उपनाम: धार्मिक मान्यताएं
सर्वपितृ अमावस्या 2026: क्या 9 या 10 अक्टूबर को है श्राद्ध? जानिए सही तिथि और महत्व
पितृ पक्ष के समापन का प्रतीक सर्वपितृ अमावस्या का विशेष महत्व है। जानिए इस वर्ष यह किस दिन मनाई जाएगी और इसका अनुष्ठान कब करना सबसे शुभ होगा।
जितिया व्रत का पारण: थाली में इन चीजों को शामिल करना है जरूरी, जानिए क्या खाएं और क्या नहीं
जितिया व्रत के बाद पारण के दौरान खान-पान का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। परंपरा के अनुसार, थाली में नोनी साग और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करना काफी शुभ और स्वास्थ्यवर्धक माना गया है।
पितृ पक्ष 2026: इन 5 राशियों पर बरसेगी पूर्वजों की विशेष कृपा, करियर और व्यापार में होगी जबरदस्त उन्नति
पितृ पक्ष के दौरान पांच भाग्यशाली राशियों के जातकों के जीवन में बड़ा बदलाव आने वाला है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार इन राशि के लोगों को आर्थिक समृद्धि और करियर के क्षेत्र में बड़ी सफलताएं हासिल होंगी।
हस्तरेखा शास्त्र में शिवयोग: जानें क्या आपकी हथेली में मौजूद हैं भगवान शिव के ये विशेष चिह्न
हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार, हथेली पर बनने वाले कुछ विशेष चिह्न व्यक्ति के जीवन में शिवयोग का निर्माण करते हैं, जो सुख और सौभाग्य का प्रतीक माने जाते हैं।
पितृ पक्ष विशेष: जानिए श्राद्ध की शुरुआत कैसे हुई और किसने किया था सबसे पहला पितृकर्म
सनातन धर्म में श्राद्ध और पिंडदान का विशेष महत्व है। गयाजी के विद्वान आचार्यों के अनुसार, इस पवित्र परंपरा की शुरुआत महर्षि निमि ने महर्षि अत्रि के मार्गदर्शन में की थी।
पितृ पक्ष विशेष: हरिद्वार का कुशावर्त घाट है बेहद खास, जुड़ी हैं भगवान राम और दत्तात्रेय से जुड़ी पौराणिक कथाएं
पितृ पक्ष के दौरान हरिद्वार के विभिन्न घाटों पर तर्पण और पिंडदान का विशेष महत्व है। हर की पौड़ी के अलावा कुशावर्त घाट का आध्यात्मिक महत्व भी अत्यंत गहरा माना गया है।
गणेश विसर्जन 2026: क्या पंचक और भद्रा के दौरान बप्पा को विदा करना सही है? जानें दोषमुक्त समय
वर्ष 2026 में गणेश विसर्जन के दिन पंचक, भद्रा और शूल योग का विशेष संयोग बन रहा है, जिसे लेकर भक्तों में संशय है। इस लेख में जानिए कि इन स्थितियों के बावजूद बप्पा की विदाई के लिए सबसे शुभ और दोषमुक्त मुहूर्त कौन सा है।
पितृपक्ष 2026: मोक्ष का पहला द्वार है यह स्थान, गयाजी जाने से पहले यहां क्यों करते हैं पिंडदान?
पितृपक्ष के दौरान गयाजी को पिंडदान का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है, लेकिन एक विशेष स्थान ऐसा भी है जहां गया जाने से पहले तर्पण करना बेहद जरूरी है। जानिए भगवान श्री राम और माता सीता से जुड़ी इस जगह का धार्मिक महत्व और पितृपक्ष की प्रमुख तिथियां।
पितृपक्ष में नवमी और अमावस्या का विशेष महत्व, जानें क्यों हैं ये तिथियां सबसे खास
पितृपक्ष के दौरान नवमी और अमावस्या तिथि का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। जानें कि इन दिनों में पूर्वजों के लिए किए गए श्राद्ध और तर्पण से कैसे सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
राधा अष्टमी 2026: जीवन में प्रेम और खुशहाली लाने के लिए इस दिन घर लाएं ये 5 शुभ वस्तुएं
राधा अष्टमी के पावन पर्व पर राधा रानी की विशेष कृपा पाने के लिए पूजा-अर्चना और व्रत का बड़ा महत्व है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य के अनुसार, इस शुभ तिथि पर कुछ खास चीजों को घर लाना सुख और समृद्धि का कारक माना जाता है।
हरतालिका तीज विशेष: व्रत में गणेश जी की कथा सुनना क्यों है जरूरी, जानें इसका महत्व
हरतालिका तीज के दिन शिव-पार्वती की पूजा के साथ भगवान गणेश की पौराणिक कथा सुनने का विशेष महत्व है, जिसे सुनने से पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है।
गणेश चतुर्थी पर चांद देखने की मनाही क्यों है? जानें दर्शन का सही समय और बचाव के उपाय
गणेश चतुर्थी के अवसर पर चंद्रमा के दर्शन करने से जुड़े विशेष निषेध और कलंक चतुर्थी से जुड़ी मान्यताओं के बारे में पूरी जानकारी यहाँ दी गई है।
गणेश चतुर्थी 2026: बप्पा को घर लाने की तैयारी है? 14 सितंबर को स्थापना के 3 शुभ मुहूर्त और जरूरी नियम
गणेश चतुर्थी के अवसर पर 14 सितंबर को घर में प्रतिमा स्थापना के लिए तीन विशेष शुभ मुहूर्त बताए गए हैं। ज्योतिषाचार्य के अनुसार गृहस्थों को मूर्ति चयन और चंद्र दर्शन को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
यमुनोत्री धाम: क्यों खास है सूर्यपुत्री यमुना का आशीर्वाद और अकाल मृत्यु का भय मिटाने वाली पौराणिक कथा?
उत्तराखंड के उत्तरकाशी में स्थित यमुनोत्री धाम न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यहाँ की पौराणिक कथाएँ और आस्था श्रद्धालुओं को गहरे आध्यात्मिक अनुभव से जोड़ती हैं। जानिए, क्यों यमुनोत्री में स्नान करने को अकाल मृत्यु के भय को दूर करने...
आर्द्रा नक्षत्र का विशेष संयोग: रविवार को इन अचूक उपायों से बदलें अपनी किस्मत
रविवार को आर्द्रा नक्षत्र का शुभ योग बन रहा है, जो शाम 7 बजकर 53 मिनट तक प्रभावी रहेगा। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान किए गए विशेष उपाय करियर, आर्थिक बाधाओं और व्यक्तिगत समस्याओं को दूर करने में सहायक माने जाते हैं।