मिनी रामदेवरा: अजमेर से सिर्फ 30 किमी दूर है आस्था का केंद्र, जहां की मिट्टी भी है प्रसाद धर्म 2 घंटे पहले 5
राजस्थान में भादवा के महीने में बाबा रामदेव जी की भक्ति अपने चरम पर होती है। यदि आप जैसलमेर नहीं जा पा रहे हैं, तो अजमेर के पास स्थित मिनी रामदेवरा जाकर बाबा के दर्शन कर सकते हैं।

भक्ति का अनूठा केंद्र

भादवा का महीना शुरू होते ही पूरा राजस्थान लोकदेवता बाबा रामदेव जी की भक्ति में डूब जाता है। जैसलमेर स्थित रामदेवरा धाम में हर साल लाखों की संख्या में भक्त बाबा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं, लेकिन जो श्रद्धालु इतनी दूर नहीं जा सकते, उनके लिए एक विकल्प मौजूद है। अजमेर से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित खुंडियास गांव में बाबा रामदेव जी का एक भव्य मंदिर है, जिसे स्थानीय लोग मिनी रामदेवरा के नाम से जानते हैं।

भोजराज गुर्जर की अटूट आस्था

इस मंदिर की स्थापना के पीछे एक प्राचीन मान्यता जुड़ी है। बताया जाता है कि बूंदी निवासी भक्त भोजराज गुर्जर की सच्ची और गहरी भक्ति से प्रसन्न होकर बाबा रामदेव जी ने उन्हें इसी पवित्र स्थान पर साक्षात दर्शन दिए थे। बाबा के आशीर्वाद से अभिभूत होकर भक्त भोजराज ने स्थानीय श्रद्धालुओं के सहयोग से यहां एक सुंदर मंदिर का निर्माण करवाया।

मंदिर की खासियत

इस मंदिर में बाबा रामदेव जी की मनमोहक मूर्ति विराजमान है, जो यहां आने वाले हर भक्त को अपनी ओर आकर्षित करती है। इस स्थान की महिमा ऐसी है कि यहां की मिट्टी को श्रद्धालु अत्यंत पवित्र मानते हैं। भक्त इस मिट्टी को प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं और अपने शरीर पर भी लगाते हैं। इस स्थान पर आकर भक्तों को वैसी ही शांति और सुख की अनुभूति होती है, जैसी जैसलमेर के मुख्य धाम में मिलती है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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