ट्विशा मौत मामला: भोपाल पुलिस की जांच पर उठे सवाल, फंदे की पहचान आरोपियों से न कराने का आरोप मध्य प्रदेश एक घंटा पहले 2
मॉडल-एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत की जांच में भोपाल पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए हैं, क्योंकि जब्त किए गए फंदे की पहचान आरोपी पति और सास से नहीं कराई गई। फिलहाल मामले की जांच सीबीआई कर रही है।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की मौत के मामले की जांच अब सीबीआई के हाथ में है। 12 मई को वह अपने घर पर मृत मिली थीं। ससुराल पक्ष ने इस घटना को आत्महत्या करार दिया, जबकि ट्विशा के परिजन इसे हत्या मानते हुए ससुरालवालों पर आरोप लगा रहे हैं।

फंदे की जब्ती और पहचान पर सवाल

अब सामने आई जानकारी के अनुसार, सब-इंस्पेक्टर दिनेश शर्मा ने 13 मई को सुबह 09:42 बजे वह लिगेचर यानी फंदा जब्त किया था। उस समय इस फंदे की पहचान ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह से नहीं कराई गई थी।

जब्ती के दस्तावेजों में उस व्यक्ति का कोई विवरण दर्ज नहीं है जिसने फंदे की पहचान की थी। इसके बाद फंदे को उसी सब-इंस्पेक्टर के साथ कार में रखा गया और समय रहते उसे एम्स भोपाल भेज दिया गया।

दस्तावेज तक आरोपियों की पहुंच पर आपत्ति

घटना में इस्तेमाल हुई वस्तु यानी फंदे की जब्ती से जुड़ा दस्तावेज केस डायरी का हिस्सा था। उस समय तक दोनों आरोपी समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह इसका हिस्सा नहीं थे, इसलिए कानूनी रूप से उन्हें यह दस्तावेज देखने का अधिकार नहीं था। इसके बावजूद उन्होंने इसे अदालत में अपने जवाब के साथ पेश किया, जिससे यह संकेत मिलता है कि जांच एजेंसी पर उनका पूरा प्रभाव रहा।

उसी दिन बने तीन और जब्ती मेमो

उसी दिन तीन और जब्ती मेमो भी तैयार किए गए थे, लेकिन उनमें समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह की सही जानकारी दर्ज की गई थी। इससे यह स्पष्ट होता है कि इस मामले में जांच एजेंसी शुरुआत से किस तरीके से काम कर रही थी।

उपरोक्त सभी तथ्य गिरिबाला सिंह की ओर से मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में 27 मई को दायर की गई अग्रिम जमानत याचिका के जवाब से सत्यापित होते हैं।

सीबीआई को रिक्रिएशन रिपोर्ट का इंतजार

उल्लेखनीय है कि सीबीआई घटनास्थल यानी घर पर क्राइम सीन को दोबारा रचकर देख चुकी है। इस दौरान समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह वहीं मौजूद थे। फांसी का फंदा लगाने के लिए सीबीआई टीम ने ट्विशा शर्मा जितनी लंबी और वजनी डमी का उपयोग किया। जांच पूरी होने के बाद टीम ने सारा डाटा दिल्ली स्थित सेंट्रल लैब भेज दिया।

अब सीबीआई को रिक्रिएशन रिपोर्ट का इंतजार है। इसी रिपोर्ट से यह साफ होगा कि यह हत्या का मामला है या आत्महत्या का। माना जा रहा है कि यह रिपोर्ट इसी हफ्ते आ सकती है। फिलहाल दोनों आरोपी समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह जेल में हैं और सीबीआई उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ कर चुकी है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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