मध्य प्रदेश
एक घंटा पहले
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मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल अचानक तेज हो गई है। इसी महीने प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों पर मतदान होना है। संख्या बल के लिहाज़ से दो सीटें बीजेपी और एक सीट कांग्रेस के खाते में जाती दिख रही थीं, लेकिन बीजेपी ने तीसरी सीट पर भी अपना उम्मीदवार उतारकर पूरे चुनाव को रोमांचक बना दिया है।
कांग्रेस ने जहां मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा भेजने के लिए आगे किया है, वहीं बीजेपी ने उनके मुकाबले महेश केवट को मैदान में उतार दिया है। महेश केवट फिलहाल मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष हैं। सोमवार को मीनाक्षी नटराजन और महेश केवट दोनों अपना नामांकन दाखिल करेंगे, जिसके बाद तीसरी सीट का मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।
कौन हैं महेश केवट
महेश केवट बुंदेलखंड के निवाड़ी से ताल्लुक रखते हैं और अन्य पिछड़ा वर्ग के अंतर्गत आने वाले केवट समाज से हैं। वे लंबे समय से क्षेत्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। सोमवार को वे अपना नामांकन पत्र भरेंगे।
महेश केवट का नाम इससे पहले भी चर्चा में रह चुका है। नगरीय निकाय चुनाव के दौरान उन पर बीजेपी के अधिकृत प्रत्याशी के विरुद्ध प्रचार करने का आरोप लगा था। उस वक्त अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से बाहर कर दिया गया था। हालांकि बाद में उन्होंने सक्रियता के साथ पार्टी के लिए काम किया और एक बार फिर नेतृत्व का भरोसा जीत लिया।
संघ की पृष्ठभूमि से हैं केवट
महेश केवट संघ की पृष्ठभूमि से आते हैं। इसी साल अप्रैल में राज्य सरकार ने उन्हें मध्य प्रदेश मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया था। अब राज्यसभा प्रत्याशी बनाए जाने के बाद उनके राजनीतिक कद में और बड़ा इज़ाफा हुआ है।
21 जून को समाप्त हो रहा कार्यकाल
उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश से राज्यसभा के तीन सदस्यों का कार्यकाल 21 जून को पूरा हो रहा है। इनमें से दो सीटें बीजेपी और एक सीट कांग्रेस के पास है। कांग्रेस की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, लेकिन उन्होंने दोबारा राज्यसभा जाने की इच्छा नहीं जताई। इसके बाद पार्टी ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की भरोसेमंद मानी जाने वाली मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया।
दूसरी ओर बीजेपी ने पहली दो सीटों के लिए तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल को प्रत्याशी घोषित किया था। बीते शनिवार और रविवार को पार्टी के शीर्ष नेताओं ने लगातार बैठकें कीं और इसके बाद तीसरी सीट पर महेश केवट को उतारने का फैसला लिया गया।
क्या बीजेपी को क्रॉस वोटिंग की उम्मीद?
विधानसभा में मौजूदा संख्या बल के आधार पर बीजेपी की दो सीटों पर जीत तय मानी जा रही है। वहीं अगर क्रॉस वोटिंग न हो तो एक सीट पर कांग्रेस की जीत की राह भी आसान है। लेकिन महेश केवट को चुनावी मैदान में उतारते ही बीजेपी ने तीसरी सीट का मुकाबला रोचक बना दिया है।
कांग्रेस ने अपने सभी विधायकों को एकजुट कर रखा है और पार्टी के वरिष्ठ नेता मीनाक्षी नटराजन की जीत पक्की करने के लिए रणनीति तैयार करने में जुटे हैं। नामांकन की अंतिम तारीख आज 8 जून है।
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