गणेश विसर्जन 2026: क्या पंचक और भद्रा के दौरान बप्पा को विदा करना सही है? जानें दोषमुक्त समय धर्म 4 घंटे पहले 5
वर्ष 2026 में गणेश विसर्जन के दिन पंचक, भद्रा और शूल योग का विशेष संयोग बन रहा है, जिसे लेकर भक्तों में संशय है। इस लेख में जानिए कि इन स्थितियों के बावजूद बप्पा की विदाई के लिए सबसे शुभ और दोषमुक्त मुहूर्त कौन सा है।

अनंत चतुर्दशी और गणेश विदाई का महत्व

गणेशोत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर होता है, जो भक्तों के लिए भावुक पल होता है। इस दिन श्रद्धालु अपने घरों और सार्वजनिक पंडालों में विराजमान बप्पा को सम्मान के साथ विदा करते हैं। मान्यता है कि यह विसर्जन केवल प्रतिमा को जल में प्रवाहित करना नहीं है, बल्कि भगवान गणेश को विदाई देकर अगले वर्ष पुनः आने का आमंत्रण देने की एक पवित्र प्रक्रिया है। यह विसर्जन प्रकृति के उस शाश्वत चक्र का प्रतीक है, जहाँ हर आगमन का अंत पुनः अपने मूल तत्व में विलीन होकर होता है। हालांकि, वर्ष 2026 में भक्तों के मन में विसर्जन के मुहूर्त को लेकर थोड़ी चिंता है, क्योंकि इस दिन ज्योतिषीय दृष्टिकोण से कई कठिन योग एक साथ बन रहे हैं।

पंचक, भद्रा और शूल योग का प्रभाव

पंचांग की गणनाओं के अनुसार, इस वर्ष गणेश विसर्जन यानी 25 सितंबर 2026 को पूरे दिन पंचक काल का साया रहने वाला है। साथ ही, भद्रा का प्रभाव भी पूरे दिन बना रहेगा। स्थिति तब और अधिक जटिल हो जाती है जब हम जानते हैं कि इस दिन दोपहर 2 बजकर 5 मिनट तक शूल योग भी उपस्थित रहेगा। शूल योग को ज्योतिष में एक अशुभ योग माना गया है, जिसका शाब्दिक अर्थ एक कांटा या चुभने वाले शस्त्र से है, जो कष्टकारी माना जाता है। इसी कारण भक्त यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि क्या इतने नकारात्मक संयोगों के बीच विसर्जन करना उचित है या नहीं।

क्या पंचक में विसर्जन किया जा सकता है?

पंचक के विषय में बहुत से लोगों में यह दुविधा रहती है कि क्या इस अवधि में कोई शुभ कार्य या विसर्जन किया जाना चाहिए। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, पंचक के नियम मुख्य रूप से मृत्यु और उससे संबंधित अंतिम संस्कार के क्रियाकलापों के लिए विशेष रूप से वर्जित माने जाते हैं। विसर्जन का अर्थ देव प्रतिमा को जल में समर्पित करना है, न कि अंतिम संस्कार करना। कई विद्वान ज्योतिषाचार्यों का यह मानना है कि देव प्रतिमा का विसर्जन पंचक के नियमों से स्वतंत्र है। अतः, इसे किसी भी प्रकार से अशुभ नहीं माना जाना चाहिए और श्रद्धालु श्रद्धापूर्वक बप्पा को विदा कर सकते हैं। पंचांग के अनुसार, पंचक की शुरुआत 23 सितंबर की रात से हो गई है, जो 28 सितंबर की सुबह तक बनी रहेगी। वहीं, 25 सितंबर को भद्रा सुबह 11 बजकर 6 मिनट से शुरू होकर अगले दिन 6 बजकर 12 मिनट तक रहेगी।

विसर्जन के लिए 2026 के शुभ मुहूर्त

गणेश विसर्जन के लिए शहर दर शहर चौघड़िया के समय में कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है, लेकिन पंचांग के आधार पर नीचे दिए गए समय को विसर्जन के लिए अत्यंत उत्तम माना गया है।

  • लाभ चौघड़िया: सुबह 7:41 से 9:12 बजे तक
  • अमृत चौघड़िया: सुबह 9:12 से 10:42 बजे तक
  • शुभ चौघड़िया: दोपहर 12:13 से 1:43 बजे तक
  • चर एवं लाभ मुहूर्त: दोपहर 12:15 से 3:18 बजे तक
  • उत्तम विसर्जन मुहूर्त: सुबह 06:02 से दोपहर 2:36 बजे के बीच
  • प्रातः काल शुभ समय: सुबह 06:12 से 10:42 बजे तक
  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:48 से 12:36 बजे तक
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:14 से 03:02 बजे तक
  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:15 से 06:39 बजे तक
  • रवि योग: सुबह 06:12 से 11:22 बजे तक

विसर्जन से पूर्व करें उत्तर पूजा

विसर्जन करने से पहले यह अनिवार्य है कि आप विधि-विधान से बप्पा की पूजा-अर्चना करें। प्रतिमा के सामने धूप, दीप, अगरबत्ती जलाएं और आरती करें। उन्हें फूल, दूर्वा, ताजे फल और मोदक या अपनी क्षमता के अनुसार नैवेद्य अर्पित करें। इस दौरान परिवार के सभी सदस्य एकत्रित होकर भगवान गणेश से सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें। यदि पूजा के दौरान कोई अनजाने में भूल या त्रुटि हुई हो, तो बप्पा से उसके लिए क्षमा याचना अवश्य करें, क्योंकि भगवान गणेश क्षमाशील देवता हैं।

ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें

विसर्जन की प्रक्रिया को स्वच्छ और सुरक्षित बनाने के लिए इन बिंदुओं का पालन करना आवश्यक है:

  • विसर्जन के लिए जाते समय पूरे सम्मान के साथ प्रतिमा को विसर्जन स्थल तक ले जाएं।
  • हमेशा स्थानीय प्रशासन द्वारा निर्धारित विसर्जन स्थलों का ही उपयोग करें।
  • पर्यावरण संरक्षण के लिए केवल मिट्टी की प्रतिमा का ही उपयोग करना चाहिए।
  • फूल, माला और अन्य पूजा सामग्री (निर्माल्य) को सीधे जल में न बहाएं, उन्हें अलग निर्धारित स्थान पर रखें।
  • नदी, तालाब या समुद्र के तट पर विसर्जन के दौरान बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।
  • धार्मिक मान्यताओं का पालन करते हुए स्थानीय नियमों और स्वच्छता का पूरा ख्याल रखें।
आन्या कपूर पाबना के मनोरंजन रिपोर्टर हैं, जो बॉलीवुड, ओटीटी और टेलीविजन की खबरें कवर करते हैं। फिल्मों, वेब सीरीज, सेलिब्रिटी और बॉक्स ऑफिस पर उनकी पैनी नजर रहती है। वे मनोरंजन जगत की हलचल को रोचक अंदाज में दर्शकों तक लाते हैं।

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