उपनाम: धार्मिक मान्यताएं
हरिद्वार क्यों कहलाता है 'हर का द्वार'? भगवान शिव और पौराणिक मान्यताओं से जुड़ा इसका अनोखा रहस्य
उत्तराखंड की पावन नगरी हरिद्वार अपनी धार्मिक मान्यताओं और गंगा के किनारे बसे होने के कारण देशभर में प्रसिद्ध है। क्या आप जानते हैं कि इसे 'हर का द्वार' क्यों कहा जाता है और इसका भगवान शिव के साथ क्या गहरा संबंध है?
शिवलिंग पर जलाभिषेक के बाद बचे हुए जल का क्या करें? भूलकर भी न करें ये बड़ी गलती
सावन के पावन महीने में शिवलिंग की पूजा के बाद बचे हुए जल का विसर्जन कैसे करें, इसे लेकर शास्त्र और वास्तु क्या कहते हैं, जानिए पूरी जानकारी।
आषाढ़ माह का आगाज: चातुर्मास में इस तरह करें भगवान शिव की पूजा, दूर होंगी सभी बाधाएं
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आषाढ़ मास के साथ ही चातुर्मास का शुभारंभ हो गया है, जिसमें भगवान शिव की विशेष आराधना करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
अंतिम संस्कार के बाद पीछे मुड़कर क्यों नहीं देखा जाता? जानिए श्मशान से जुड़ी प्राचीन परंपराएं
अंतिम संस्कार के बाद श्मशान से लौटते समय पीछे न देखने और बच्चों को वहां ले जाने से बचने जैसी परंपराओं के पीछे गहरे धार्मिक और मनोवैज्ञानिक कारण छिपे हैं। आइए जानते हैं कि शास्त्रों के अनुसार इनके पीछे का वास्तविक महत्व क्या है।
कछुए की अंगूठी धारण करने से पहले जान लें जरूरी नियम, इन राशियों के लिए हो सकती है नुकसानदायक
आजकल सुख और समृद्धि पाने के लिए कई लोग कछुए की अंगूठी पहन रहे हैं, लेकिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इसे बिना सोचे-समझे पहनना घातक हो सकता है। जानिए इसे पहनने का सही तरीका और किन राशियों को रहना चाहिए सावधान।
क्या मंदिर दर्शन के लिए खाली पेट जाना है जरूरी? जानें धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी अहम जानकारी
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंदिर जाने का सही समय और नियम क्या होने चाहिए, इसे लेकर अक्सर लोगों के मन में भ्रम रहता है। आइए जानते हैं कि शास्त्र और ज्योतिष के नजरिए से भोजन और मंदिर दर्शन का क्या संबंध है।
कोटा का चारचोमा पंचमुखी महादेव मंदिर: जहां कुंड के जल से मिट जाते हैं चर्म रोग
राजस्थान के कोटा जिले में स्थित चारचोमा का पंचमुखी महादेव मंदिर अपने ऐतिहासिक महत्व और चमत्कारी कुंड के लिए जाना जाता है। मान्यता है कि इस मंदिर के कुंड में स्नान करने मात्र से त्वचा संबंधी बीमारियां दूर हो जाती हैं।
ज्येष्ठ पूर्णिमा 2026: आज अद्भुत संयोग में है ज्येष्ठ पूर्णिमा, जानें सत्यनारायण पूजन का शुभ समय, महत्व और अचूक नियम
वर्ष 2026 की ज्येष्ठ पूर्णिमा सोमवार के दिन पड़ने के कारण इसका धार्मिक महत्व अत्यधिक बढ़ गया है, इस पावन अवसर पर सत्यनारायण कथा और दान-पुण्य के नियमों की विस्तृत जानकारी यहाँ दी गई है।
शनिवार को काले कपड़े पहनना क्या सही है, शनि देव से जुड़े इस गहरे रहस्य को समझें
शनिवार के दिन काले कपड़े पहनने को लेकर ज्योतिष शास्त्र में कई महत्वपूर्ण मान्यताएं हैं। जानिए इस दिन काले रंग का उपयोग करना शुभ होता है या इसके पीछे कोई और तर्क काम करता है।
फिरोजाबाद का चमत्कारी 'चौरासी घंटा' मंदिर: जहां देवी मां की कृपा से दूर होती हैं बीमारियां और पूरी होती हैं मनोकामनाएं
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में स्थित प्राचीन चौरासी घंटा मंदिर अपनी अनूठी मान्यताओं और दो सौ साल पुरानी देवी प्रतिमाओं के लिए मशहूर है। इस मंदिर में दर्शन करने से भक्तों को चेचक जैसी गंभीर बीमारियों से राहत मिलती है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
पूजा घर में मूर्तियों की संख्या और आकार का क्या है नियम, जानिए वास्तु और ज्योतिष की सटीक सलाह
घर के मंदिर में देवी-देवताओं की प्रतिमाएं रखने के दौरान वास्तु और ज्योतिष के नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है ताकि घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे। आइए जानते हैं कि मूर्तियों की आदर्श संख्या और उनका सही आकार क्या होना चाहिए।
गरुड़ पुराण के अनुसार बाल कटवाने और धोने के लिए कौन से दिन हैं शुभ और अशुभ
धार्मिक ग्रंथों में बाल काटने और धोने के लिए विशेष नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करने से जीवन में सुख और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
सपने में गाय और बछड़ा देखना है बेहद शुभ, जीवन में आ सकती हैं खुशियां
स्वप्न शास्त्र के अनुसार सपने में गाय और बछड़े का दिखना सौभाग्य और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। जानिए यह सपना आपके जीवन में किस तरह के शुभ बदलाव ला सकता है।
मुहर्रम में मातम क्यों मनाया जाता है? जानिए कर्बला के उस बलिदान की कहानी जिसने दुनिया बदल दी
इस्लामी कैलेंडर के पहले महीने मुहर्रम की पहचान इमाम हुसैन की शहादत से जुड़ी है। जानिए क्यों दुनिया भर के मुसलमान इस महीने में गम और मातम मनाते हैं।
सावन 2026: कांवड़ यात्रा पर जाने से पहले समझें कांवड़ के प्रकार और उनसे जुड़े कड़े नियम
सावन के पावन महीने में लाखों शिवभक्त कांवड़ यात्रा के लिए निकलते हैं। क्या आप जानते हैं कि कांवड़ के अलग-अलग प्रकार और उनके नियम भी भिन्न होते हैं?