हेमंत सोरेन के नेतृत्व पर सुप्रियो भट्टाचार्य की टिप्पणी से सियासी घमासान, भाजपा ने कसा तंज झारखंड 2 महीने पहले 95
झारखंड राज्यसभा चुनाव में हुई क्रॉस वोटिंग के बाद सत्तारूढ़ गठबंधन में आंतरिक कलह खुलकर सामने आ गई है। सुप्रियो भट्टाचार्य के बयान पर भाजपा विधायक सीपी सिंह ने कटाक्ष करते हुए इसे गठबंधन की कमजोर नींव बताया है।

राज्यसभा चुनाव के बाद बढ़ी तनातनी

झारखंड में राज्यसभा चुनाव के दौरान हुई क्रॉस वोटिंग का मुद्दा अब राज्य की राजनीति में बड़ा टकराव बन चुका है। सत्तारूढ़ इंडिया गठबंधन के भीतर छिड़ा यह विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। झामुमो के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने सार्वजनिक रूप से यह कहकर खलबली मचा दी है कि हेमंत सोरेन अब 56 नहीं, बल्कि मात्र 50 विधायकों के नेता हैं।

क्या है सुप्रियो भट्टाचार्य का दावा

सुप्रियो भट्टाचार्य के इस बयान के पीछे मुख्य कारण राज्यसभा चुनाव में गठबंधन के उम्मीदवार की हार है। उनका कहना है कि गठबंधन के पास कुल 56 विधायक होने के बावजूद राज्यसभा चुनाव में केवल 50 विधायकों ने ही पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया। इसी आधार पर उन्होंने टिप्पणी की कि हेमंत सोरेन और राहुल गांधी केवल उन 50 विधायकों का नेतृत्व कर रहे हैं जिन्होंने गठबंधन का समर्थन किया।

भाजपा ने उठाए सवाल

इस बयान पर भाजपा के वरिष्ठ विधायक सीपी सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह बयान खुद इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि सत्ताधारी गठबंधन के भीतर गंभीर अविश्वास और अंतर्कलह पैदा हो चुकी है। सीपी सिंह के अनुसार, यह सरकार की कमजोरी की सार्वजनिक स्वीकारोक्ति है। उन्होंने आगे कहा कि जिन विधायकों पर गद्दारी के आरोप लग रहे हैं, वे इस गठबंधन की गिरती हुई नींव को उजागर कर रहे हैं।

गठबंधन के भीतर आरोप प्रत्यारोप

राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार प्रणव झा की हार के बाद से ही इंडिया गठबंधन में दरारें दिखने लगी हैं। कांग्रेस ने अपने सहयोगियों आरजेडी और भाकपा माले के कुछ विधायकों पर क्रॉस वोटिंग का आरोप लगाया था। दूसरी ओर, इन सहयोगी दलों ने आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है और कांग्रेस के अंदर ही क्रॉस वोटिंग की संभावना जताई है।

सरकार पर क्या है असर

राजनीतिक बयानबाजी के बावजूद, फिलहाल हेमंत सोरेन सरकार के बहुमत पर कोई सीधा संवैधानिक संकट नहीं है। विधानसभा में इंडिया गठबंधन की आधिकारिक संख्या अभी भी 56 बनी हुई है। हालांकि, चुनाव परिणामों के बाद मचे इस घमासान ने यह संकेत दे दिया है कि गठबंधन के भीतर तालमेल और भरोसे की भारी कमी है, जो आने वाले दिनों में राज्य की सियासत को और अधिक अस्थिर बना सकता है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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