उपनाम: धार्मिक स्थल
कोटा का प्रसिद्ध खड़े गणेश जी मंदिर: 600 साल पुरानी प्रतिमा और भक्तों की अटूट आस्था
राजस्थान के कोटा में स्थित खड़े गणेश जी का मंदिर अपनी अनूठी प्रतिमा और प्राचीन इतिहास के लिए जाना जाता है, जहां हर बुधवार बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए उमड़ते हैं.
मोती डूंगरी गणेश मंदिर का इतिहास: मेवाड़ से जयपुर कैसे आई भगवान गणेश की यह प्राचीन प्रतिमा?
जयपुर के प्रसिद्ध मोती डूंगरी गणेश मंदिर की स्थापना वर्ष 1761 में हुई थी। यह मंदिर मेवाड़ से जुड़ी एक रोचक ऐतिहासिक गाथा के लिए जाना जाता है, जिसके तहत सवाई माधोसिंह भगवान गणेश की प्रतिमा जयपुर लाए थे।
कोटा के 5 रहस्यमयी और अनोखे मंदिर: कहीं रजिस्टर में दर्ज होती है अर्जी तो कहीं कुदरत का अद्भुत नजारा
राजस्थान का कोटा शहर केवल कोचिंग संस्थानों के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी सदियों पुरानी धार्मिक विरासत और चमत्कारी मंदिरों के लिए भी मशहूर है।
कर्नाटक-तेलंगाना सीमा पर स्थित यह दरगाह है मिनी ताजमहल, सफेद गुंबद और मीनारें जीत लेती हैं दिल
कर्नाटक और तेलंगाना की सीमा पर स्थित हजरत सैय्यद शाह मुर्तजा कादरी मुल्तानी की दरगाह अपनी भव्य वास्तुकला के कारण मिनी ताजमहल के नाम से प्रसिद्ध है। अपनी सुंदरता और शांति के लिए मशहूर यह स्थान बड़ी संख्या में पर्यटकों और श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता...
पौड़ी गढ़वाल की पहाड़ियों का वो रहस्यमयी किला, जहां से हारकर भागने पर मजबूर हुए थे गोरखा
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल स्थित भैरव गढ़ी मंदिर का इतिहास बेहद रोमांचक है, जहां 1791 के युद्ध में गोरखा सेना को 28 दिनों में ही हार झेलनी पड़ी थी।
खाटूश्यामजी और सालासर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, 30 सितंबर तक होगा सभी धार्मिक स्थलों का सिक्योरिटी ऑडिट
खाटूश्यामजी और सालासर जैसे प्रमुख धार्मिक केंद्रों पर बढ़ती श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को संभालने के लिए सरकार ने सुरक्षा नीति बदलने का फैसला लिया है। प्रदेश भर के पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा ऑडिट के लिए 30 सितंबर तक की समय सीमा तय की गई है।
कृष्ण जन्माष्टमी 2026: जानिए भारत के उन अनूठे कृष्ण मंदिरों को जहां आज भी जिंदा हैं पौराणिक कथाएं
भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर 4 सितंबर 2026 को पूरे देश में कृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव मनाया जाएगा। इस अवसर पर हम आपको देश के ऐसे विशेष मंदिरों के दर्शन कराएंगे, जिनके साथ अनोखी लोक मान्यताएं और ऐतिहासिक गौरव जुड़े हैं।
आंध्र प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक विकास: मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने दिए 5,000 नए मंदिरों के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने राज्य में पांच हजार नए मंदिरों के निर्माण को गति देने और साथ ही एक हजार प्राचीन मंदिरों के जीर्णोद्धार का आदेश दिया है।
श्रीकृष्ण की भक्ति में डूबना है तो जरूर जाएं ब्रज के इन 5 प्रसिद्ध मंदिरों में
ब्रज का पूरा क्षेत्र भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से सराबोर है। अगर आप भी कान्हा के भक्त हैं, तो इन पांच प्रमुख मंदिरों के दर्शन कर आप अपनी यात्रा को अविस्मरणीय बना सकते हैं।
मिनी रामदेवरा: अजमेर से सिर्फ 30 किमी दूर है आस्था का केंद्र, जहां की मिट्टी भी है प्रसाद
राजस्थान में भादवा के महीने में बाबा रामदेव जी की भक्ति अपने चरम पर होती है। यदि आप जैसलमेर नहीं जा पा रहे हैं, तो अजमेर के पास स्थित मिनी रामदेवरा जाकर बाबा के दर्शन कर सकते हैं।
पाकिस्तान: नारोवाल में 100 साल पुराना ऐतिहासिक हिंदू मंदिर ढहाया गया, प्रशासन का अजीबोगरीब दावा
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में एक सदी पुराने मंदिर को गिराए जाने से हड़कंप मच गया है। जहां स्थानीय लोग इसे कट्टरपंथियों की साजिश बता रहे हैं, वहीं अधिकारी इसे प्राकृतिक आपदा का नतीजा बता रहे हैं।
पाकिस्तान का शर्मनाक चेहरा: बलूचिस्तान में 200 साल पुराने गुरुद्वारे पर चला बुल्डोजर
पाकिस्तान के बलूचिस्तान में प्रशासन ने एक ऐतिहासिक 200 साल पुराने गुरुद्वारे को ध्वस्त कर दिया है, ताकि उस जगह पर मॉल बनाया जा सके। इस कार्रवाई से स्थानीय सिख समुदाय में गहरा आक्रोश है और उन्होंने इसे अपनी धार्मिक धरोहर पर हमला बताया है।
फांसीकाट महादेव मंदिर: कभी यहां दी जाती थी फांसी, अब बरसती है भोलेनाथ की कृपा
जयपुर के किशनपोल बाजार में स्थित फांसीकाट महादेव मंदिर एक प्राचीन और रहस्यमयी धार्मिक स्थल है, जिसका इतिहास रियासतकाल की सजाओं से जुड़ा है।
चमोली का रहस्यमयी गोपीनाथ मंदिर: जहां गोपी के रूप में पूजे जाते हैं भगवान शिव, मौजूद है अद्भुत विशाल त्रिशूल
उत्तराखंड के चमोली में स्थित गोपीनाथ मंदिर अपनी अनूठी वास्तुकला और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है। इस स्थान पर भगवान शिव गोपी के रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं और यहां एक प्राचीन अष्टधातु का त्रिशूल भी स्थापित है।
बालाघाट की गढ़दा पहाड़ियों में स्थित मां अन्नपूर्णा का अलौकिक धाम, चट्टानों के बीच बसे मंदिर की कठिन यात्रा
मध्य प्रदेश के बालाघाट में स्थित मां अन्नपूर्णा का मंदिर एक दुर्गम पहाड़ी पर चट्टानों के बीच बसा है, जहां तक पहुंचना किसी रोमांचक चुनौती से कम नहीं है। साल 2006 में प्रकट हुई मां की इस महिमा को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।