उपनाम: धार्मिक स्थल
अधरशिला महादेव मंदिर: हवा में लटकी विशाल चट्टान पर बसा है राजस्थान का यह अनोखा शिवालय
राजस्थान के भीलवाड़ा में स्थित अधरशिला महादेव मंदिर अपनी अद्भुत वास्तुकला और करीब 1200 साल पुराने रहस्यमयी इतिहास के लिए जाना जाता है।
अंबाला का 144 साल पुराना अनोखा मंदिर, जहां आज भी बिना सरिया के खड़ा है प्राचीन निर्माण
हरियाणा के अंबाला में स्थित जमना दास जवाहर लाल मंदिर अपनी अद्भुत वास्तुकला और धार्मिक मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है, जहां 1882 से जय-विजय की मूर्तियां द्वारपाल के रूप में तैनात हैं।
भीमलिंगेश्वर स्वामी मंदिर: मूसी नदी के किनारे बसा एक ऐसा शिवलिंग जिसे गले लगाना है नामुमकिन
तेलंगाना के संगम गांव में स्थित प्राचीन श्री भीमलिंगेश्वर स्वामी मंदिर अपने विशालकाय शिवलिंग के लिए प्रसिद्ध है, जो अब एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है।
अशोक धाम मंदिर: कैसे एक चरवाहे की गिल्ली ने बदल दी लखीसराय के इस मंदिर की किस्मत
बिहार के लखीसराय में स्थित प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर में सावन के दौरान हुए दर्दनाक हादसे ने सबको झकझोर दिया है, वहीं इस मंदिर का इतिहास और इसके मिलने की कहानी काफी हैरान करने वाली है।
राजस्थान के माउंट आबू में मानसून का जादू: यहाँ छिपे हैं केदारनाथ-बद्रीनाथ जैसे पवित्र मंदिर
राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू मानसून के दौरान अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और प्राचीन धार्मिक स्थलों के लिए सैलानियों को मंत्रमुग्ध कर देता है।
स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगे के रंगों में नहाया सांवलिया सेठ का धाम, श्रद्धालुओं ने देखा अद्भुत नजारा
चित्तौड़गढ़ स्थित श्री सांवलिया सेठ मंदिर को 15 अगस्त के उपलक्ष्य में भव्य तरीके से तिरंगे की रोशनी से सजाया गया है। आस्था और देशभक्ति का यह अनूठा संगम देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
ऋषिकेश की बदली तस्वीर: कभी बद्रीनाथ जाने वाले तीर्थयात्रियों का मुख्य रास्ता हुआ करता था यह इलाका
ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट के आसपास का इलाका, जो आज बाजारों और भीड़भाड़ से भरा हुआ है, कभी बद्रीनाथ धाम की कठिन पैदल यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव था। समय के साथ शहर के विकास ने इस ऐतिहासिक रास्ते की पहचान पूरी तरह से बदल दी है।
रांची के 3 प्रसिद्ध खाटू श्याम मंदिर, जहाँ आस्था की डोर खींच लाती है श्रद्धालुओं को
झारखंड की राजधानी रांची में खाटू श्याम जी महाराज के तीन अत्यंत भव्य मंदिर स्थित हैं, जहाँ भक्तों की अपार श्रद्धा और आस्था का सैलाब उमड़ता है। यहाँ की अलौकिक सुंदरता और भंडारे का स्वाद भक्तों को बार-बार अपनी ओर आकर्षित करता है।
नीलेश्वर महादेव मंदिर: जानिए हरिद्वार का वो रहस्यमयी स्थान जहां शिव ने पिया था विष
हरिद्वार स्थित प्राचीन नीलेश्वर महादेव मंदिर का विशेष धार्मिक महत्व है। मान्यता है कि यहीं भगवान शिव ने समुद्र मंथन का विष ग्रहण किया था और यहीं से उनका ससुराल भी दिखाई देता है।
भागलपुर का ऐतिहासिक बूढ़ानाथ मंदिर: रामायण काल से जुड़ी हैं इस पावन धाम की प्राचीन कथाएं
गंगा के तट पर बसा भागलपुर का बूढ़ानाथ मंदिर अपनी आध्यात्मिक भव्यता और रामायण काल से जुड़े गहरे संबंधों के लिए प्रसिद्ध है। सावन के पवित्र महीने में इस मंदिर में श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ती है और भक्त बाबा बाल वृद्धेश्वर नाथ का आशीर्वाद लेने पहुंचते है...
उज्जैन का अनोखा रामेश्वर महादेव मंदिर: जहां 160 डिग्री तक घूमता है शिवलिंग, मिलता है 12 ज्योतिर्लिंगों का आशीर्वाद
मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित रामेश्वर महादेव मंदिर अपनी एक विशेष खूबी के लिए देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। मान्यता है कि मंत्रोच्चार के दौरान यहां का शिवलिंग 160 डिग्री तक घूमता है और इसके दर्शन से 12 ज्योतिर्लिंगों के बराबर पुण्य प्राप्त होता है...
पटना का अनोखा पंचरूपी हनुमान मंदिर, जहां बजरंगबली अपने पांच भाइयों के साथ हैं विराजमान
पटना के राजवंशी नगर में स्थित एक बेहद खास मंदिर में हनुमान जी अपने पांच भाइयों के साथ विराजते हैं, जहां श्रद्धालु एक साथ बजरंगबली के छह स्वरूपों के दर्शन कर सकते हैं।
बालोद का सियादेवी मंदिर: जहां आज भी जीवंत है रामायण काल की पौराणिक कथा
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में स्थित मां सियादेवी मंदिर अपनी प्राकृतिक सुंदरता और रामायण काल से जुड़ी मान्यताओं के लिए श्रद्धालुओं के बीच बेहद लोकप्रिय है।
सीकर का हर्षनाथ मंदिर: 1053 साल पुराना शिवधाम और शेखावाटी का अनोखा हिल स्टेशन
राजस्थान के सीकर जिले में स्थित हर्षनाथ मंदिर अपनी ऐतिहासिक विरासत और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है, जिसे शेखावाटी का हिल स्टेशन भी कहा जाता है।
मुजफ्फरपुर के प्रसिद्ध शिव मंदिरों की महिमा, सावन में इन पावन स्थानों पर जरूर करें दर्शन
सावन का पवित्र महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सर्वोत्तम माना गया है। मुजफ्फरपुर में कई ऐसे प्राचीन शिव मंदिर हैं जहां सावन के दौरान भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है और लोग अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए यहां जलाभिषेक करते हैं।