कुमाऊं की वादियों का रसीला आड़ू बना देशभर की पसंद, बागवानों की आमदनी में इजाफा उत्तराखंड 3 महीने पहले 51
उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में उगने वाला पहाड़ी आड़ू अपने खास स्वाद और सुगंध के दम पर बड़े महानगरों के बाजारों तक पहुंच रहा है, जिससे स्थानीय किसानों की आजीविका मजबूत हो रही है।

उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों की साफ-सुथरी जलवायु और उपजाऊ मिट्टी में पकने वाला 'पहाड़ी आड़ू' अपने निराले स्वाद, मनमोहक खुशबू और भरपूर रसीलेपन की वजह से देशभर के लोगों की पहली पसंद बनता जा रहा है। यही खूबियां इस फल को बाजार में दूसरों से अलग पहचान दिलाती हैं।

कुमाऊं के बागानों से महानगरों तक का सफर

कुमाऊं क्षेत्र के रामगढ़, अल्मोड़ा और बागेश्वर के बागानों में तैयार होने वाला यह फल अब दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े महानगरों के बाजारों की रौनक बढ़ा रहा है। पहाड़ की वादियों से निकलकर यह आड़ू देश के बड़े मंडियों तक अपनी जगह बना चुका है।

किसानों की आजीविका का सहारा

पहाड़ी आड़ू अब केवल एक फल भर नहीं रहा, बल्कि स्थानीय किसानों की रोजी-रोटी का मुख्य आधार बन गया है। इसकी बढ़ती मांग ने बागवानों की आमदनी बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।

औषधीय गुण और रोजगार के नए अवसर

औषधीय गुणों से भरपूर यह फल लंबे समय से पारंपरिक जीवनशैली का हिस्सा रहा है। अब एग्री-टूरिज्म के माध्यम से यह रोजगार के नए रास्ते भी खोल रहा है, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा मिल रही है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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