क्या यूरिक एसिड की समस्या में आम खाना सुरक्षित है? विशेषज्ञ की राय स्वास्थ्य एक दिन पहले 7
गर्मियों के मौसम में आम का सेवन हर कोई करना चाहता है, लेकिन हाई यूरिक एसिड वाले मरीजों के मन में इसे लेकर अक्सर उलझन रहती है। जानिए डॉक्टर के अनुसार आम खाने का सही तरीका क्या है।

आम और यूरिक एसिड का कनेक्शन

गर्मियों का मौसम आते ही बाजारों में फलों के राजा आम की बहार आ जाती है। बच्चों से लेकर बड़ों तक, हर कोई इस रसीले फल का आनंद लेने के लिए उत्साहित रहता है। आम न केवल स्वाद में लाजवाब है, बल्कि यह विटामिन ए, विटामिन सी और फाइबर का एक प्रमुख स्रोत भी है, जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है। हालांकि, जो लोग हाई यूरिक एसिड की समस्या से जूझ रहे हैं, वे अक्सर इसे खाने से डरते हैं। आम तौर पर लोगों को लगता है कि यूरिक एसिड केवल प्रोटीन युक्त आहार जैसे मांस या दालों से बढ़ता है, लेकिन फलों में मौजूद नेचुरल शुगर जिसे फ्रुक्टोज कहते हैं, वह भी शरीर में यूरिक एसिड के स्तर को प्रभावित कर सकती है। इसी वजह से यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या यूरिक एसिड के मरीजों को आम से पूरी तरह दूरी बना लेनी चाहिए।

चिकित्सकीय सलाह क्या है

नई दिल्ली के यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, मॉडल टाउन के सीनियर डायरेक्टर, इंटरनल मेडिसिन एवं डायबिटीज़, डॉ. अनिल गोम्बर के अनुसार, यूरिक एसिड के मरीजों के लिए आम का सेवन पूरी तरह से वर्जित नहीं है, लेकिन सावधानी बरतना बहुत आवश्यक है। आम में प्यूरीन की मात्रा काफी कम पाई जाती है, इसलिए यह सीधे तौर पर यूरिक एसिड के लेवल में भारी उछाल नहीं लाता है। समस्या तब होती है जब आम में मौजूद फ्रुक्टोज की अधिक मात्रा शरीर में चली जाती है, जो यूरिक एसिड को बढ़ा सकती है। यदि किसी मरीज का यूरिक एसिड स्तर फिलहाल नियंत्रण में है, तो वे सप्ताह में 2 से 3 बार एक छोटा आम या लगभग एक कप कटे हुए आम का सेवन कर सकते हैं। मरीज की स्वास्थ्य स्थिति, पानी का सेवन और आहार संतुलन यूरिक एसिड को मैनेज करने में अहम भूमिका निभाते हैं। जिन मरीजों को बार-बार गाउट की समस्या या जोड़ों में दर्द महसूस होता है, उन्हें आम की मात्रा तय करने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर लेना चाहिए।

आम खाने के सुरक्षित नियम

अगर आप यूरिक एसिड की समस्या के बीच आम का स्वाद लेना चाहते हैं, तो इन बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है:

  • सीमित मात्रा का पालन करें: एक दिन में आधे कप से ज्यादा कटे हुए आम न खाएं। एक छोटा आम सीमित मात्रा में लेना सुरक्षित माना जाता है, लेकिन एक साथ कई आम खाने से बचें।
  • जूस और शेक से दूरी: आम को हमेशा फल के रूप में खाएं। मैंगो शेक, स्मूदी या बाजार में मिलने वाले पैकेज्ड जूस में अतिरिक्त चीनी की मात्रा बहुत ज्यादा होती है, जो यूरिक एसिड के स्तर को तेजी से बिगाड़ सकती है।
  • कच्चे आम का सेवन: जिन लोगों को यूरिक एसिड की शिकायत है, उन्हें कच्चा आम या कच्चे आम का पन्ना लेने से परहेज करना चाहिए। यह जोड़ों में वात की समस्या को बढ़ा सकता है।
  • पानी का अधिक सेवन: आम खाने वाले दिनों में अपने पानी पीने की आदत को बढ़ा दें। अधिक पानी यूरिक एसिड के क्रिस्टल्स को किडनी के रास्ते शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है।
डॉ. आलोक मिश्रा पाबना के स्वास्थ्य संवाददाता हैं और चिकित्सा, बीमारियों तथा वेलनेस से जुड़ी खबरों को प्रामाणिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाते हैं। नई रिसर्च, इलाज और रोकथाम पर वे विशेषज्ञों के हवाले से सटीक जानकारी देते हैं। उनका जोर भरोसेमंद और जिम्मेदार स्वास्थ्य पत्रकारिता पर है।

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