उपनाम: प्रेरक कहानी
बिहार के इस गांव के पहले BPSC शिक्षक बने थे नागेश्वर दास, बिना TET और B.Ed के ऐसे मिली थी नौकरी
आज के दौर में शिक्षक बनने के लिए तमाम परीक्षाएं और प्रशिक्षण जरूरी हैं, लेकिन गया जिले के बिशुनपुर गांव के नागेश्वर दास और उनकी पत्नी यमुना कुमारी ने उस दौर में सफलता हासिल की थी जब ये प्रक्रियाएं नहीं थीं। बीपीएससी के माध्यम से चयनित यह दंपती आज शिक्षा ज...
3000 बच्चों की बदली तकदीर, आधी सैलरी शिक्षा पर खर्च करने वाले दुर्गाराम मुवाल की कहानी
उदयपुर के शिक्षक दुर्गाराम मुवाल ने अपने वेतन का आधा हिस्सा जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई पर खर्च कर उन्हें बाल श्रम के अंधेरे से बाहर निकाला है। उनके इसी समर्पित जज्बे के लिए उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
सिर्फ 6 महीने की उम्र में गंवा दिए दोनों पैर, फिर भी बहराइच के नसीम ने नहीं मानी हार
उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के रहने वाले नसीम ने शारीरिक विकलांगता को मात देते हुए संघर्ष भरी जिंदगी को एक नई दिशा दी है। आज वे जोमैटो में डिलीवरी एजेंट के रूप में काम कर अपना पेट पाल रहे हैं और शिक्षक बनने का सपना देख रहे हैं।
हिमाचल: उफनते नाले को बुलडोजर से पार कर पलजोम ने बच्चों को पिलाई पोलियो की दवा, जज्बे को सलाम
हिमाचल प्रदेश के दुर्गम लाहौल में एक स्वास्थ्य कार्यकर्ता ने अपनी जान जोखिम में डालकर उफनते नाले को बुलडोजर से पार किया ताकि समय पर बच्चों को पोलियो की खुराक दी जा सके।
बेगूसराय के डॉक्टर ने रचा इतिहास, बेटे से प्रेरित होकर जीते शूटिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल
बिहार के बेगूसराय के रहने वाले डॉ. अजय कुमार ने 49 साल की उम्र में राज्य स्तरीय शूटिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर एक मिसाल पेश की है। अपनी व्यस्त दिनचर्या के बावजूद उन्होंने शूटिंग के लिए समय निकाला और इस सफलता का श्रेय अपने बेटे और कोच को दिया है।
मेहंदी की रस्म के बीच आई सफलता की खबर, दिव्यांग विकास कुमार ने BPSC पास कर बना लिया BDO का पद
जहानाबाद के रहने वाले विकास कुमार ने अपनी शारीरिक चुनौतियों को मात देते हुए बीपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल की है। जिस दिन उनके घर में शादी की मेहंदी की रस्म हो रही थी, उसी दिन उन्हें प्रखंड विकास पदाधिकारी बनने की खुशखबरी मिली।
86 साल की उम्र में अनोखा जज्बा: बाड़मेर के थानाराम 19 साल से रोज 6 किलोमीटर पैदल चलकर बुझा रहे लोगों की प्यास
राजस्थान के बाड़मेर में 86 वर्षीय बुजुर्ग थानाराम मानवता की मिसाल पेश कर रहे हैं। वे पिछले 19 वर्षों से तपती गर्मी में रोजाना 6 किलोमीटर पैदल चलकर राहगीरों और यात्रियों को शीतल जल पिला रहे हैं।
BPSC में शगुफ्ता फिरदौस का कमाल, सिलाई करने वाले पिता की बेटी बनी अफसर
पूर्वी चंपारण की रहने वाली शगुफ्ता फिरदौस ने 70वीं BPSC परीक्षा में पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की है। अब वह जिला श्रम कल्याण पदाधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं देंगी।
सक्सेस स्टोरी: खुद कलेक्टर नहीं बन पाए राहुल गीते, लेकिन तैयार कर दिए सैकड़ों अफसर; पढ़िए प्रेरक कहानी
खंडवा के राहुल गीते कलेक्टर बनने का सपना तो पूरा नहीं कर सके, पर उन्होंने अब तक 450 से अधिक छात्रों को सरकारी सेवाओं तक पहुंचाकर शिक्षा को सेवा का रूप दे दिया है।
8 बार नाकाम हुए, कुल्फी बेचकर पाला परिवार! 9वीं कोशिश में बिहार पुलिस में चयन, धीरज की प्रेरक कहानी
जहानाबाद के धीरज कुमार ने आठ बार असफल होने के बावजूद हिम्मत नहीं हारी और नौवें प्रयास में बिहार पुलिस में जगह बनाई। जिस समय मेरिट लिस्ट जारी हुई, उस वक्त वे बाजार में मटका कुल्फी बेच रहे थे।
10 साल पुरानी साइकिल बन गई फूड कार्ट: दिन में स्कूल और शाम को कमाई, 16 साल के सौरव की प्रेरक कहानी
पटना के 16 वर्षीय सौरव ने घर में बेकार पड़ी 10 साल पुरानी साइकिल को फूड कार्ट में बदलकर बटाटा पूरी, दही वड़ा और आलू चाट बेचना शुरू किया। सुबह स्कूल और शाम को स्टॉल लगाकर वह परिवार का सहारा बन रहे हैं।
खैरथल का 'ट्री-मैन' सुरेंद्र: 46 साल से बिना फोन और वाहन के लगा रहे हरियाली की मुहिम, बदल दी पहाड़ों की सूरत
खैरथल-तिजारा के पेहल गांव के सुरेंद्र सैन पिछले 46 वर्षों से बिना मोबाइल और वाहन के पर्यावरण संरक्षण में जुटे हैं और अब तक 1.10 लाख से अधिक पौधे लगा चुके हैं। तपती गर्मी में 8-10 किमी दूर से पानी लाकर वे पहाड़ों पर पौधों को सींचते हैं।