किया, फिर भी यह इलाका विकास से वंचित बना रहा।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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