उपनाम: मानवता
बोधगया में इंसानियत की मिसाल: भीख मांगकर गुजारा करने वाले दिव्यांग ने भिक्षु को दान देकर जीता सबका दिल
बोधगया के महाबोधि मंदिर के पास एक दिव्यांग व्यक्ति ने अपनी दरियादिली का परिचय देते हुए एक बौद्ध भिक्षु को पैसे दान किए, जिसका वीडियो अब इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गया है।
आगरा में पुलिस का मानवीय चेहरा: जंगल में बासी रोटी खा रही बुजुर्ग को देख पसीजा ACP का दिल
उत्तर प्रदेश के आगरा में एक बुजुर्ग महिला की मदद के लिए पुलिस की एक टीम आगे आई है। जंगल में अकेली रहने वाली इस महिला को एसीपी इमरान अहमद ने राशन और कपड़े मुहैया कराए, जिसका वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है।
नालासोपारा में मानवता हुई कलंकित, 17 साल की नाबालिग मां के नवजात को बेचने के आरोप में निजी अस्पताल सील
महाराष्ट्र के नालासोपारा में एक नाबालिग लड़की के नवजात बच्चे को बेचे जाने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्चे को बरामद कर लिया है और डॉक्टर समेत कई लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
नेपाल आपदा: देहरादून के लोगों ने दिखाई दरियादिली, जुटाए 60 से 70 लाख रुपये की मदद
नेपाल में आई तबाही के बाद देहरादून के निवासियों ने एकजुट होकर राहत अभियान चलाया और प्रभावित परिवारों के लिए लाखों की आर्थिक सहायता जुटाई है।
BSF का मानवीय चेहरा: पद्मा नदी में डूबे 10 बांग्लादेशियों को बचाया, 30 दिन के नवजात को दी नई जिंदगी
भारत-बांग्लादेश सीमा पर तैनात BSF के जवानों ने दरियादिली दिखाते हुए नदी में डूबी नाव के 10 यात्रियों को सकुशल बाहर निकाला। इनमें शामिल 30 दिन के एक नवजात की जान बचाना जवानों की सतर्कता और बहादुरी का बड़ा उदाहरण है।
नेपाल आपदा में फरिश्ते बनकर पहुंचे अंबाला के डॉक्टर, वापसी पर पीड़ितों ने पूछा- फिर कब आओगे?
नेपाल में भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद अंबाला के फिलाडेल्फिया अस्पताल की टीम ने तीन दिनों तक प्रभावितों की मुफ्त चिकित्सा सेवा की। वापस लौटते समय वहां के लोगों का भावुक सवाल कि डॉक्टर साहब आप दोबारा कब आएंगे, इन डॉक्टरों के जज्बे को बयां करता है।
60 हजार की नौकरी करने वाले नरेंद्र ने संभाली 150 परिवारों की जिम्मेदारी, मिसाल बन गई ये दरियादिली
तेलंगाना के गड़चंदा नरेंद्र अबू धाबी में रहकर खाड़ी देशों में मुसीबत में फंसे भारतीय मजदूरों के लिए एक सहारा बन गए हैं। वे अब तक 150 परिवारों तक उनके अपनों के शव पहुंचाने में मदद कर चुके हैं।
चलती ट्रेन में देवदूत बनकर आए किन्नर: श्रमजीवी एक्सप्रेस में महिला की कराई सुरक्षित डिलीवरी, जुड़वा बच्चों को दिया जन्म
राजगीर-नई दिल्ली श्रमजीवी एक्सप्रेस में एक गर्भवती महिला के लिए किन्नर फरिश्ते बनकर सामने आए। ट्रेन में प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला की मदद के लिए जब कोई आगे नहीं आया, तो उन्होंने साहस दिखाते हुए सफल प्रसव कराया।
पाली: होटल में जूठे बर्तन धोने को मजबूर लाचार लाभूराम की बदली किस्मत, दिव्यांग सेवा संस्थान ने अपनाया
पाली के हाईवे पर बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवन बिता रहे मंदबुद्धि लाभूराम देवासी को एक समाजसेवी संस्था ने नया जीवन दिया है। अब उन्हें न केवल रहने का ठिकाना मिला है, बल्कि उन्हें परिवार जैसा अपनापन भी मिल रहा है।
खंडवा में मानवता की मिसाल: डॉक्टर और उनकी टीम बनी लाचार बुजुर्ग का सहारा, कराया इलाज
मध्य प्रदेश के खंडवा में एक बेसहारा बुजुर्ग के लिए डॉक्टर और मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव की टीम फरिश्ता बनकर सामने आई है। गैंग्रीन से जूझ रहे इस बुजुर्ग का न केवल इलाज कराया गया, बल्कि उनके रहने और खाने-पीने की जिम्मेदारी भी उठाई गई है।
91 की उम्र में दलाई लामा का संकल्प, बोले- चीन के लोगों की भी मदद करना चाहता हूं, शायद 130 साल तक जीवित रहूं
तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने अपने 91वें जन्मदिन पर दुनिया भर के लिए करुणा और शांति का संदेश दिया है। घुटने की सर्जरी के बाद स्वास्थ्य लाभ ले रहे लामा ने उम्मीद जताई कि वे भविष्य में चीन के नागरिकों के कल्याण के लिए भी काम करेंगे।
जमुई में पुलिस बनी फरिश्ता, सड़क हादसे में तड़पते युवक की जान बचाकर पेश की मिसाल
बिहार के जमुई जिले में सड़क दुर्घटना के बाद डायल-112 की टीम ने तत्परता दिखाते हुए एक घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस के इस मानवीय कार्य का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी सराहा जा रहा है।
मुरैना में शिक्षिका को आया हार्ट अटैक, दो अनजान युवकों ने CPR देकर बचाई जान
मध्य प्रदेश के मुरैना में सड़क पर गिरकर बेहोश हुईं शिक्षिका की जान दो युवकों की सूझबूझ और CPR तकनीक ने बचा ली।
जोधपुर: 28 साल बाद अपनों से मिले बुजुर्ग, एमडीएम अस्पताल की पहल बनी मिसाल
जोधपुर के एमडीएम अस्पताल ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए 28 वर्षों से लापता रहे एक बुजुर्ग को उनके परिवार से पुन: मिलवाया है।
ओडिशा में शर्मनाक घटना: अंतरजातीय विवाह के कारण सामाजिक बहिष्कार, पिता के शव को साइकिल पर ले जाने को मजबूर हुआ बेटा
ओडिशा के बरगढ़ जिले में एक बेहद दुखद मामला सामने आया है, जहां एक परिवार को सामाजिक बहिष्कार के चलते अपने पिता का शव साइकिल पर श्मशान ले जाना पड़ा। बेटों के अंतरजातीय विवाह के कारण ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार में मदद करने से इनकार कर दिया था।