उपनाम: धार्मिक स्थल
रायपुर के 5 प्रसिद्ध मंदिर: आस्था का केंद्र और गौरवमयी इतिहास, जानिए इनकी विशेषताएं
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर अपनी आधुनिक पहचान के साथ ही प्राचीन धार्मिक स्थलों के लिए भी विख्यात है। यहाँ के 5 प्रमुख मंदिरों का विवरण, उनका इतिहास और उनसे जुड़ी पौराणिक मान्यताओं को विस्तार से यहाँ जानें।
राजस्थान का सिरोही: जहां मौजूद हैं चमत्कारिक और रहस्यमयी देवी मंदिर, जानिए इनकी खास बातें
सिरोही जिले में अरावली की पहाड़ियों के बीच कई ऐसे प्राचीन मंदिर स्थित हैं जो अपनी अनूठी परंपराओं और चमत्कारी कहानियों के लिए प्रसिद्ध हैं।
उत्तर प्रदेश के 51 शक्तिपीठों का रहस्य: काशी से वृंदावन तक कहां और किस रूप में विराजमान हैं माता रानी
शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश स्थित माता के प्रमुख शक्तिपीठों और उनके धार्मिक महत्व के बारे में विस्तार से जानें। यहां काशी से लेकर बलरामपुर तक देवी के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है।
झारखंड का 2000 साल पुराना मां झालखंडी मंदिर, जहां जमीन से खुद प्रकट हुई थीं देवी
पलामू जिले के मझिगांवा में स्थित मां झालखंडी मंदिर अपनी प्राचीन मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है। यहां माता के स्वयंभू स्वरूप की पूजा की जाती है और रामनवमी पर विशाल मेला लगता है।
नवरात्रि विशेष: माउंट आबू का अद्भुत अधर देवी मंदिर, जहां माता सती के गिरे थे होंठ
राजस्थान के माउंट आबू में स्थित अधर देवी मंदिर अपनी प्राकृतिक गुफा और धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। नवरात्रि के पावन पर्व पर यहां भक्तों का तांता लगा रहता है।
अयोध्या राम मंदिर में ड्रेस कोड लागू करने की तैयारी, कर्मचारियों और पुजारियों के लिए होगा नया परिधान
अयोध्या स्थित राम मंदिर प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं अनुशासित बनाने के लिए कर्मचारियों और पुजारियों हेतु ड्रेस कोड लागू करने पर विचार कर रहा है। इसके तहत अब मंदिर के सेवादारों की पहचान उनके विशेष परिधान से की जा सकेगी।
गणेश चतुर्थी 2026: देश के इन 5 प्रमुख गणेश मंदिरों में उमड़ती है सबसे ज्यादा भीड़, यहां दर्शन करना माना जाता है बेहद शुभ
कल यानी 14 सितंबर 2026 को पूरे देश में गणेश चतुर्थी का पावन त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा, जिसके लिए देशभर के प्रसिद्ध गणेश मंदिरों में विशेष तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
फिरोजाबाद का बालाजी धाम: मेहंदीपुर बालाजी जैसी महिमा, यहां दूर होती हैं नकारात्मक शक्तियां
फिरोजाबाद के शिकोहाबाद में स्थित बालाजी धाम में दूर-दूर से भक्त अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आते हैं। मंदिर की अलौकिक मान्यता और इसकी स्थापना से जुड़ी कहानी इसे बेहद खास बनाती है।
कोटा का प्रसिद्ध खड़े गणेश जी मंदिर: 600 साल पुरानी प्रतिमा और भक्तों की अटूट आस्था
राजस्थान के कोटा में स्थित खड़े गणेश जी का मंदिर अपनी अनूठी प्रतिमा और प्राचीन इतिहास के लिए जाना जाता है, जहां हर बुधवार बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए उमड़ते हैं.
मोती डूंगरी गणेश मंदिर का इतिहास: मेवाड़ से जयपुर कैसे आई भगवान गणेश की यह प्राचीन प्रतिमा?
जयपुर के प्रसिद्ध मोती डूंगरी गणेश मंदिर की स्थापना वर्ष 1761 में हुई थी। यह मंदिर मेवाड़ से जुड़ी एक रोचक ऐतिहासिक गाथा के लिए जाना जाता है, जिसके तहत सवाई माधोसिंह भगवान गणेश की प्रतिमा जयपुर लाए थे।
कोटा के 5 रहस्यमयी और अनोखे मंदिर: कहीं रजिस्टर में दर्ज होती है अर्जी तो कहीं कुदरत का अद्भुत नजारा
राजस्थान का कोटा शहर केवल कोचिंग संस्थानों के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी सदियों पुरानी धार्मिक विरासत और चमत्कारी मंदिरों के लिए भी मशहूर है।
कर्नाटक-तेलंगाना सीमा पर स्थित यह दरगाह है मिनी ताजमहल, सफेद गुंबद और मीनारें जीत लेती हैं दिल
कर्नाटक और तेलंगाना की सीमा पर स्थित हजरत सैय्यद शाह मुर्तजा कादरी मुल्तानी की दरगाह अपनी भव्य वास्तुकला के कारण मिनी ताजमहल के नाम से प्रसिद्ध है। अपनी सुंदरता और शांति के लिए मशहूर यह स्थान बड़ी संख्या में पर्यटकों और श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता...
पौड़ी गढ़वाल की पहाड़ियों का वो रहस्यमयी किला, जहां से हारकर भागने पर मजबूर हुए थे गोरखा
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल स्थित भैरव गढ़ी मंदिर का इतिहास बेहद रोमांचक है, जहां 1791 के युद्ध में गोरखा सेना को 28 दिनों में ही हार झेलनी पड़ी थी।
खाटूश्यामजी और सालासर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, 30 सितंबर तक होगा सभी धार्मिक स्थलों का सिक्योरिटी ऑडिट
खाटूश्यामजी और सालासर जैसे प्रमुख धार्मिक केंद्रों पर बढ़ती श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को संभालने के लिए सरकार ने सुरक्षा नीति बदलने का फैसला लिया है। प्रदेश भर के पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा ऑडिट के लिए 30 सितंबर तक की समय सीमा तय की गई है।
कृष्ण जन्माष्टमी 2026: जानिए भारत के उन अनूठे कृष्ण मंदिरों को जहां आज भी जिंदा हैं पौराणिक कथाएं
भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर 4 सितंबर 2026 को पूरे देश में कृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव मनाया जाएगा। इस अवसर पर हम आपको देश के ऐसे विशेष मंदिरों के दर्शन कराएंगे, जिनके साथ अनोखी लोक मान्यताएं और ऐतिहासिक गौरव जुड़े हैं।