जीवनशैली
2 महीने पहले
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विचारों
मानसून के आगमन से बदली तस्वीर
राजस्थान के भरतपुर में स्थित विश्व प्रसिद्ध केवलादेव नेशनल पार्क एक बार फिर अपनी पुरानी चमक के साथ जीवंत हो उठा है। मानसून की पहली फुहारों के साथ ही पार्क के पारिस्थितिकी तंत्र में बड़ा बदलाव आया है। बारिश के कारण पार्क के क्षेत्रों में जलभराव बढ़ गया है, जिससे पक्षियों के लिए एक आदर्श और अनुकूल वातावरण तैयार हो गया है।
पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र
यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शुमार इस पार्क की प्राकृतिक सुंदरता मानसून में और अधिक निखर गई है। पक्षी प्रेमियों और पर्यटकों के लिए यह जगह किसी जन्नत से कम नहीं है। पार्क के भीतर पक्षियों की चहचहाहट ने एक बार फिर बर्ड वॉचिंग के अनुभव को अद्भुत बना दिया है। इस सीजन में यहाँ अलग-अलग प्रजातियों के पक्षियों का बसेरा बढ़ रहा है, जो इसे और अधिक आकर्षक बना रहे हैं।
पर्यटन में बढ़ेगी चहल-पहल
पार्क प्रशासन का मानना है कि जैसे-जैसे पक्षियों की संख्या में वृद्धि हो रही है, वैसे-वैसे यहां पर्यटन गतिविधियों में भी तेजी आएगी। स्थानीय और प्रवासी पक्षियों की मौजूदगी से यहां न केवल प्रकृति की सुंदरता बढ़ी है, बल्कि आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में सैलानियों के पहुंचने की भी संभावना है। बर्ड वॉचिंग के शौकीन लोगों के लिए यह समय केवलादेव नेशनल पार्क की यात्रा करने का सबसे बेहतरीन मौका है।
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