उपनाम: मानवता
पाली: होटल में जूठे बर्तन धोने को मजबूर लाचार लाभूराम की बदली किस्मत, दिव्यांग सेवा संस्थान ने अपनाया
पाली के हाईवे पर बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवन बिता रहे मंदबुद्धि लाभूराम देवासी को एक समाजसेवी संस्था ने नया जीवन दिया है। अब उन्हें न केवल रहने का ठिकाना मिला है, बल्कि उन्हें परिवार जैसा अपनापन भी मिल रहा है।
खंडवा में मानवता की मिसाल: डॉक्टर और उनकी टीम बनी लाचार बुजुर्ग का सहारा, कराया इलाज
मध्य प्रदेश के खंडवा में एक बेसहारा बुजुर्ग के लिए डॉक्टर और मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव की टीम फरिश्ता बनकर सामने आई है। गैंग्रीन से जूझ रहे इस बुजुर्ग का न केवल इलाज कराया गया, बल्कि उनके रहने और खाने-पीने की जिम्मेदारी भी उठाई गई है।
91 की उम्र में दलाई लामा का संकल्प, बोले- चीन के लोगों की भी मदद करना चाहता हूं, शायद 130 साल तक जीवित रहूं
तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने अपने 91वें जन्मदिन पर दुनिया भर के लिए करुणा और शांति का संदेश दिया है। घुटने की सर्जरी के बाद स्वास्थ्य लाभ ले रहे लामा ने उम्मीद जताई कि वे भविष्य में चीन के नागरिकों के कल्याण के लिए भी काम करेंगे।
जमुई में पुलिस बनी फरिश्ता, सड़क हादसे में तड़पते युवक की जान बचाकर पेश की मिसाल
बिहार के जमुई जिले में सड़क दुर्घटना के बाद डायल-112 की टीम ने तत्परता दिखाते हुए एक घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस के इस मानवीय कार्य का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी सराहा जा रहा है।
मुरैना में शिक्षिका को आया हार्ट अटैक, दो अनजान युवकों ने CPR देकर बचाई जान
मध्य प्रदेश के मुरैना में सड़क पर गिरकर बेहोश हुईं शिक्षिका की जान दो युवकों की सूझबूझ और CPR तकनीक ने बचा ली।
जोधपुर: 28 साल बाद अपनों से मिले बुजुर्ग, एमडीएम अस्पताल की पहल बनी मिसाल
जोधपुर के एमडीएम अस्पताल ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए 28 वर्षों से लापता रहे एक बुजुर्ग को उनके परिवार से पुन: मिलवाया है।
ओडिशा में शर्मनाक घटना: अंतरजातीय विवाह के कारण सामाजिक बहिष्कार, पिता के शव को साइकिल पर ले जाने को मजबूर हुआ बेटा
ओडिशा के बरगढ़ जिले में एक बेहद दुखद मामला सामने आया है, जहां एक परिवार को सामाजिक बहिष्कार के चलते अपने पिता का शव साइकिल पर श्मशान ले जाना पड़ा। बेटों के अंतरजातीय विवाह के कारण ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार में मदद करने से इनकार कर दिया था।
86 साल की उम्र में अनोखा जज्बा: बाड़मेर के थानाराम 19 साल से रोज 6 किलोमीटर पैदल चलकर बुझा रहे लोगों की प्यास
राजस्थान के बाड़मेर में 86 वर्षीय बुजुर्ग थानाराम मानवता की मिसाल पेश कर रहे हैं। वे पिछले 19 वर्षों से तपती गर्मी में रोजाना 6 किलोमीटर पैदल चलकर राहगीरों और यात्रियों को शीतल जल पिला रहे हैं।
34 साल से बिना किसी मदद के प्याऊ चला रहा बुजुर्ग दंपति, गर्मी हो या सर्दी हर दिन बुझाते हैं राहगीरों की प्यास
करौली के वामनपुरा गांव के बुजमोहन माली और उनकी पत्नी कल्याणी देवी वर्ष 1992 से अपने ही खर्च पर प्याऊ चलाकर राहगीरों और श्रद्धालुओं की प्यास बुझा रहे हैं। बिना किसी चंदे या आर्थिक सहायता के चल रही यह सेवा सेवा-भाव की अनूठी मिसाल बन चुकी है।