राजस्थान
एक घंटा पहले
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विचारों
मानवता की अनूठी सेवा
आज के दौर में जहां लोग अपनी भागदौड़ भरी जिंदगी में खुद तक सीमित रह गए हैं, वहीं बाड़मेर के 86 वर्षीय थानाराम कड़वासरा दूसरों की सेवा में अपना जीवन समर्पित कर चुके हैं। उम्र के इस पड़ाव पर जहां लोग शारीरिक आराम की तलाश करते हैं, थानाराम रोजाना 6 किलोमीटर की पैदल यात्रा तय कर हुड्डो की ढाणी बस स्टैंड पहुंचते हैं। उनका एकमात्र ध्येय तपती गर्मी में सफर कर रहे यात्रियों और राहगीरों की प्यास बुझाना है।
कैसे शुरू हुआ यह सफर
इस निस्वार्थ सेवा की कहानी करीब 19 साल पहले शुरू हुई थी। थानाराम बताते हैं कि उन दिनों गांव में भीषण अकाल पड़ा था, जिसके कारण पशुधन पानी के लिए भटकने को मजबूर थे। उन्होंने सबसे पहले बेजुबान जानवरों के लिए पानी की व्यवस्था की। इस दौरान उन्होंने महसूस किया कि सड़क से गुजरने वाले मुसाफिर भी भीषण गर्मी में पानी के लिए परेशान होते हैं। बस तभी से उन्होंने इंसानों की प्यास बुझाने का भी संकल्प लिया, जो आज भी पूरी निष्ठा से जारी है।
बिना किसी प्रचार के जारी है सेवा
थानाराम की इस प्याऊ की सबसे बड़ी विशेषता इसका सादगी भरा स्वरूप है। यहाँ किसी तरह का दान लेने के लिए कोई पेटी नहीं रखी गई है और न ही कोई विज्ञापन किया जाता है। वे बिना किसी आर्थिक मदद के अपने दम पर और परिवार के सहयोग से पिछले दो दशकों से यह पुण्य का काम कर रहे हैं। इस बस स्टैंड से रोजाना डेढ़ दर्जन से अधिक बसें गुजरती हैं, और थानाराम वहां पहुंचने वाले हर प्यासे व्यक्ति को शीतल जल उपलब्ध कराते हैं। उनका मानना है कि प्यासे को पानी पिलाने से बड़ा कोई पुण्य कार्य नहीं हो सकता।
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