मध्य प्रदेश
एक घंटा पहले
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विचारों
खेती में नवाचार की मिसाल
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के निम्बोला गांव में रहने वाले 65 वर्षीय किसान ओंकार महाजन ने खेती को मुनाफे का सौदा बना दिया है। पिछले 35 वर्षों से खेती कर रहे ओंकार ने अपनी 6 एकड़ जमीन पर पारंपरिक तरीकों से हटकर मिश्रित खेती का रास्ता चुना है। वे अब एक ही खेत में एक साथ तुअर, केला, ज्वार और सब्जियां उगा रहे हैं।
हर साल लाखों की कमाई
ओंकार महाजन का कहना है कि उन्होंने कक्षा आठवीं तक पढ़ाई की है, लेकिन तकनीक और खेती के नए तरीकों के प्रति उनकी समझ बहुत गहरी है। पिछले 10 वर्षों से वे एक ही जमीन पर चार फसलों का चक्र अपना रहे हैं। इस आधुनिक सोच का नतीजा यह है कि उन्हें सालाना 4 से 5 लाख रुपये की अच्छी आय हो रही है। उनकी सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वे अपने खेत में 8 से 10 लोगों को नियमित रूप से रोजगार भी उपलब्ध करा रहे हैं।
तकनीक और अनुभव का संगम
ओंकार महाजन ने बताया कि शुरुआती दौर में उनके परिवार में केवल पारंपरिक खेती ही की जाती थी। हालांकि, सोशल मीडिया के दौर और कृषि वैज्ञानिकों व अधिकारियों के संपर्क में आने के बाद उन्हें एक ही भूमि पर कई तरह की फसलें लगाने की जानकारी मिली। उन्होंने बताया कि:
- खेती की बुनियादी बारीकियां उन्होंने अपने पिता से सीखी हैं।
- कम लागत वाली फसलों जैसे ज्वार, तुअर और सब्जियों को प्राथमिकता दी जाती है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन मिलने से मुनाफे में काफी वृद्धि हुई है।
जिले के मॉडल किसान
अपनी मेहनत और खेती के नए तौर-तरीकों के चलते आज ओंकार महाजन जिले के लिए एक मॉडल किसान बन चुके हैं। उनकी इस उपलब्धि के लिए उन्हें जिला प्रशासन द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है। वे अन्य किसानों के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा बनकर उभरे हैं कि कैसे सीमित संसाधनों और सही योजना के साथ खेती को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाया जा सकता है।
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