उपनाम: धार्मिक स्थल
गढ़वा का सतबहिनी झरना: गर्मी में तन को राहत और मन को सुकून देने वाला तीर्थ
झारखंड के गढ़वा जिले में स्थित सतबहिनी झरना प्राकृतिक ठंडक, खूबसूरत नजारों और धार्मिक आस्था का संगम है, जहां हर साल हजारों सैलानी गर्मी से राहत पाने पहुंचते हैं।
श्री काकाजी तीर्थ: आस्था का अनुपम केंद्र, जहां विराजमान हैं विश्व के एकमात्र डबल फण वाले स्वयंभू पार्श्वनाथ भगवान
लगभग 500 वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा श्री काकाजी तीर्थ अपनी अनूठी स्वयंभू पार्श्वनाथ प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध है, जो विश्व में पहली बार डबल फण वाले स्वरूप में दिखती है।
1500 किलो सोने से बना अनोखा मंदिर, पहाड़ियों के बीच यूं चमकता है यह स्वर्ण महल
तमिलनाडु के वेल्लोर में स्थित श्रीपुरम गोल्डन टेंपल करीब 1,500 किलो शुद्ध सोने से बना है और सिर्फ सात साल में तैयार हुआ यह मंदिर दक्षिण भारत के सबसे लोकप्रिय आध्यात्मिक स्थलों में गिना जाता है।
झारखंड का बारनी घाट: चट्टानों पर अंकित रहस्यमयी निशान, जहां की मान्यता है देवताओं के विश्राम की
बोकारो के चास प्रखंड स्थित कुमरी गांव में दामोदर नदी के किनारे बसा बारनी घाट अपनी प्राकृतिक चट्टानों पर उभरी धार्मिक आकृतियों और कई शिवलिंगों के कारण श्रद्धालुओं और पर्यटकों के बीच आस्था का केंद्र बना हुआ है।
मंडलेश्वर: नर्मदा तट पर 45 लाख की लागत से नया घाट, 40 फीसदी निर्माण पूरा, श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी राहत
खरगोन जिले की पवित्र नगरी मंडलेश्वर में नर्मदा तट स्थित ब्राह्मण घाट पर करीब 45 लाख रुपए की लागत से नया घाट बनाया जा रहा है, जिसका 40 फीसदी काम पूरा हो चुका है। पास में एक और नए घाट का प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया है।
गर्मी की छुट्टियों के लिए शानदार पर्यटन स्थल है जयमंगलागढ़, आस्था और प्रकृति का अनोखा संगम
बेगूसराय का जयमंगलागढ़ धार्मिक आस्था के साथ-साथ कावर झील, विशाल जंगल और प्राकृतिक नजारों के लिए मशहूर है, जो इसे गर्मी की छुट्टियों में परिवार और दोस्तों के साथ घूमने के लिए बेहतरीन जगह बनाता है।
ग्राउंड रिपोर्ट: जिस गोकुल में श्रीकृष्ण ने रची थीं बाल लीलाएं, वही पूतना कुंड आज उपेक्षा का शिकार
मथुरा के गोकुल स्थित पूतना कुंड, जहां माना जाता है कि बालक कृष्ण ने राक्षसी पूतना का वध किया था, आज गंदे पानी और झाड़ियों के बीच बदहाल पड़ा है। वर्ष 2014-15 में लगभग 50 लाख रुपये से हुए कायाकल्प के बावजूद यह ऐतिहासिक स्थल फिर जर्जर हो चुका है।
रांची का अनोखा हनुमान मंदिर: हर मन्नत होती है पूरी, मगर शाम छह बजते ही पसर जाता है सन्नाटा
रांची के उलाटू गांव की पहाड़ी पर बसे चार मुखी हनुमान मंदिर में हर भक्त की मनोकामना पूरी होने की मान्यता है, लेकिन घने जंगल और जंगली जानवरों के डर से यहां शाम 6 बजे के बाद किसी को रुकने नहीं दिया जाता।
लक्ष्मी ताल के किनारे बसा झांसी का प्राचीन लक्ष्मी मंदिर: रानी लक्ष्मीबाई की आराधना से जुड़ा आस्था का धाम
झांसी के ऐतिहासिक लक्ष्मी ताल के तट पर स्थित लक्ष्मी मंदिर इतिहास और श्रद्धा का अनूठा मेल है। माना जाता है कि महारानी लक्ष्मीबाई और राजा गंगाधर राव यहां नियमित रूप से माता लक्ष्मी की उपासना करने आते थे और आज भी यह स्थल भक्तों तथा पर्यटकों के आकर्षण का बड़...