उपनाम: धार्मिक स्थल
रांची के 3 प्रसिद्ध खाटू श्याम मंदिर, जहाँ आस्था की डोर खींच लाती है श्रद्धालुओं को
झारखंड की राजधानी रांची में खाटू श्याम जी महाराज के तीन अत्यंत भव्य मंदिर स्थित हैं, जहाँ भक्तों की अपार श्रद्धा और आस्था का सैलाब उमड़ता है। यहाँ की अलौकिक सुंदरता और भंडारे का स्वाद भक्तों को बार-बार अपनी ओर आकर्षित करता है।
नीलेश्वर महादेव मंदिर: जानिए हरिद्वार का वो रहस्यमयी स्थान जहां शिव ने पिया था विष
हरिद्वार स्थित प्राचीन नीलेश्वर महादेव मंदिर का विशेष धार्मिक महत्व है। मान्यता है कि यहीं भगवान शिव ने समुद्र मंथन का विष ग्रहण किया था और यहीं से उनका ससुराल भी दिखाई देता है।
भागलपुर का ऐतिहासिक बूढ़ानाथ मंदिर: रामायण काल से जुड़ी हैं इस पावन धाम की प्राचीन कथाएं
गंगा के तट पर बसा भागलपुर का बूढ़ानाथ मंदिर अपनी आध्यात्मिक भव्यता और रामायण काल से जुड़े गहरे संबंधों के लिए प्रसिद्ध है। सावन के पवित्र महीने में इस मंदिर में श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ती है और भक्त बाबा बाल वृद्धेश्वर नाथ का आशीर्वाद लेने पहुंचते है...
उज्जैन का अनोखा रामेश्वर महादेव मंदिर: जहां 160 डिग्री तक घूमता है शिवलिंग, मिलता है 12 ज्योतिर्लिंगों का आशीर्वाद
मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित रामेश्वर महादेव मंदिर अपनी एक विशेष खूबी के लिए देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। मान्यता है कि मंत्रोच्चार के दौरान यहां का शिवलिंग 160 डिग्री तक घूमता है और इसके दर्शन से 12 ज्योतिर्लिंगों के बराबर पुण्य प्राप्त होता है...
पटना का अनोखा पंचरूपी हनुमान मंदिर, जहां बजरंगबली अपने पांच भाइयों के साथ हैं विराजमान
पटना के राजवंशी नगर में स्थित एक बेहद खास मंदिर में हनुमान जी अपने पांच भाइयों के साथ विराजते हैं, जहां श्रद्धालु एक साथ बजरंगबली के छह स्वरूपों के दर्शन कर सकते हैं।
बालोद का सियादेवी मंदिर: जहां आज भी जीवंत है रामायण काल की पौराणिक कथा
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में स्थित मां सियादेवी मंदिर अपनी प्राकृतिक सुंदरता और रामायण काल से जुड़ी मान्यताओं के लिए श्रद्धालुओं के बीच बेहद लोकप्रिय है।
सीकर का हर्षनाथ मंदिर: 1053 साल पुराना शिवधाम और शेखावाटी का अनोखा हिल स्टेशन
राजस्थान के सीकर जिले में स्थित हर्षनाथ मंदिर अपनी ऐतिहासिक विरासत और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है, जिसे शेखावाटी का हिल स्टेशन भी कहा जाता है।
मुजफ्फरपुर के प्रसिद्ध शिव मंदिरों की महिमा, सावन में इन पावन स्थानों पर जरूर करें दर्शन
सावन का पवित्र महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सर्वोत्तम माना गया है। मुजफ्फरपुर में कई ऐसे प्राचीन शिव मंदिर हैं जहां सावन के दौरान भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है और लोग अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए यहां जलाभिषेक करते हैं।
ओडिशा का कोणार्क ही नहीं, मध्य प्रदेश के इस 300 साल पुराने मंदिर में भी सूर्य की पहली किरण करती है अभिषेक
मध्य प्रदेश के खरगोन में स्थित नवग्रह मंदिर अपनी अनूठी वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है, जहां दक्षिणायन के दौरान सूर्य की पहली किरण सीधे गर्भगृह में विराजमान सूर्य देव पर पड़ती है।
सावन में शिवमय होगा बिलासपुर: दर्शन के लिए जरूर जाएं ये 5 ऐतिहासिक और चमत्कारी शिव मंदिर
पवित्र सावन के महीने में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्थित प्राचीन शिव मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहता है। यदि आप भी महादेव की भक्ति में लीन होना चाहते हैं, तो बिलासपुर के इन पांच प्रमुख मंदिरों के दर्शन करना आपके लिए एक यादगार अनुभव हो सकता है।
पलामू का काला पहाड़: प्राकृतिक खूबसूरती, रहस्य और आस्था का एक अनोखा संगम
झारखंड के पलामू जिले में स्थित काला पहाड़ अपनी विशिष्ट भौगोलिक बनावट और धार्मिक मान्यताओं के लिए मशहूर है। यह स्थल न केवल पर्यटकों के लिए एक आकर्षण है, बल्कि सावन और मकर संक्रांति पर यहां भक्तों का तांता लगा रहता है।
बाबा कुशेश्वरनाथ धाम का होगा कायाकल्प, 44 करोड़ की लागत से मिलेंगी वर्ल्ड क्लास सुविधाएं
बिहार के दरभंगा स्थित बाबा कुशेश्वरनाथ धाम के समग्र विकास के लिए 44.03 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी मिली है। इस प्रोजेक्ट के तहत मंदिर परिसर को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
अयोध्या: राम मंदिर में दान राशि की गिनती फिर दो पालियों में शुरू, शोभनाथ मिश्र को मिली बड़ी जिम्मेदारी
श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित किए गए दान की गणना प्रक्रिया में बदलाव किया है। अब यह कार्य दो अलग-अलग शिफ्टों में किया जा रहा है और इसकी निगरानी के लिए नए प्रभारी नियुक्त किए गए हैं।
गुप्त नवरात्रि: खरगोन का द्वापरकालीन मंदिर, जहां पांडव पुत्र अर्जुन को मिला था माता का आशीर्वाद
खरगोन स्थित मां आशापुरी का प्राचीन मंदिर गुप्त नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। माना जाता है कि इसी स्थान पर महाभारत काल में अर्जुन ने कठोर तपस्या करके देवी की कृपा प्राप्त की थी।
ओंकारेश्वर और ममलेश्वर मंदिर में पारदर्शिता की मिसाल, 15 दिनों में भक्तों ने अर्पित किए 27.58 लाख
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में स्थित ओंकारेश्वर और ममलेश्वर मंदिर ट्रस्ट ने दान पेटियों की राशि का सार्वजनिक ब्यौरा जारी किया है, जो मंदिर प्रबंधन की जवाबदेही को दर्शाता है।