उपनाम: धार्मिक स्थल
आंध्र प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक विकास: मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने दिए 5,000 नए मंदिरों के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने राज्य में पांच हजार नए मंदिरों के निर्माण को गति देने और साथ ही एक हजार प्राचीन मंदिरों के जीर्णोद्धार का आदेश दिया है।
श्रीकृष्ण की भक्ति में डूबना है तो जरूर जाएं ब्रज के इन 5 प्रसिद्ध मंदिरों में
ब्रज का पूरा क्षेत्र भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से सराबोर है। अगर आप भी कान्हा के भक्त हैं, तो इन पांच प्रमुख मंदिरों के दर्शन कर आप अपनी यात्रा को अविस्मरणीय बना सकते हैं।
मिनी रामदेवरा: अजमेर से सिर्फ 30 किमी दूर है आस्था का केंद्र, जहां की मिट्टी भी है प्रसाद
राजस्थान में भादवा के महीने में बाबा रामदेव जी की भक्ति अपने चरम पर होती है। यदि आप जैसलमेर नहीं जा पा रहे हैं, तो अजमेर के पास स्थित मिनी रामदेवरा जाकर बाबा के दर्शन कर सकते हैं।
पाकिस्तान: नारोवाल में 100 साल पुराना ऐतिहासिक हिंदू मंदिर ढहाया गया, प्रशासन का अजीबोगरीब दावा
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में एक सदी पुराने मंदिर को गिराए जाने से हड़कंप मच गया है। जहां स्थानीय लोग इसे कट्टरपंथियों की साजिश बता रहे हैं, वहीं अधिकारी इसे प्राकृतिक आपदा का नतीजा बता रहे हैं।
पाकिस्तान का शर्मनाक चेहरा: बलूचिस्तान में 200 साल पुराने गुरुद्वारे पर चला बुल्डोजर
पाकिस्तान के बलूचिस्तान में प्रशासन ने एक ऐतिहासिक 200 साल पुराने गुरुद्वारे को ध्वस्त कर दिया है, ताकि उस जगह पर मॉल बनाया जा सके। इस कार्रवाई से स्थानीय सिख समुदाय में गहरा आक्रोश है और उन्होंने इसे अपनी धार्मिक धरोहर पर हमला बताया है।
फांसीकाट महादेव मंदिर: कभी यहां दी जाती थी फांसी, अब बरसती है भोलेनाथ की कृपा
जयपुर के किशनपोल बाजार में स्थित फांसीकाट महादेव मंदिर एक प्राचीन और रहस्यमयी धार्मिक स्थल है, जिसका इतिहास रियासतकाल की सजाओं से जुड़ा है।
चमोली का रहस्यमयी गोपीनाथ मंदिर: जहां गोपी के रूप में पूजे जाते हैं भगवान शिव, मौजूद है अद्भुत विशाल त्रिशूल
उत्तराखंड के चमोली में स्थित गोपीनाथ मंदिर अपनी अनूठी वास्तुकला और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है। इस स्थान पर भगवान शिव गोपी के रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं और यहां एक प्राचीन अष्टधातु का त्रिशूल भी स्थापित है।
बालाघाट की गढ़दा पहाड़ियों में स्थित मां अन्नपूर्णा का अलौकिक धाम, चट्टानों के बीच बसे मंदिर की कठिन यात्रा
मध्य प्रदेश के बालाघाट में स्थित मां अन्नपूर्णा का मंदिर एक दुर्गम पहाड़ी पर चट्टानों के बीच बसा है, जहां तक पहुंचना किसी रोमांचक चुनौती से कम नहीं है। साल 2006 में प्रकट हुई मां की इस महिमा को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।
अधरशिला महादेव मंदिर: हवा में लटकी विशाल चट्टान पर बसा है राजस्थान का यह अनोखा शिवालय
राजस्थान के भीलवाड़ा में स्थित अधरशिला महादेव मंदिर अपनी अद्भुत वास्तुकला और करीब 1200 साल पुराने रहस्यमयी इतिहास के लिए जाना जाता है।
अंबाला का 144 साल पुराना अनोखा मंदिर, जहां आज भी बिना सरिया के खड़ा है प्राचीन निर्माण
हरियाणा के अंबाला में स्थित जमना दास जवाहर लाल मंदिर अपनी अद्भुत वास्तुकला और धार्मिक मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है, जहां 1882 से जय-विजय की मूर्तियां द्वारपाल के रूप में तैनात हैं।
भीमलिंगेश्वर स्वामी मंदिर: मूसी नदी के किनारे बसा एक ऐसा शिवलिंग जिसे गले लगाना है नामुमकिन
तेलंगाना के संगम गांव में स्थित प्राचीन श्री भीमलिंगेश्वर स्वामी मंदिर अपने विशालकाय शिवलिंग के लिए प्रसिद्ध है, जो अब एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है।
अशोक धाम मंदिर: कैसे एक चरवाहे की गिल्ली ने बदल दी लखीसराय के इस मंदिर की किस्मत
बिहार के लखीसराय में स्थित प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर में सावन के दौरान हुए दर्दनाक हादसे ने सबको झकझोर दिया है, वहीं इस मंदिर का इतिहास और इसके मिलने की कहानी काफी हैरान करने वाली है।
राजस्थान के माउंट आबू में मानसून का जादू: यहाँ छिपे हैं केदारनाथ-बद्रीनाथ जैसे पवित्र मंदिर
राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू मानसून के दौरान अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और प्राचीन धार्मिक स्थलों के लिए सैलानियों को मंत्रमुग्ध कर देता है।
स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगे के रंगों में नहाया सांवलिया सेठ का धाम, श्रद्धालुओं ने देखा अद्भुत नजारा
चित्तौड़गढ़ स्थित श्री सांवलिया सेठ मंदिर को 15 अगस्त के उपलक्ष्य में भव्य तरीके से तिरंगे की रोशनी से सजाया गया है। आस्था और देशभक्ति का यह अनूठा संगम देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
ऋषिकेश की बदली तस्वीर: कभी बद्रीनाथ जाने वाले तीर्थयात्रियों का मुख्य रास्ता हुआ करता था यह इलाका
ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट के आसपास का इलाका, जो आज बाजारों और भीड़भाड़ से भरा हुआ है, कभी बद्रीनाथ धाम की कठिन पैदल यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव था। समय के साथ शहर के विकास ने इस ऐतिहासिक रास्ते की पहचान पूरी तरह से बदल दी है।