स्वास्थ्य
एक घंटा पहले
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विचारों
आज के दौर में खानपान की खराब आदतों, मानसिक तनाव और अस्त व्यस्त दिनचर्या के चलते पेट संबंधी बीमारियां जैसे कब्ज, ब्लोटिंग और आंतों में सूजन आम बात हो गई है। अक्सर लोग इन तकलीफों से छुटकारा पाने के लिए घरेलू नुस्खों का सहारा लेते हैं। इन्हीं प्रभावी विकल्पों में से एक है दही के साथ चिया सीड्स का सेवन। माय एक्सपर्ट डॉक्टर की संस्थापक और एमबीबीएस, एमडी जनरल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. शालिनी सिंह सालुंखे का मानना है कि दही और चिया सीड्स का मेल पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में कारगर भूमिका निभाता है। यह न केवल आंतों के स्वास्थ्य को सुधारता है, बल्कि कब्ज और ब्लोटिंग जैसी दिक्कतों को भी जड़ से मिटाने में सहायक होता है।
क्यों खास है दही और चिया सीड्स का मेल?
दही में प्रोबायोटिक्स की भरपूर मात्रा होती है, जो एक तरह के मित्र बैक्टीरिया हैं। ये बैक्टीरिया पेट के माइक्रोबायोम को संतुलित रखने का काम करते हैं। दूसरी तरफ, चिया सीड्स घुलनशील फाइबर का एक बेहतरीन स्रोत हैं। जब ये बीज पानी या किसी तरल पदार्थ के संपर्क में आते हैं, तो जेल जैसे बन जाते हैं। यह जेल मल को नरम बनाने के साथ ही पाचन तंत्र की सक्रियता को बढ़ाने में मदद करता है। इतना ही नहीं, चिया सीड्स ओमेगा-3 फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट्स का भंडार होते हैं, जो शरीर में होने वाली सूजन को घटाने में बहुत मददगार साबित होते हैं।
इस्तेमाल करने का सही तरीका
डॉ. सालुंखे के अनुसार, इसका सेवन करने का एक निश्चित तरीका है ताकि आपको पूर्ण लाभ मिल सके। सबसे पहले एक कटोरी ताजी दही लें और उसमें 1 से 2 चम्मच चिया सीड्स अच्छी तरह मिला दें। इस मिश्रण को कम से कम 15 से 20 मिनट के लिए अलग रख दें ताकि बीज पूरी तरह फूल जाएं। जब चिया सीड्स नरम हो जाएं, तब आप इसका सेवन कर सकते हैं। स्वाद और पोषण को और बेहतर बनाने के लिए आप इसमें ताजे फल के टुकड़े भी डाल सकते हैं। आप इसे अपने सुबह के नाश्ते में या शाम के समय एक हल्के और पौष्टिक नाश्ते के रूप में ले सकते हैं। इसे नियमित रूप से सीमित मात्रा में लेने से पाचन क्रिया में जबरदस्त सुधार महसूस किया जा सकता है।
सावधानी बरतनी है जरूरी
भले ही दही और चिया सीड्स स्वास्थ्य के लिए उत्तम माने जाते हैं, लेकिन हर किसी को इसका लाभ मिले यह जरूरी नहीं है। यदि आप किसी खास प्रकार की एलर्जी से जूझ रहे हैं, गंभीर पाचन समस्याओं के शिकार हैं या किसी पुरानी बीमारी का इलाज करवा रहे हैं, तो इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। याद रखें कि केवल दही-चिया सीड्स पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित आहार, पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन और नियमित शारीरिक व्यायाम भी आंतों की सेहत के लिए बेहद आवश्यक है।
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